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  • आजादी की मांगने वाले उइगरों से सड़कें साफ करवाई जा रही हैं, अमरन नसबंदी और गर्भपात भी
  • ये पहला मामला है, जब चीन से आंतरिक कानूनों के तहत उइगरों पर जारी अत्याचार से संबंधित हस्तक्षेप की जा सकती है

दैनिक भास्कर

Jul 08, 2020, 10:18 AM IST

मार्लाइस सिमान्स | बीजिंग। चीन में उइगर मुसलमानों के खिलाफ नरसंहार, मानवाधिकार उल्लंघन और शोषण का मामला अब अंतरराष्ट्रीय क्रिमिनल कोर्ट तक पहुंच गया है। उइगर समुदाय से जुड़ी पूर्वी तुर्किस्तान की निर्वासित सरकार और जागरूकता आंदोलन चलाने वाली संस्था ने संयुक्त रूप से यह मामला दर्ज किया है। पूर्वी तुर्किस्तान काे चीन में शिन्ज क्षेत्र का नाम दिया गया है।

उइगर समुदाय के लोग सालों से इस क्षेत्र की आजादी की मांग कर रहे हैं। ये पहला मामला है, जब चीन से आंतरिक कानूनों के तहत उइगरों पर जारी अत्याचार से संबंधित हस्तक्षेप की जा सकती है। लंदन के वकीलों के एक समूह ने चीन में उइगर समुदाय पर जारी अत्याचार और हजारों उइगरों को कानून का उल्लंघन कर कंबोडिया और ताजिकिस्तान डिपोर्ट किए जाने के संबंध में शिकायत दर्ज कराई है। इस मामले में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग सहित कम्युनिस्ट पार्टी की सरकार से जुड़े 80 लोगों पर उइगरों के नरसंहार का आरोप लगाया गया है।

शी जिनपिंग के सत्ता में आने के बाद जुर्म बढ़ा
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने सत्ता में आते ही उइगर मुसलमानों के साथ साम, दाम, दंड, भेद की नीति अपनाते हुए उन पर अपने धर्म को त्यागने और चीन की हुकूमत को स्वीकारने का दबाव बढ़ा दिया है। इस क्षेत्र में सरकार उइगरों से गलियाएं और सड़कों की सफाई करवा रही है। युवाओं से जबरन बड़ी फैक्ट्रियों में ले जाकर काम करवाया जा रहा है।

अंतरणन नसबंदी करवा रही सरकार

एसोसिएटेड प्रेस और जर्मन शोधकर्ता एड्रियन जेंस ने जांच में इस बात का भी पता लगाया कि सरकार यहां अल्पसंख्यकों में व्यापक जन्मदर कम करने के लिए नसबंदी और गर्भपात का बड़े पैमाने पर अभियान चला रही है। यहां सरकार के खिलाफ आवाज उठाने वालों को नजरबंद कर दिया जाता है।

इसके लिए क्षेत्र में कई शिविर बनाए गए हैं। पिछले साल कैंम्प में 58 लोगों को मार दिया गया था। शिकायतकर्ता के वकील लातनी डिक्सन का कहना है कि जांचकर्ताओं को सबसे पहले नरसंहार की जांच करनी चाहिए, क्योंकि यहां एक पूरे समुदाय के अस्तित्व को नष्ट करने की सूचना राची जा रही है।

शिनज कुमार में पिछले 3 सालों में 18 लाख से ज्यादा उइगर गायब हैं

पूर्वी तुर्किस्तान यानी शिनज एक्सप्रेस में पिछले 3 सालों में 18 लाख से ज्यादा उइगर और अन्य मिंक या तो कैद किए गए हैं या तो मारे जा चुके हैं। इसी दौरान यहाँ की जनसंख्या बढ़ने के क्रम में भी 84% की कमी आई है। वकील लालनी डेक्सन ने कहा कि ये बेहद महत्वपूर्ण मामला होगा, क्योंकि चीन को पहली बार जवाबदेही का सामना करना पड़ेगा।





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By GAUTAM

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