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  • टीम इंडिया ने 13 जुलाई 2002 को फाइनल में इंग्लैंड को 2 विकेट से हराकर नेटवेस्ट ट्रॉफी जीती थी
  • इंग्लैंड ने भारत को 326 रन का टारगेट दिया था, कैफ ने 87 और युवराज ने 69 रन की पारी खेली थी।

दैनिक भास्कर

Jul 13, 2020, 10:22 AM IST

पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली को नई टीम इंडिया को तराशने का श्रेय दिया जाता है। जब-जब गांगुली की प्राप्तिणी की बात होती है, तो 2002 में इंग्लैंड के खिलाफ नेटवेस्ट ट्रॉफी में लॉर्ड्स का फाइनल जरूर याद किया जाता है। इस मैच में हार के कगार पर ढेर होने के बावजूद टीम इंडिया ने जीत दर्ज की और गांगुली ने लॉर्ड्स की बालकनी में कोरियाई उतारकर जश्न मनाया था। यह तस्वीर आज भी हर क्रिकेट फैंस के जहान में ताजा है।

18 साल पहले ही आज के दिन टीम इंडिया ने गांगुली की कप्तानी में 2 विकेट से नेटवेस्ट ट्रॉफी जीती थी। इस जीत के हर सचिन, सहवाग न होकर दो युवा खिलाड़ी युवराज सिंह और मोहम्मद कैफ थे। कैफ ने तब करियर की सबसे यादगार पारी खेली थी। उन्होंने नाबाद 87 रन की पारी खेलकर टीम की जीत तय की थी।

भारत को 326 रन का लक्ष्य मिला था
इंग्लैंड के खिलाफ नेटवेस्ट ट्रॉफी के फाइनल में भारत को जीत के लिए 326 रन का लक्ष्य मिला था। इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए कप्तान नासिर हुसैन (115) और मार्कस ट्रेसकॉथिक (109) की पारी की बदौलत 5 विकेट खोकर 325 रन बनाए थे। उस दौर में यह टारगेट बड़ा था। लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत ने 150 रन के भीतर 5 विकेट गंवा दिए थे।

जीत की सभी उम्मीदें खत्म हो गई थीं। इसके बाद युवराज सिंह और मोहम्मद कैफ ने छठे विकेट के लिए 121 रन की साझेदारी कर टीम की जीत तय की। युवराज ने भी आउट होने से पहले 69 रनों की शानदार पारी खेली थी। इस जीत के हूर होने मोहम्मद कैफ को करियर में पहली बार ‘मैन ऑफ द मैच’ चुना गया था।

गांगुली ने फ्लिंटॉफ को जवाब दिया था

नेटवेस्ट ट्रॉफी जीतने के बाद लॉ’र्ड्स मैदान की बालकनी में खड़े भारतीय कप्तान गांगुली ने अपनी जर्सी हटाकर जश्न मनाया। इसे इंग्लैंड के ऑलाउउंडर फ्रेंच फ्लिंटॉफ को गांगुली का जवाब माना जाता है। उसी वर्ष फ्लिंटॉफ ने भारत दौरे पर मुंबई के वनखेड़े स्टेडियम में मिली जीत के बाद अपनी जर्सी उतारकर हवा में लहराई। इस मैच को जीतने के बाद इंग्लैंड ने सीरीज 3-3 से बराबर की थी।

कैफ ने 2 साल पहले आज ही के दिन संन्यास लिया था
कैफ के क्रिकेट करियर का यह महत्वपूर्ण दिन रहा। उन्होंने 2 साल पहले जब संन्यास का फैसला किया, तो 13 जुलाई को ही इसकी घोषणा की थी। तब उन्होंने लिखा था, आज मैं संन्यास ले रहा हूं। नेटवेस्ट ट्रॉफी जीतने के ठीक 16 साल पूरे होने पर। मुझे खुशी है कि उस जीत का मैं हिस्सा बन पाया और जरूरत के वक्त टीम के काम आ गया।





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