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  • चीन ने कहा- भूटान से सटी सीमा पर पूर्वी, मध्य और पश्चिमी क्षेत्रों में कभी सीमांकन नहीं हुआ, इसे लेकर लंबे समय से विवाद है
  • इससे पहले चीन ने भूटान के सकतेंग वन्यजीव अभयारण्य की जमीन को अपना हिस्सा बताया था, भूटान ने इसका विरोध किया था

दैनिक भास्कर

Jul 06, 2020, 11:19 AM IST

थिंपू। चीन ने भूटान के इलाकों को लेकर नई दाव सूची की है। शनिवार को चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा कि चीन और भूटान की बॉर्डर का तीन स्थानों पर कभी सीमांकन नहीं हुआ है। सीमा पर पूर्वी, मध्य और पश्चिमी क्षेत्रों पर लंबे समय से विवाद है। ऐसे में कोई भी तृतीय पक्ष (भारत) इसमें हस्तक्षेपलअंदाजी न करे। इससे पहले चीन ने भूटान के सकतेंग वन्यजीव अभयारण्य (सकतेंग वन्यजीव अभयारण्य) की जमीन को विवादित बताया था। इसके भूटान ने साफ किया था कि यह अभयारण्य उसके देश का अभिन्न हिस्सा है।

सकतेंज अभयारण्य अरुणाचल प्रदेश के सेला पास से लगभग 17 किमी की दूरी पर है। यह भूटान के उत्तर पूर्वी क्षेत्र में 650 वर्ग किमी में फैला है। यह अभयारण्य लाल पंड, हिमालयन ब्लैक ब्र और हिमालयन मोनाल तीतर जैसे दुर्लभ वन्यजीवों का घर है।

चीन के विरोध के बाद भी भूटान को फंडिंग मिली

भूटान ने सकतेंज अभयारण्य परियोजना के लिए विश्व बैंक या आईएमएफ से धन निकालने को कहा था। एन्वायरमेंट फैसिलिटी काउंसिल में जब अभयारण्य को निधि देने की बात आई तो चीन ने नई चाल चली और जमीन को ही अपना बता दिया। हालांकि, चीन का विरोध दरकिनार हो गया है। काउंसिल ने इस परियोजना को मंजूरी दे दी। काउंसिल में चीन का एक प्रतिनिधि है। वहीं, भूटान का सीधे तौर पर कोई प्रतिनिधित्व नहीं है। भूटान का प्रतिनिधित्व भारतीय आईएएस अधिकारी अपर्णा सुब्रमणि ने किया। वे विश्व बैंक में बांग्लादेश, भूटान, भारत, मालदीव, नेपाल, श्री की प्रभार हैं।

2017 में भूटान में घुसी चीन की सेना थी

2017 में चीन की सेना डोकलाम में भूटान की सीमा में घुस गई थी। इसके बाद भारतीय सेना को दखल देना पड़ा था। भारतीय सेना ने चीनी सैनिकों को झामफेरी पहाड़ी तक सड़क बनाने से रोका दिया था। भारतीय और चीनी सैनिक लगभग 72 दिनों तक एक-दूसरे के आमने-सामने रहे थे। इस साल भी खबरें आई कि चीन भारत के सिलीगुड़ी कॉरिडोर तक पहुंच बनाने के लिए टोरसा तक सड़क बना रही है। भारत ने चीन पर सीमा का विस्तार करने का आरोप लगाया था। इस पर चीनी दूतावास ने कहा था कि इसने अपने 14 पड़ोसियों में से 12 के साथ सीमा समझौते किए हैं।





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By GAUTAM

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