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  • कानपुर शूटआउट के बाद विकास दुबे की लोकेशन पहले औरेया, फिर फरीदाबाद में मिली थी

दैनिक भास्कर

जुलाई 09, 2020, 10:39 PM IST

कानपुर / उज्जैन। यूपी के आठ पुलिसवालों की हत्या के बाद छह दिन से फरार गैंगस्टर विकास दुबे की गुरुवार सुबह उज्जैन से गिरिडीह में हुई। यह पुलिस की कार्रवाई कम और विकास दुबे का सोचा-समझा सरेंडर ज्यादा माना जा रहा है।

कारण यह कि जितने आराम से उसकी महाकाल मंदिर से गिरफ्तार हुआ, वह कई सवाल खड़े कर रहा है। छह दिन तक वह चार राज्यों में घूमता रहा। इनमें से तीन राज्य हरियाणा, उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश में भाजपा की सरकार है। विकास दुबे ने इस दौरान 1250 किलोमीटर का सफर बाइक, ट्रक, कार और ऑटो से तय किया। यूपी पुलिस के 100 जवान उसकी तलाश में थे, लेकिन वह गिरफ्त से दूर रहा। उसे आखिरकार महाकाल मंदिर के रक्षक ने धारणाएँ और निहत्थे सिपाहियों ने पकड़ लिया।

1. गोलीबारी के बाद दूसरे दिन कानपुर में कैसे रहा?
मामला बीते गुरुवार यानी 2 जुलाई को शुरू हुआ। विकास दुबे को गिरफ्तार करने वाली यूपी पुलिस ने कानपुर के पास सलारू गांव में दबिश दी। विकास और उसके गुर्गों ने डीएसपी रैंक के सीओ सहित आठ पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी। गोलीबारी के दौरान वह घर के पीछे खड़ी बाइक से भाग निकला। विकास दो दिनों तक कानपुर के शिवली में ही दोस्त के घर रुक रहा है, लेकिन यूपी एसटीएफ और 40 थानों की पुलिस उसका पता नहीं लगा सकी।

2. कानपुर से 92 किमी दूरी तय कर औरैया कैसे पहुंचा?
शिवली के बाद विकास एक ट्रक में सवार हो गया। वह 92 किलोमीटर की दूरी तय कर औरैया पहुंच गया। सख्त नाकेबंदी के बावजूद यूपी पुलिस उसे ट्रेस नहीं कर पाई।

3. औरैया से 385 किमी की दूरी तय कर फरीदाबाद कैसे पहुंचे?
औरैया के बाद विकास हरियाणा के फरीदाबाद तक पहुंचा। माना जा रहा है कि उसने किसी की कार से 385 किलोमीटर की दूरी तय की। सोमवार दोपहर 3:19 बजे उसका आखिरी लोकेशन फरीदाबाद मिला।

4. फरीदाबाद में सीसीटीवी में दिखा, लेकिन गिरफ्त में कैसे नहीं आया?
हरियाणा पुलिस और यूपी एसटीएफ की टीम फरीदाबाद के होटल में पहुंचती, इससे पहले विकास दुबे वहां से निकल गया। सीसीटीवी में बस उसकी एक झलक दिखाई दी, जिसमें वह एक ऑटो में बैठकर दिखा रही है। बाद में वह एक रिश्तेदार के घर में भी जा रहा था। यहां भी पुलिस के पहुंचने से पहले वह भाग गई।

5. फरीदाबाद से 773 किमी दूर उज्जैन किस रास्ते पर पहुंचा?
विकास सोमवार को फरीदाबाद में दिखा रहा था। इसके बाद वह कहां रहा, इसका कोई पता नहीं है। सीधे गुरुवार सुबह उज्जैन में उसकी गिरफ्तारी हुई। 773 किमी लंबी यात्रा तय करने के दो रास्ते हैं। या फिर हरियाणा, यूपी के रास्ते मध्यप्रदेश पहुंचे। या फिर हरियाणा, रेज के रास्ते मध्यप्रदेश तक आते हैं। एक थ्योरी यह बता रही है कि वह उज्जैन पहुंचने से पहले मध्यप्रदेश के शहडोल में थी। यह शक इसलिए गहराता है क्योंकि मंगलवार को यूपी एसटीएफ ने शहडोल से विकास दुबे के साले ज्ञानेंद्र और भतीजे आदर्श को उठाया था।

6. फरीदाबाद सेजैन तक किसी राज्य की पुलिस ने उसे नहीं देखा और देखा तो महाकाल मंदिर के गार्ड ने कहा
प्रश्न यह भी है कि विकास के पास कोई गाड़ी नहीं थी, जिसके माध्यम से वह कई राज्यों की सीमा पार करते हुए मध्यप्रदेश में दाखिल हुआ? फरीदाबाद में फुटेज नजर आने के बाद पुलिस चौकस थी। फिर भी वह १ कैसे-१ घंटे घंटे का रास्ता तय करjain तक कितनी पहुंच में चला गया? हरियाणा, यूपी, एमपी की पुलिस उसका पता नहीं लगा पाई। उसकी पहचान दूर महाकाल मंदिर के रक्षक ने की।

7. क्या ये सोचा-समझा सरेंडर नहीं है?
ये गिरफ्तारी नहीं, सोचा-समझा सरेंडर है। ऐसा इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि 8 पुलिसवालों की हत्या का आरोपी गैंगस्टर आराम से और दर्शन की पर्ची कटवाकर महाकाल मंदिर में दाखिल होता है। पुलिस उसके बाहर निकलने का इंतजार करती है और गेट पर उसे गिरफ्तार कर लेती है। गिरफ्तारी भी लोकल थाने की पुलिस करती है। किसी भी एसटीएफ, कमांडो या एटीएस की जरूरत नहीं पड़ती।

8. क्या कुछ वकीलों ने विकास को लखनऊ से दूर किया?
विकास दुबे के सरेंडर करने के बाद उज्जैन पुलिस ने दो वकीलों को हिरासत में लिया है। उनसे पुलिस पूछताछ कर रही है। दोनों वकील अपनी गाड़ी सेजैन आए थे। फिर लखनऊ लौटने वाले थे।

9. क्या इसमें खादी और खाकी की मिलीभगत है?
यूपी के पूर्व डीजीपी विक्रम सिंह भी यही सवाल उठा रहे हैं कि विकासजन कैसे पहुंचे? वे कहते हैं कि अब विकास से हस्तक्षेप की जाए तो बड़े-बड़े लोगों के नाम सामने आएंगे। इसमें आईएएस, आईपीएस, दूसरों के नाम सामने आ सकते हैं। विकास काजैन में पकड़ा जाना समझ से बाहर है।

10. कांग्रेस ने सीधा-सीधा आरोप क्यों लगाया है?
मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह खुलकर कह रहे हैं- प्र यह तो उत्तरप्रदेश पुलिस के एनकाउंटर से बचने के लिए प्रायोजित सरेंद्र लग रहा है। मेरी सूचना है कि मध्यप्रदेश भाजपा के एक वरिष्ठ नेता के सौजन्य से यह संभव हुआ है। शिवराज बिना किसी कारण के श्रेय ले रहे हैं। श्रेय तो गृह मंत्री जी को देना चाहिए। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में नरोत्तम मिश्रा (मौजूदा गृह मंत्री) भाजपा के कानपुर जिले के प्रभारी थे। ‘

विकास दुबे की गिरफ्तारी के बाद गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा का बयान सबसे पहले आया था। उन्होंने कहा, कहा हमने पूरी तरह से मध्यप्रदेश की पुलिस को समीक्षा पर रखा था। निगाह रखी जा रही थी। इंटेलिजेंस की बातें सीधे नहीं बताई जाती हैं। हम इसकी मर्म तक चले जाएंगे। ” गिरफ्तारी मंदिर से बाहर हुई या अंदर, इस सवाल पर उन्होंने कहा- बाहर हो, अंदर हो, मंदिर को बीच में न लाएं।

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2। सरेंडर के मकसद से ही विकास दुबे सज्जनैन आया था, महाकाल मंदिर में दर्शन दर्शन की पर्ची कटवाई और उस पर सही नाम लिखा गया था।

3। सीओ-एसओ की आपसी खींचतान में 8 पुलिसवालों की जान चली गई, लोगों से लेकर सीयर पुलिस अफसर तक सवालों के घेरे में हैं।





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