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PATNA : रेलवे बोर्ड ने आइआइटी मुंबई के विशेषज्ञों की मदद लेकर जीरो बेस्ड तकनीक से ट्रेनों का नया टाइम टेबल तैयार किया है. टाइम टेबल तैयार करते समय रेलमंडल स्तर पर एक-एक एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनों की एंड टू एंड गणना की गयी, ताकि ट्रेनों का एक मिनट समय भी बरबाद नहीं हो. नये टाइम टेबल में एलएचबी कोच वाली ट्रेनों की स्पीड 130 किमी और आइसीएफ कोच वाली ट्रेनों की स्पीड 110 किमी प्रतिघंटा निर्धारित की गयी है. नये टाइम टेबल लागू होते ही झाझा-पटना-मुगलसराय से लेकर मुगलसराय-गया रेलखंड पर भी 110 व 130 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से ट्रेनें दौड़ने लगेंगी. पटना-मुगलसराय रेलखंड पर रोजाना करीब 100 जोड़ी एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनों की आवाजाही होती है. एक्सप्रेस ट्रेनों की बात करें, तो राजधानी, संपूर्णक्रांति, विक्रमशिला, जियारत, अर्चना, पाटलिपुत्र-मुंबई, पटना-अहमदाबाद, संघमित्रा के साथ-साथ डिब्रूगढ़ राजधानी, हावड़ा राजधानी, पूर्वा एक्सप्रेस, अगरतल्ला राजधानी, भगत की कोठी, दानापुर-सिकंदराबाद, दानापुर-उधना, जनसाधारण आदि ट्रेनें एलएचबी कोच से चल रही हैं.

इसके अलावा मुजफ्फरपुर से खुलने और गुजरनेवाली सप्तक्रांति, बिहार संपर्क क्रांति, वैशाली आदि एक्सप्रेस ट्रेनें हैं. ये सभी ट्रेनें नया टाइम टेबल लागू होने के बाद 130 किमी की स्पीड से चलने लगेंगी. इसके अलावा आइसीएफ कोच वाली एक्सप्रेस या फिर मेमू व डेमू पैसेंजर ट्रेनें 110 की स्पीड से चलेगी. रेलवे बोर्ड की ओर से ट्रेनों का टाइम टेबल तैयार कर लिया गया है. यह टाइम टेबल नियमित ट्रेनों के परिचालन शुरू होने के 10 से 15 दिनों के भीतर लागू कर दिया जायेगा. नये टाइम टेबल में यह भी प्रावधान किया गया है कि दो हाइ स्पीड ट्रेन के बीच में 110 किमी की रफ्तार से चलनेवाली ट्रेनें नहीं होंगी. वहीं, जिन पैसेंजर ट्रेनों से नौकरी करनेवाले या बड़ी संख्या में दैनिक यात्री आते-जाते है, उन ट्रेनों को प्राथमिकता दी गयी है.

पूर्व मध्य रेल के सीपीआरओ राजेश कुमार ने बताया कि इलेक्ट्रॉनिक सिग्नल सिस्टम डेवलप करने के साथ-साथ रेलवे ट्रैक की मेंटेनेंस कर उन्हें दुरुस्त किया गया है. इससे नये टाइम टेबल लागू होने के बाद 130 व 110 की स्पीड से ट्रेनें चलने लगेंगी. स्पीड बढ़ने से सिर्फ पटना-दिल्ली के बीच 30 से 45 मिनट की बचत होगी. इसका लाभ यात्रियों के साथ-साथ रेलवे को भी होगा. बेहतर समय प्रबंधन करते से ट्रैक पर लोड काम होगा और नयी ट्रेनों के परिचालन की संभावना भी बढ़ जायेगी.



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