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  • सत्तारूढ़ पार्टी एनसीपी की स्टैंडिंग कमेटी के 40 में से 33 नेता ओली का विरोध कर रहे हैं
  • एनसीपी के अध्यक्ष पुष्प कमल दहल प्रचंड और सीनियर लीडर बामदेव गौतम भरने को तैयार नहीं

दैनिक भास्कर

जुलाई 04, 2020, 08:42 AM IST

काठमांडू। नेपाल की सियासत के लिहाज से शनिवार अहम साबित हो सकता है। आज प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के इस्तीफे पर फैसला हो सकता है। सत्तारूढ़ नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (एनसीपी) की स्टैडिंग कमेटी के 40 में से 33 नेता ओली के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ओली नाराज नेताओं में से कुछ जश्न मना रहे हैं। हालांकि, मुख्य प्रतिद्वंद्वी पुष्प कमल दहल प्रचंड से उन्होंने अपने घर में ही तीन घंटे मुलाकात की। एनसीपी की दूसरी विंग के नेताओं से भी प्रचंड ने बातचीत की।
कोविड -19 पर ओवर पाने के मामले में ओली पहले ही निशाने पर थे। भारत और चीन के विवाद में जब उन्होंने भारत पर सरकार गिराने की योजना रचने के आरोप लगाए तो मामला ज्यादा बिगड़ गया। अब उनके रहने वाले मांगा जा रहा है।

कुर्सी बचाने की हर कोशिश
एनसीपी के कुछ दूसरी इकाई नेपाल में प्रभावशाली मानी जाती हैं। काठमांडू पोस्ट पेपर के मुताबिक, ओली ने इन यूनिट के बड़े नेताओं से मुलाकात की और सहयोग मांगा। इनमें से कुछ प्रमुखों के तो वे कार्यालय या घर तक पहुंच गए। पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष प्रचंड से 3 घंटे अपने घर बातचीत की।

स्थायी समिति की बैठक
एनसीपी की स्थायी समिति की आज की बैठक होगी। इसमें ओली के भाग्य का फैसला हो सकता है। प्रचंड और ओली की तीन घंटे की मुलाकात में क्या बात हुई, यह जानकारी तो नहीं दी गई, लेकिन मीडिया रुझानों में कहा गया है कि दोनों नेताओं में विश्वास करने को लेकर चर्चा हुई। प्रचंड ने राष्ट्रपति विद्यादेवी भंडारी से भी मुलाकात की।

ओली का राह मुश्किल
बुधवार को प्रचंड की बढ़त में पार्टी की स्थाई समिति की बैठक में 44 में से 33 सदस्यों ने ओली के इस्तीफे की मांग की थी। इसके बाद गुरुवार को ओली के इस्तीफे पर सहमति नहीं होने पर समिति की बैठक टाल दी गई थी। अब पार्टी के टूटने का खतरा भी मंडरा रहा है। खास बात ये है कि ओली स्टैंडिंग कमेटी की 7 दिन चली बैठक में से सिर्फ 2 में ही शामिल हुई। वे पार्टी नेताओं के सवालों का जवाब देने से बचते रहे।

नई पार्टी बना सकते हैं
ओली के न्यू पार्टी बनाने की चर्चा है। बताया जा रहा है कि उन्होंने नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी-यूएमएल के नाम से पार्टी का पंजीकरण भी कराया है। संकट के बीच काठमांडू में चीन की राजदूत हो उंटकी को राष्ट्रपति विद्यादेवी भंडारी ने डिनर कहा था। नेपाल में सबसे शक्तिशालीवर राजदूत के रूप में पहचान बनाने वालींटकी राजनीतिक राजनीतिक सुलझाने में भी सक्रिय हैं। प्रधानमंत्री ओली, पूर्व प्रधानमंत्री व नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी के अध्यक्ष पुष्प कमल दहल प्रचंड से भी इस दौरान मुलाकात की है।

नेपाल में जारी सियासी घमासान से जुड़ी ये खबरें भी आप पढ़ सकते हैं …

1. नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी के नेताओं ने कहा- भारत पर प्रधानमंत्री ओली के आरोप बेबुनियाद हैं, उन्हें फौरन इस्तीफा देना चाहिए
2. रीफ़े की मांग के बीच ओली थोड़ी देर में देश को संबोधित करेंगे, राष्ट्रपति से मुलाकात करेंगे; बजट सत्र भी प्रभावित
3. इमरान ने ओली से फोन पर बातचीत का वक्त मांगा, ओली ने भारत पर सरकार गिराने की कंप्यूटिंग का आरोप लगाया था।





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By GAUTAM

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