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बीजिंग7 घंटे पहले

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शंघाई रेलवे स्टेशन की है। गुरुवार को यहां इतनी भीड़ थी कि पैर रखने तक की जगह नहीं थी।

  • बच्चों को मनाने के लिए पहले दिन लगभग 3.5 करोड़ लोगों ने यात्रा की
  • 1 अक्टूबर 1912 में क्विंग राजशाही का अंत हुआ और रिपब्लिक ऑफ चाइना बना

पूरी दुनिया में कोरोना संक्रमण फैलाने वाले चीन ने गुरुवार (1 अक्टूबर) को देश की स्थापना की 71 वीं सालगिरह मनाई। इसे नेशनल-डे भी कहा जाता है। इसी के साथ पूरे देश में 8 अक्टूबर तक राष्ट्रीय अभियान चला चुके हैं। इन्हें सेलिब्रेट करने के लिए देश भर के लोग महामारी के बीच घूमने निकल पड़े हैं। अनुमान है कि महामारी के बीच लगभग 60 करोड़ लोग 8 दिन में यात्रा करेंगे।

चीन की सरकारी न्यूज एजेंसी के मुताबिक, नेशनल-डे के मौके पर देश भर के सभी प्रमुख स्थल सजा दिए गए हैं। उन्हें देखने और शिशुओं को मनाने के लिए पहले दिन लगभग 3.5 करोड़ लोगों ने यात्रा की। सबसे ज्यादा 1.8 करोड़ लोगों ने ट्रेन से सफर किया। करीब 1.2 करोड़ लोग हवाई यात्रा से निकले हैं। जबकि 50 लाख लोग महामारी को देखते हैं कि उनके वाहनों से यात्रा कर रहे हैं।

1 अक्टूबर 1949 को मिला था नाम- पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना

वर्ष 1912 में क्विंग राजशाही का अंत हुआ और रिपब्लिक ऑफ चाइना बना। यहीं से चीन का आधुनिक इतिहास शुरू हुआ। 1936 में जापान के हमले के खिलाफ चीन ने दृढ़ता से युद्ध लड़ा। द्वितीय विश्वयुद्ध खत्म होने पर 1945 में जापान ने सरेंडर कर दिया। तब चीन में कम्युनिस्टों और नेशनलिस्टों के बीच जंग छिड़ गई थी।

चीन के लाखों नागरिक मारे गए

4 साल तक देश में सिविल वॉर की स्थिति बनी रही। इस युद्ध में चीन के लाखों नागरिक मारे गए थे। इसके बाद 1 अक्टूबर, 1949 को माओ त्से तुंग ने कम्युनिस्ट पार्टी की जीत का ऐलान किया। फिर संविधान में देश का नाम पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना रखा गया। इस लिहाज से अक्टूबर का पहला सप्ताह चीन में बहुत खास माना जाता है।





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By GAUTAM

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