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PATNA : प्रशांत भूषण मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई शुरु हो चुकी है. भूषण की तरफ से वरिष्ठ वकील राजीव धवन दलील दे रहे हैं, जबकि सरकार की ओर से अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल पक्ष रख रहे हैं. सुनवाई के दौरान अटॉर्नी जनरल ने मामले का पटाक्षेप करने की बात कही. वहीं एक अन्य अवमानना के मामले को जस्टिस अरूण मिश्रा ने 10 सितंबर के लिए टाल दिया है. कोर्ट ने कहा कि चीफ जस्टिस इस मामले में 10 सितंबर तक नई बेंच का गठन कर दें. बता दें कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा सेआ तय करने की तारुख पर सुनवाई के दौरान वरिष्ठ वकील और पूर्व कानून मंत्री कपिल सिब्बल ने भूषण का समर्थन किया था. पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल ने ट्वीट कर कहा, ‘प्रशांत भूषण. अवमानना की शक्ति का प्रयोग आज एक हथौड़े की तरह किया जा रहा है. जब भी संविधान और कानूनों की रक्षा करने की आवश्यकता सबसे अधिक होती है, तो उस समय न्यायालय असहाय क्यों होते हैं, दोनों के लिए समान तरीके से अवमानना” दिखाते हैं. बड़े मुद्दे दांव पर लगे हैं. इतिहास हमें खारिज करने के लिए कोर्ट का मूल्यांकन करेगा.’

वहीं सीनियर एडवोकेट प्रशांत भूषण नेकहा कि ‘मैं दया की भीख नहीं मांगूंगा, मैं उदारता दिखाने की अपील भी नहीं करूंगा. अदालत जो सजा देगी उसे खुशी-खुशी स्वीकार कर लूंगा. प्रशांत भूषण ने कहा कि वह दो-तीन दिन में अपने वकीलों से परामर्श लेंगे और उच्चतम न्यायालय की सलाह पर विचार करेंगे.’ सुप्रीम कोर्ट द्वारा बयान वापस लेने के लिए दिए गए तीन दिन की मोहलत के बाद कल प्रशांत भूषण ने जवाब दाखिल किया था. अपने जवाब में भूषण ने कहा कि वे अपने कर्तव्य का पालन कर रहे हैं. वे माफी नहीं मागेंगे.



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