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जम्मू, जागरण संवाददाता: जम्मू संभाग के कई जिलों में बारिश ने तबाही मचा रखी है। बारिश के चलते नदी-नाले उफान पर हैं जिसके कारण बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। कई जगह भारी नुकसान की सूचनाएं हैं। बुधवार को जम्मू में सभी निचले क्षेत्रों में भारी जलभराव हो गया है। लोगों के घरों में कई फुट पानी घुस गया है। अधिकतर घरों में बिजली के उपकरण जल गए। खाने-पीने का सामान खराब हो गया है। यही नहीं सड़कों पर भी भारी जलभराव हो गया है जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। मौसम विभाग ने जम्मू-कश्मीर के पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन की चेतावनी भी जारी की है। इसके साथ ही मौसम विभाग ने कल भी कई इलाकों में भारी बारिश के आसार जताए हैं।

शहर के त्रिकुटा नगर एक्सटेंशन, अम्बेडकर नगर में यूं तो जलभराव कोई नई बात नहीं लेकिन इससे पहले कभी इतना पानी नहीं चढ़ा था। क्षेत्र में बहने वाले नाले से करीब दो फुट ऊपर तक पानी रहा। मुहल्ले के हर घर में दो से पांच फुट तक पानी घुसा। मुहल्ले में करीब चालीस घरों में पानी ने तबाही मचाई। त्रिकुटा नगर सेक्टर-2ए एक्सटेंशन में नाले का पानी दीवार तोड़ कर घरों में आ घुसा। साथ लगते इन मुहल्लों में हालत इतनी बिगड़ गई कि लाेगों की मदद के लिए एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंचे। एसडीआरएफ ने पंप लगाकर लोगों के घरों से पानी निकाला। यहां रहने वाले दीपक कुमार, जगदीश राज गुप्ता, चौधरी बाल राम ने बताया कि करीब पांच फुट पानी घर में घुस आने पर जान बचाना मुश्किल होने लगा था। सारा सामान तबाह हो चुका है। खीने-पीने की चीजें तक नहीं बचीं। कोई नेता अथवा जिला प्रशासन का अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा।

औद्योगिक क्षेत्र गंग्याल में भी सभी नाले उफान पर थे। नालों व नालियों का पानी लोगों के घरों के साथ-साथ इकाइयों में भी घुस गया। औद्याेगिक क्षेत्र में स्थित ब्रेड फैक्ट्री और फ्लोर मिल समेत अन्य इकाइयों में जलभराव होने से इकाई मालिकों को काफी नुकसान हुआ।

अम्बेडकर नगर में रहने वाले राजेंद्र सिंह, अंकुश शर्मा, रविंद्र सिंह, राम कुमार, कमल देव ने कहा कि ऐसी तबाही पहली बार हुई है। मुहल्ले में अधिकतर लोगों ने पानी से बचने के लिए घरों के बाहर तीन-चार फुट की दीवारें लगा रखी हैं। आज पानी इतना ज्यादा था कि इसके ऊपर से होता हुआ घरों, दुकानों में आ घुसा। बहुत नुकसान हुआ है। घर में कोई सामान ठीक नहीं बचा। नानक नगर के सभी सेक्टरों में जलभराव हुआ है। सेक्टर 7 और 6 तथा 12 में नाले किनारे वाले घरों में दो फुट से चार फुट तक पानी चढ़ गया। ऐसे ही संजय नगर में करीब तीस घरों में पानी घुसा। डिग्याना, रूपनगर, ऊधम सिंह नगर में भी करीब बीस घरों में पानी से लोगों को नुकसान झेलना पड़ा।

नाले की चाैड़ाई कम होने से हुआ जलभराव: गंग्याल क्षेत्र में नाले के निर्माण के दौरान इसकी चौड़ाई कम कर दी गई। यही कारण रहा कि आज जब झमाझम बारिश हुई तो गंग्याल के अधिकतर मुहल्लों में दो से चार फुट पानी जमा हो गया। लोगों के बेड पानी में डूब गए। फ्रिज, टीवी, कूलर तक पानी से भर गए। क्षेत्र वासियों संजय कुमार, गोकुल कुमार, रमेश लाल, स्वर्ण सिंह ने कहा कि उनके घर में करीब तीन फुट पानी चढ़ा। नाले को चौड़ा करने के बजाय जमीन बचाई गई। अब लोग डूबने लगे हैं। गंग्याल में नाले के ओवरफ्लो होने से कई फैक्ट्रियों में भी पानी चला गया। अमर फ्लोर मिल सहित आसपास कुछ और व्यापारिक प्रतिष्ठानों में जलभराव से लाखों रुपये का नुकसान हुआ।

दड़प में बहा पुल : शहर के साथ लगते दड़प क्षेत्र में कई गांवों को जोड़ने वाला पुल भी नाले में आई बाढ़ में बह गया। करीब छह साल पहले इस पुल को बनाया गया था। करीब 22 गांवों को जोड़ने वाले इस पुल के बहने से लोगों को शहर से संपर्क कट गया है। इस पुल के बहने के कारण लोगाें को बिश्नाह, मीरां साहिब व अन्य छोटे रास्तों को अपना कर शहर पहुंचना पड़ा। बुधवार सुबह करीब साढ़े बजे यह पुल पानी में क्षतिग्रस्त होने के साथ ही बह गया।

ग्रेटर कैलाश में गिरा ओएचटी: शहर के ग्रेटर कैलाश इलाके में बना पानी का ओवर हैड टैंक धराशायी हो गया। करीब आठ साल पहले ग्रेटर कैलाश में यह ओएचटी बनाया गया था। इसमें से लोगों को पानी की आपूर्ति नहीं करवाई जा सकी थी। यह खराब ही पड़ा हुआ था। बुधवार सुबह यह बारिश के दौरान यह अचानक गिर गया। हालांकि इससे किसी जानमान के नुकसान की सूचना नहीं है।

मंजाकोट राजौरी में भूस्खलन में एक व्यक्ति की मौत: जिला राजौरी के मंजाकोट सेक्टर के कोटली गांव में बुधवार को हुई बारिश के बाद हुए भूस्खलन की चपेट में आने से एक 35 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई। बारिश के कारण जिला राजौरी और पुंछ में कई जगह भूस्खलन हुआ है जिसकी वजह से सड़कों और पुलों को आंशिक रूप से नुकसान पहुंचा है।मंजाकोट के कोटली गांव में हुए भूस्खलन की चपेट में आने से 35 वर्षीय शाेकीत पुत्र मोहम्मद हुसैन की मौत हो गई। इलाके के स्थानीय लोगों ने युवक को बचाने के लिए बचाव कार्य शुरू किया परंतु उसकी मौत हो चुकी थी। वहीं जिला पुंछ के बालाकोट सेक्टर में सांगियोट गांव में एक मवेशी शेड ढह जाने से उसके भीतर बंधे कई मवेशियों की मौत हो गई।वहीं जिला प्रशासनिक अधिकारियों ने कहा कि भारी वर्षा के कारण राजौरी की अधिकांश नदियों और छोटे जल निकायों में बाढ़ आ गई है। लोगों में दहशत है। उन्होंने इन नदी-नालों के साथ लगते इलाकों में अलर्ट जारी कर दिया है।



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