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प्रदेश में पिछले तीन दिन से हो रही लगातार बारिश से बैतरणी, सुवर्ण रेखा, जलका एवं महानदी का जलस्तर बढ़ने से निचले इलाके में रहने वाले लोगों की बढ़ी मुसीबत। कई गावों के संपर्क बाहरी दुनिया से कटे तो हजारों हेक्टर जमीन में लगी फसल बर्बाद हो गई है।

बैतरणी नदी में आयी बाढ़ ने मचाया कोहराम

भद्रक जिले में बैतरणी नदी में आयी बाढ़ ने इलाके में कोहराम मचाना शुरु कर दिया है। जानकारी के मुताबिक भंडारीपोखरी के 8 पंचायत एवं धामनगर के 7 पंचायत पूरी तरह से बाढ़ के पानी के घेरे में आ गए हैं। मालदा के पास शरता ब्रीज के ऊपर से बाढ़ का पानी प्रवाहित हो रहा है। दोबल के पास भी बाढ़ का पानी सड़क के ऊपर से प्रवाहित हो रहा है। इससे भंडारीपोखरी एवं धामनगर से जाजपुर के बीच संपर्क कट गया है। आखुआपदा में नदी खतरे के निशान से लगभग दो मीटर ऊपर प्रवाहित होने से नदी के निचले हिस्से में रहने वाले लोगों की मुसीबत बढ़ गई है। यहां नदी का खतरे का निशान 17.83 मीटर है जबकि नदी 19.56 मीटर पर प्रवाहित हो रही है।
जलका नदी खतरे के निशान के पार

उसी तरह से बालेश्वर जिले के मथानी में जलका नदी खतरे के निशान के पार हो रही है प्र​वाहित हो रही है। यहां खतरे का निशान 5.50 मीटर है जबकि नदी 7.05 मीटर पर प्र​वाहित हो रही है। इससे कटिपोल-सानखुड़ी मार्ग के ऊपर 3 फुट बाढ़ का पानी बह रहा है। बारिश जारी रहने से मथानी, बहरदा, सानखुड़ी, श्रीरामपुर, रसलपुर आदि निचले इलाके में जल जमाव हो गया है। बस्ता ब्लाक में 24 सदस्यीय एनडीआरएफ की टीम पहुंच कर राहत एवं बचाव कार्य में जुट गई है। आलम यह हो गया है कि बस्ता अस्पताल में पानी भर गया है। बाढ़ की सम्भावना के मद्देनजर जलेश्वर, बस्ता, बालियापाल, रेमुणा इलाके के सरकारी कर्मचारियों की छुट्टी रद्द कर दी गई है। जिलाधीश बालेश्वर सदर क्षेत्र में बाढ़ की परिस्थिति का अनुध्यान कर रहे हैं।



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