Share this


  • हिंदी समाचार
  • अंतरराष्ट्रीय
  • चीन नेपाल: केपी शर्मा ओली शी जिनपिंग | चीन नेपाल व्यापार डील नवीनतम समाचार अपडेट: नेपाल केपी शर्मा ओली सरकार ने शी जिनपिंग चीन सरकार द्वारा धोखा दिया

काठमांडू30 मिनट पहले

  • कॉपी लिस्ट

पिछले सप्ताह नेपाल के सैनिकों हुमला जिले में उस पिलर नंबर 11 को खोज निकाला गया था, जिसे चीनी सैनिकों ने 2016 में गायब कर दिया था।]चीन ने इस क्षेत्र में 9 साझेदारी भी बना ली हैं। इनको लेकर दोनों देशों के बीच विवाद चल रहा है। चीन अब नेपाल के साथ हुई ट्रेड डील को भी अपनी शर्तों पर लागू करना चाहता है।

  • चीन और नेपाल के बीच सीमा विवाद के बाद अब कारोबार का मसला भी फंस गया है
  • नेपाल और चीन के बीच सौदा सौदा हुआ था, शी जिनपिंग सरकार अब इससे पलट गई है

चीन और नेपाल के बीच विवाद सौदे पर भी विवाद शुरू हो गया है। दो साल पहले हुई डील के बारे में, चीन को नेपाल से 512 वस्तुओं का आयात करना था। लेकिन, अब चीन की शी जिनपिंग सरकार इससे पलट गई है। चीन ने नेपाल को इम्पोर्ट लिस्ट भेजी है। लेकिन, इसमें 512 की बजाए सिर्फ 188 वस्तुओं के आयात का भरोसा दिलाया गया है। छोटे और गरीब देश नेपाल के लिए यह आर्थिक रूप से बहुत बड़ा घाटा होगा।

नेपाल के कारोबारियों को भारी नुकसान
नेपाल के कागज के वांछित रिपब्लिका ’ने चीन की इस प्रोमखिलाफी और धुंध को एक रिपोर्ट में उजागर किया है। पत्र के मुताबिक, चीन नेपाल के खिलाफ अजीब तरह की रणनीति अपना रहा है। चीन की नीतियों से नेपाल के कारोबारियों के भारी नुकसान हो रहे हैं। चीन ने 512 वस्तुओं के सौदे का समझौता किया था। अब सिर्फ 188 प्रोडक्ट्स की इम्पोर्ट लिस्ट भेजी है। उनके एक्स में भी चीन की तरफ से कई अड़ंगे लगाए जाते हैं। ड्यूटी फ्री और कोटा फ्री इम्पोर्ट का प्रोमो किया गया था। अब हेवी ड्यूटी लगाई जा रही है।

खत्म हो गया है इम्पोर्ट लिस्ट
रिपोर्ट के मुताबिक, 2018 में नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली चीन गए थे। तब तक दोनों देशों की ट्रेड डील हुई थी। चीन ने 8030 वस्तुओं के आयात का भरोसा दिलाया था। इन कपड़ों, बर्तन, फुटवियर, टूथपेस्ट और ब्रश, ब्यूटी प्रोडक्ट्स, प्रिंटिंग पेपर और जानवरों की वस्तुओं से बने बटन शामिल थे। बाद में मेडिकल ऑयल, पेन, घरों के इस्तेमाल की कुछ चीजें और प्लास्टिक प्रोडक्ट्स को इसमें जोड़ा गया।

नेपाल को फायदा नहीं हुआ
डील को नेपाल को कोई फायदा नहीं हुआ। क्योंकि, ज्यादातर सामान मंगाया ही नहीं गया था। इसके बाद नेपाल ने चीन को केवल 512 एक्सपोर्ट की जाने वाली वस्तुओं की लिस्ट भेजी। उन्हें कोटा और ड्यूटी मुक्त करने को कहा। नेपाल के पूर्व उद्योग सेक्रेटरी रवि शंकर किनजू ने कहा कि हमने कई बार चीन से अपील की। लेकिन, कोई फायदा नहीं हुआ। मंगलवार को दोनों देशों के बीच इस बारे में बातचीत हुई। चीन ने 512 की लिस्ट में से 188 प्रोडक्ट्स को ही इम्पोर्ट करने की मंजूरी दी। हालाँकि, ये भी शुल्क मुक्त नहीं होंगे। नेपाल ट्रांस हिमालय बॉर्डर कॉमर्स एसोसिएशन के प्रेसिडेंट बच्चू पौडेल ने कहा- हम अपने व्यापारिक मूल्यों की रक्षा के लिए चीन पर दबाव नहीं बना पाए हैं।





Source link

By GAUTAM

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *