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  • प्रधानमंत्री ली सेन लुंग की पार्टी की फिर से सत्ता में वापसी की संभावना
  • 11 पॉलिटिकल पार्टियां चुनाव में उतरीं, शाम पांच बजे तक 21.59 लाख लोगों ने वोट डाले

दैनिक भास्कर

Jul 10, 2020, 08:07 PM IST

सिंगापुर। कोरोना महामारी के बीच सिंगापुर में शुक्रवार को देश में नई सरकार के लिए आम चुनाव हुए। इस दौरान लोग मुंह पर चेहरा और हाथ में ग्लव्स पहनकर बल्लेबाजी करने के लिए घरों से निकले। यह चुनाव प्रधानमंत्री ली सेन लूंग का टेस्ट भी है। उम्मीद है कि सत्ता में मौजूद पार्टी की फिर से वापसी होगी।

वोटिंग टाइम बढ़ा दिया गया
मतदान सुबह आठ बजे शुरू हुआ। पहले रात आठ बजे तक मतदान होना था, लेकिन अब समय दो घंटे और बढ़ा दिया गया है। 65 साल की उम्र में और ज्यादा की उम्र वाले वोट डालने पहुंचे ताकि युवा शीटरों से उनका कम संपर्क हो। इस कारण से पोलिंग पटरियों पर लंबी दूरी कायम हो गई और समय बढ़ गया। इसके लिए चुनाव विभाग ने माँफी भी मांगी।

शाम पांच बजे तक 81 प्रतिशत लोगों ने वोट डाले
चुनाव विभाग ने कहा कि शाम पांच बजे तक लगभग 21 लाख 59 हजार लोगों ने वोट डाल दिया था। यह रेगर्ड वेटरों का 81 प्रतिशत हैं। कोरोना के खतरे को देखते हुए पोलिंग स्टेशलों की संख्या 880 से उठकर 1100 कर दी गई है। हर एक पोलिंग स्टेशन पर लगभग 2400 लोगों को वोट डालना है।

1 1 पार्टियां मैदान में
सत्ता में मौजूद पीपुल्स एनेस पार्टी (पीएपी) सहित 11 राजनीतिक दलों के चुनाव में उतरी हैं। पिछले 9 दिनों से सभी पार्टियां प्रचार कर रही थीं। प्रधानमंत्री ली ने पिछले महीने तय तारीख से 10 महीने पहले ही चुनाव कराने की घोषणा की थी। ली की पीएपी पार्टी 1950 के बाद से हर चुनाव जीत चुकी है। हालांकि, 2011 में पार्टी का वोट प्रतिशत लगभग 60% तक गिर गया था। पीएपी ने इस चुनाव में किसी भी भारतीय मूल के उम्मीदवार को टिकट नहीं दिया है। हालांकि, विपक्षी भागों ने 12 ऐसे नेताओं को मैदान में उतारा है।

ली सेन लुंग 2004 से प्रधान हैं
सिंगापुर में हर नागरिक को वोट डालना जरूरी होता है। यहां की 93 सीटों के लिए 11 भागों के कुल 192 उम्मीदवार खड़े हुए हैं। ली सेन लुंग 2004 से सिंगापुर के प्रधानमंत्री हैं। उनकी पार्टी पीएपीपी ने सितंबर 2015 में चुनावों में 83 सीटों पर जीत हासिल की थी। इसके बाद ‘वर्कर्स पार्टी’ ने छह प्रस्तावों जीती थे। पीएम के भाई ली सेन यांग हाल ही में विपक्षी पार्टी ‘प्रोग्रेस सिंगापुर पार्टी’ में शामिल हुए हैं। हालांकि, वह चुनाव नहीं लड़ रहे हैं। दोनों शहरों के बीच संपत्ति के बंटवारे को लेकर झगड़ा है। ली के पिता देश के पहले प्रधानमंत्री थे। वह 31 साल तक पीएम रहे थे।





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By GAUTAM

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