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वॉशिंगटन4 दिन पहलेलेखक: मैगी हेबरमैन और एनी केरनी

कोरोना से ठीक होने के बाद डोनाल्ड ट्रम्प अब फिर कैम्पेन मोड में आ गए हैं। सोमवार रात वे विकी पहुंचे और यहां हजारों समर्थकों की मौजूदगी में रैली की। वे 65 मिनट तक बोले। कहा- मैं पहले ज्यादा पावरफुल महसूस कर रहा हूं।

डॉ का दावा
राष्ट्रपति के डॉ। सीन कोनले ने व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैली मैक्नेनी को एक चिट्ठी के जरिए बताया है कि राष्ट्रपति का लगातार दो दिन तक कोरोना टेस्ट किया गया है। दोनों रिपोर्ट निगेटिव आई हैं। मैक्नेनी ने इसकी जानकारी मीडिया को दी। कैली ने कहा- कई लोग यह जानना चाहते हैं कि राष्ट्रपति की सेहत कैसी है। उनका कोरोना टेस्ट दोबारा किया गया है या नहीं। मेरे पास डॉ कोनले का मैसेज आया है। राष्ट्रपति के दो दिन में दो टेस्ट किए गए हैं। दोनों की रिपोर्ट निगेटिव आई है।

ट्रम्प फिर मैदान में
पिछले सप्ताह विभिन्न होने के बाद ट्रम्प तीन दिन मेरिलैंड के वाल्टर रे अस्पताल में रहे थे। डॉ ने उन्हें शनिवार से कैम्पेन करने की इजाजत दी थी। लेकिन, ट्रम्प ने सोमवार से चुनाव प्रचार फिर से शुरू किया। वेky पहुंचे और यहां एक विशाल रैली की। हजारों समर्थकों की मौजूदगी में ट्रम्प ने कहा- मैं पहले से ज्यादा ताकतवर महसूस कर रहा हूं। यह रैलीवाइ के सैनफोर्ड में हुई।

ये जल्दबाजी तो नहीं
भाषण के दौरान महसूस किया जा सकता था कि वे स्वयं से सेहतमंद दिखाने की जल्दबाजी में हैं। ट्रम्प बार-बार यह दावा करते हैं कि वे पूरी तरह से ठीक हो चुके हैं। विशेष बात ये है कि जब वे यह रैली कर रहे थे तब तक इस बात की व्याख्या पुष्टि नहीं हो सकी थी कि उनकी टेस्ट रिपोर्ट निगेटिव है कि है। ट्रम्प जिसके बारे में दावा कर रहे हैं उसमें एक बात जरूर नोट की जानी चाहिए कि इस बीमारी से अमेरिका में 2 लाख 15 हजार लोगों की मौत हो चुकी है।

बाइडेन का मजाक उड़ाते हुए
ट्रम्प की बेफिक्री का आलम यह है कि वे डेमोक्रेट कैंडिडेट जो बाइडेन की छोटी रैलियों का मजाक उड़ाते रहे हैं। उन्होंने यहां तक ​​कहा कि बाइडेन और डेमोक्रेट्स वैक्सीन जल्द लाने में बाधा बन रहे हैं। सवाल तो राष्ट्रपति के डॉ पर भी उठ रहे हैं। सबसे ज्यादा हैरानी की बात यह है कि अपने कैंडिडेट के पॉजिटिव होने और अस्पताल में भर्ती होने के बावजूद ट्रम्प के समर्थन सुधरने को तैयार नहीं हैं। सोमवार की रैली में सैकड़ों लोग ऐसे थे, जो पूछे गए नहीं थे। यह देश के लिए और स्वयं इन लोगों के लिए कठिनाई का सबब बन सकता है।

शेखी बघारेने की कोशिश
सैनफोर्ड के अपने भाषण में ट्रम्प का पुराना अंदाज ही दिखा। कोरोना और अमेरिका में उसे पैदा हुए हालात पर उन्होंने ज्यादा कुछ नहीं कहा। इन जरूर ने बताया कि उन्होंने किस तरह के आतंकवाद पर सख्ती दिखाई। कितना टेररिस्ट खत्म कर दिया। ईरान को लेकर सख्त रवैया अपनाया गया। ज्यादातर मीडिया खबरों को फेक ने बताया। शनिवार का बयान भी। कहा- मुझे नोबेल प्राइज के लिए नॉमिनेट इसलिए नहीं किया गया क्योंकि मीडिया फेक न्यूजें जारी है। जबकि 2009 में ओबामा को फौरन नॉमिनेट कर दिया गया था।





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By GAUTAM

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