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  • यह निर्णय केवल उन स्टूडेंट्स पर लागू होगा जिनके सभी वर्ग ऑनलाइन हो चुके हैं
  • एफ -1 और एम -1 वीजा ग्रेड वाले स्टूडेंट्स इससे प्रभावित होंगे

दैनिक भास्कर

जुलाई 07, 2020, 10:17 AM IST

वॉशिंगटन। अमेरिका में रहने वाले विदेशी छात्र ट्रम्प प्रशासन के एक फैसले से प्रभावित होने वाले हैं। अमेरिकी सरकार ने कहा है कि जिन स्टूडेंट्स की सभी कक्षाएं ऑनलाइन शिफ्ट हो गई हैं, उन्हें देश लौटना होगा। डोनाल्ड ट्रम्प प्रशासन के इस फैसले से कुल 10 लाख स्टूडेंट्स पर असर पड़ेगा। ये 2 लाख से ज्यादा भारतीय हैं। यहां सबसे ज्यादा स्टूडेंट्स चीन से आते हैं। इसके बाद भारतीयों का नंबर है। ग्रेजुएशन या पोस्ट ग्रेजुएशन वाले स्टूडेंट्स के लिए एफ -1 और एम -1 की के वीजा जारी किए जाते हैं। इस मामले को सवाल-जवाब के माध्यम से समझने की कोशिश करते हैं।

Q. अमेरिका ने क्या फैसला लिया है?

ए इमीग्रेशन और कस्टम एनफोर्समेंट डिपार्टमेंट ने यह आदेश जारी किया है। इसके अनुसार, वे फॉरेन स्टूडेंट्स जो अमेरिका में ग्रेजुएशन या पोस्ट ग्रेज्यूशन कोर्सेस कर रहे हैं, और जिनके सभी वर्गों के ऑनलाइन कॉन्क्ट की जा रही हैं, उन्हें देश छोड़ना होगा।

प्र। सभी विदेशी छात्रों को देश लौटना होगा?

उ। है। आदेश सिर्फ उन्हीं पर लागू होगा जिनके सभी वर्ग ऑनलाइन चल रहे हैं। यानी इन छात्रों को कॉलेज या विश्वविद्यालय जाना जरूरी नहीं है।

अगर कोई स्टूडेंट अपने देश नहीं लौटाता है तो क्या होगा?

ए सीएनएन ने सूत्रों के हवाले से कहा है- अगर कोई फॉरेन स्टूडेंट ऑर्डर के बावजूद अमेरिका नहीं छोड़ता तो फिर उसे जबरन उसके देश भेज देता।

Q. आखिरकार इस फैसले की वजह क्या है?

ए सीएनएन के मुताबिक, ट्रम्पिसा ने कहा कि यह फैसला महामारी का प्रभाव कम करने के लिए किया गया है। इससे स्वास्थ्य फेसेलिटीज पर बोझ कम होगा। सरकारी पैसे की भी बचत होगी।

Q. क्या सभी स्टूडेंट्स वापस आएंगे?

A. यह काफी मुश्किल होगा। सीएनएन ने एक्सपर्ट्स के हवाले से कहा- कई देश ऐसे हैं, जिनके पास बैन या इससे जुड़ी दूसरी पाबंदियां लगा रखी हैं। इन देशों के स्टूडेंट्स के साथ क्या होगा? यह निश्चित नहीं है।

Q. असर किस पर पड़ेगा? ये कितने भारतीय हैं?

ए कुल मिलाकर लगभग 10 लाख स्टूडेंट्स पर इस फैसले का असर होगा। ये दो लाख से ज्यादा भारतीय हैं।

Q. भारतीय छात्रों की वापसी कैसी होगी? सरकार ने इस पर क्या कहा है?

ए अन्य देशों में फंसे भारतीयों को वंदे भारत मिशन के तहत देश वापस लाया जा रहा है। अमेरिका में यह फैसला सोमवार शाम को ही लिया गया है। भारत सरकार ने वर्तमान में, इस पर समीक्षा नहीं दी है।

Q. क्या सभी क्लासेस ऑनलाइन होंगी?

A. यह अभी तय नहीं है। जैसे हार्वर्ड यूनिवर्सिटी ने कहा है कि वह अपने 40% स्टूडेंट्स को कैम्पस में आने की मंजूरी देगी।

Q. किस देश के कितने स्टूडेंट्स हैं?

A. 2018-19 के आंकड़ों के मुताबिक, चीन के 3 लाख 69 हजार 548, भारत के 2 लाख 20 हजार 14 और साऊथ कोरिया के 52 हजार 250 स्टूडेंट्स हैं।

प्र। ये स्टूडेंट्स अमेरिकन इकोनामी में क्या कॉन्ट्रिब्यूट करते हैं?

A. 2018-19 के लिए अमेरिका में कुल 10 लाख विदेशी छात्रों ने प्रवेश लिए हैं। यह अमेरिका में हायर स्टडीज करने वालों का 5.5% है। 2018 में अमेरिका को विदेशी छात्रों से 4470 करोड़ डॉलर की कमाई हुई थी।





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By GAUTAM

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