Share this


  • पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में पहले मंदिर का निर्माण कार्य शुरू होने के कुछ दिन बाद ही रोक दिया गया था
  • निर्माण के लिए फंड और मंजूरी इमरान सरकार ने दी थी, कट्टरपंथियों ने इसमें रोड़े अटका, फतवा किया था

दैनिक भास्कर

Jul 07, 2020, 02:45 PM IST

इस्लामाबाद। मंदिर निर्माण का वादा करना और फिर उसे रोकना पाकिस्तान सरकार के लिए परेशानी का सबब बन गया है। इमरान खान सरकार ने निर्माण की मंजूरी दी। फंड भी जारी किया लेकिन, कट्टरपंथियों के दबाव में मंदिर का काम रोकना पड़ा। अब एमनेस्टी इंटरनेशनल ने इमरान सरकार को धार्मिक कट्टरता छोड़ने और मंदिर निर्माण शुरू करने को कहा है।

पिछले सप्ताह काम शुरू हुआ था। बाउंड्री वाल बनाया जा रहा था। इस्लामाबाद की लोकलिस्टा ने इसे हलवा दिया। कुछ लोगों ने बाउंड्री वाल तोड़ दी। अब सरकार कह रही है कि सभी पक्षों से बातचीत की जाएगी।

एमनेस्टी इंटरनेशनल ने क्या कहा?
मंगलवार को एमनेस्ट इंटरनेशनल ने इस्लामाबाद में मंदिर निर्माण रुकने पर नाराजगी जाहिर करते हुए पाकिस्तान को नसीहत दी। संगठन ने ट्वीट में कहा- सभी को धार्मिक स्वतंत्रता है। पाकिस्तान के संविधान में इसकी इजाजत दी गई है। यह आंतरिक जिम्मेदारी भी है। मंदिर निर्माण रुक जाना गलत कदम और कट्टरता है। पाकिस्तान को फौरन अपना फैसला बदलना चाहिए।

अब तक क्या हुआ?
दुनिया में अपनी लिबरल इमेज बनाने के लिए इमरान खान ने पिछले महीने इस्लामाबाद में पहले मंदिर निर्माण की मंजूरी दी। 10 करोड़ रुपये का बजट भी जारी किया। बाउंड्री वाल और फाउंडेशन का काम शुरू हुआ तो लोकलिबा ने गुरुवार को इसे रोक दिया। कहा कि मंदिर का नक्शा और योजना जरूरी है।

अगले दिन रात में कुछ लोगों ने बाउंड्री वाल तोड़ दी। अब धार्मिक मामलों का मंत्रालय कह रहा है कि वह सभी पक्षों से बात करेगा। इस्लामाबाद हाईकोर्ट में निर्माण रोकने की याचिका पर सुनवाई जारी है।

इस्लामाबाद में मंदिर निर्माण से जुड़ी ये खबरें भी आप पढ़ सकते हैं …

1. इमरान ने मंदिर बनाने के लिए 10 करोड़ दिए थे, धार्मिक संस्था का सवाल- जनता के पैसे से गैर-मुस्लिमों के लिए मंदिर क्यों?
2. इमरान की मंजूरी के बाद भी लोकलिस्टा ने मंदिर का काम रोक दिया, कट्टरपंथी गुट ने नींव का ऊपरी हिस्सा तोड़ा





Source link

By GAUTAM

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *