Share this


  • चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के एक नेता के बेटे ने कृष्णन पोस्ट में आर्टिकल लिखकर सच कहा
  • आर्टिकल के मुताबिक, पीपल्स लिबरेशन आर्मी के रिटायर सैनिक और अधिकारी सरकार से नाखुश हैं

दैनिक भास्कर

Jul 01, 2020, 04:32 PM IST

वॉशिंगटन। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि 15 जून की रात पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में भारतीय सैनिकों के साथ हिंसक झड़प में चीन के करीब 43 सैनिक मारे गए थे। भारत ने अपने 20 शहीद सैनिकों की जानकारी दी। लेकिन, चीन ने मारे गए सैनिकों पर एक शब्द नहीं कहा। कहा जा रहा है कि चीन को इस बात का डर सता रहा है कि अगर उसने मारे गए सैनिकों की संख्या कबूली तो देश में विद्रोह हो जाएगा। कई पूर्व सैनिक और अफसर शी जिनपिंग सरकार के रवैये से दुखी हैं।

चीन में सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी (सीसीपी) के पूर्व नेता के बेटे जियानिल यांग ने ‘वाशिंगटनटन पोस्ट’ में लिखा आर्टिकल लिखा है। जियानिल ‘सिटीजन पॉवर इनिशियन फॉर चाइना’ के एक्टिवर चेयरमैन हैं। उन्होंने लिखा- सरकार को डर है कि अगर चीन के लोगों को पता चला कि भारत की तुलना में उसके सैनिक ज्यादा मारे गए हैं तो विद्रोह हो।) हिंसक झड़प में भारत के 20 सैनिक शहीद हो गए थे। सूत्रों से पता चला था कि चीन के करीब 43 सैनिक मारे गए हैं।

लेख के प्रमुख प्वॉइंट्स …

  • गलवान झड़प के बाद भारत ने अपने जवानों की शहादद का सम्मान किया, जबकि एक सप्ताह बाद भी चीन ने अपने सैनिकों के बारे में जानकारी देने से इनकार कर दिया, चीन को डर है कि नंबर बताई तो लोग सरकार के खिलाफ खड़े हो जाएंगे। ।
  • पीपल्स लिबरेशन आर्मी (पीएवी) लंबे समय से कम्युनिस्ट पार्टी का मजबूत पिलर रहा है। स्थिति कुछ समस ये बदली है। आर्मी के कई रिटायर्ड जवान शी जिनपिंग ने नाखुश हैं, ऐसे में अगर मौजूदा समय में तैनात सैनिक उनके साथ खड़े होते हैं तो वे एक पॉवरफुल ताकत बन जाएंगे, जो शी जिनपिंग को चुनौती देंगे।
  • चीन में लगातार पूर्व सैनिकों के विरोध की घटनाएं आ रही हैं। यह शी जिनपिंग और कम्युनिस्ट पार्टी के लिए चिंता का बड़ा कारण है। सीसीपी इनको दबाने के लिए सशस्त्र कार्रवाई करने का जोखिम भी नहीं उठा सकता है।

संघर्ष थामने का बहाना बताया

चीन मारे गए अपने सैनिकों को लेकर कुछ भी नहीं कहा। हालांकि, चीन की सरकारी मीडिया ग्लोबल टाइम्स ने लिखा था कि दोनों देशों के बीच संघर्ष को कम करने के लिए चीन अपने मारे गए सैनिकों की संख्या बताएगा। ऐसा करने पर दोनों देशों के बीच तुलना शुरू हो जाएगी और सरकार पर दबाव बनेगा। ग्लोबल टाइम्स ने कहा था कि चीन के मारे गए सैनिकों की संख्या 20 से कम है।

ये भी पढ़े जा सकते हैं …
1। बातचीत के दिखावे के बीच चीन ने एलएसी पर 20 हजार सैनिक भेजे, भारत ने भी जवाबी तैयारी की, अक्टूबर के पहले हालात में कहराना मुश्किल है

2। चीन ने अब भूटान की जमीन पर दावा किया; भूटान का जवाब- दावा गलत है, वो हमारे देश का अटूट हिस्सा है

3। टिक टॉक, यूसी शेखर और शेयर इट सहित 59 चाइनीज ऐप्स पर बैन, सरकार ने कहा- ये देश की सुरक्षा और एकता के लिए





Source link

By GAUTAM

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *