Share this


  • यूपी एसटीएफ ने शुक्रवार शाम प्रेस नोट जारी कर गाड़ी पलटने से लेकर एनकाउंटर की कहानी बताई
  • गाड़ी के पलटने के कारण से लेकर विकास के चलने और एनकाउंटर तक की कहानी में कई सवाल हैं

दैनिक भास्कर

Jul 11, 2020, 12:37 AM IST

नई दिल्ली। गैंगस्टर विकास दुबे के एनकाउंटर को लेकर कई तरह के झोल सामने आए हैं। यूपी एसटीएफ ने शुक्रवार सुबह उसे लाने के दौरान गाड़ी पलटने और एनकाउंटर की पूरी कहानी शाम को एक प्रेस नोट जारी करके बताई। हालांकि, एसटीएफ की कहानी में कई ऐसी बातें सामने आ रही हैं, जिन पर सवाल उठना लाजमी है।

1. हादसे की वजह शाम तक कैसे चली गई?
सुबह पुलिस ने बताया कि गाड़ी बारिश के कारण पलटी। शाम को एसटीएफ ने कहा- गाय-भैंस को बचाने में गाड़ी पलट गई।

2. विकास की गाड़ी के सामने ही कैसे आईं गाय-भैंस?
सुरक्षा के लिहाज से विकास की गाड़ी काफिश के बीच में थी। गाड़ियों के बीच ज्यादा फासला भी नहीं होना चाहिए था। ऐसे में विकास की गाड़ी के ही सामने गाय-भैंस कैसे आईं।

3. गाड़ी में विकास के साथ 5 पुलिस वाले थे। सभी कुछ देर के लिए एक साथ अचेत कैसे हुए?
एसटीएफ ने कहा कि विकास के साथ गाड़ी में इंस्पेक्टर रमाकांत पचौरी, दरोगा पंकज सिंह, दरोगा अनूप सिंह, सिपाही सत्यवीर और सिपाही प्रदीप थे। गाड़ी पलटने पर ये सभी कुछ देर के लिए अचेत हो गए। इतने में विकास का मौका पाकर इंस्पेक्टर की पिस्टल निकालकर रनिंग लगा।

4. विकास की गाड़ी से ठीक पीछे जा रही काफिले की गाड़ी इतनी दूर क्यों थी?
एसटीएफ का कहना है कि विकास की गाड़ी से पीछे चल रही काफेश की दूसरी गाड़ी जब मौके पर पहुंची तब उसमें सवार डीएसपी तेजबहादुर सिंह और अन्य पुलिसवालों को हादसे के बारे में पता चला। सवाल उठता है कि यह गाड़ी क्या इतनी दूर थी कि इसमें सवार लोगों को हादसा होते नजर नहीं आए, बल्कि मौके पर पहुंचने के बाद पता चला।

5. इति डेल होने के बाद भी विकास बहुत दूर क्यों नहीं भाग पाया?
एसटीएफ के मुताबिक, डीएसपी जब मौके पर पहुंचे तब उन्हें घटना की जानकारी मिली। उन्होंने पहले सभी घायलों के इलाज के लिए निर्देश दिया। इसके बाद उन्होंने विकास का पीछा किया। इतना सब होने तक भी विकास सिर्फ 200 मीटर दूर ही भाग पाया था।

6. आत्मरक्षा में पीछे से चलाई 2 गोलियां छाती पर ही कैसे लगीं?
एसटीएफ का कहना है कि वे विकास को जिंदा पकड़ना चाहते थे, लेकिन वह लगातार फायरिंग कर रही थी। आत्मरक्षा में पुलिस को भी गोली चलानी पड़ी। सवाल यह कि आत्मरक्षा में पीछे से चलाई 2 गोलियां सीधे विकास के सीने में कैसे लगीं।

एसटीएफ का अध्यक्ष नोट

विकास दुबे के एनकाउंटर से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ सकते हैं …

1। कानपुर का ‘पुनर्पुर’: गैंगस्टर विकास दुबे भी एनकाउंटर में ढेर, 8 दिन में गैंग के 6 टॉप बदमाशों का सफाया; 2 जुलाई को 8 पुलिसवालों की हत्या की थी

2। विकास दुबे एनकाउंटर की कहानी: कानपुर से 17 किमी दूर भौती में हुआ एनकाउंटर, विकास को दो गोलियां लगीं, एसटीएफ जवान भी घायल

3। विकास दुबे के एनकाउंटर शूट फोटोज: विकास दुबे ने झाड़ियों की तरफ भागते हुए पुलिस पर फायरिंग की, एनकाउंटर घड़ी के फोटोज देखिए

4। सोचा-समझा था सरेंद्र, पर मारा गया: गैंगस्टर की गिरफ्तारी से उठते 10 सवाल: विकास ने 4 राज्यों में 1250 किमी का सफर तय किया, लेकिन उसे सिर्फ महाकाल मंदिर के गार्ड ने रोका।





Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *