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दैनिक भास्कर

Jul 04, 2020, 08:20 PM IST

नई दिल्ली। भारतीय वायुसेना ने फिर एक बार चीन से सटी सीमा पर ताकत दिखाई है। यहां सुखोई -30, एमकेआई और मिग -29 फाइटर प्लेन उड़ान भर रहे हैं। इस मौके पर एक स्क्वाड्रन लीडर ने कहा- इस बेस पर तैनात वायुसेना का हर हवाई जहाज पूरी तरह से प्रशिक्षण और सभी चुनौतियों का सामना करने में सक्षम है। हमारा जोश हमेशा उच्च रहा है और गौरव से अस्मान स्पर्शता रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी ने एक दिन पहले ही किया है लद्दाख का दौरा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गलवान झड़प के 18 दिन बाद शुक्रवार को अचानक लेह पहुंचे। यहां उन्होंने जवानों से मुलाकात की और उनका हौसला बढ़ाया। इस दौरान उन्होंने अफसरों से सीमा की स्थिति का जायजा लिया। वे मिलिट्री अस्पताल में भर्ती जख्मी सैनिकों से भी मिले। मोदी ने लद्दाख स्थित नीमू बेस पर थलसे, वायुसेना और आईटीबीपी के जवानों से मुलाकात की। उनके साथ शेफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत और आर्मी चीफ एमएम नरवने भी थे। मुलाकात के बाद जवानों ने ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम’ के नारे लगाए।

भारत के जवानों का साहस दुनिया में किसी से कम नहीं
मोदी ने कहा, ने जिस आज जिस कठिन परिस्थिति में आप देश की हिफजत करते हैं, उसका मुकाबला पूरी दुनिया में नहीं कर सकता। आपका साहस उस ऊंचाई से भी ऊंचा है, जहां आप तैनात हैं। आपका निश्चय उस घाटी से भी सख्त है, जिसे आप रोज कदमों से नापते हैं। आपकी इच्छाशक्ति आसपास के पर्वतों जैसी अटल है। ”

15 जून को हुई झड़प में भारत के 20 युवा शहीद हुए थे

15 जून को लद्दाख की गलवान घाटी में भारत और चीन के सैनिकों के बीच झड़प हुई थी। इसमें भारत के 20 युवा शहीद हो गए थे। चीन के 40 से अधिक सैनिक मारे गए थे। हालांकि, चीन ने अभी तक अपने मारे गए सैनिकों की संख्या नहीं बताई है।





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