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  • डोनाल्ड ट्रम्प जो बिडेन डिबेट, यूएस इलेक्शन 2020 नवीनतम अपडेट; डेमोक्रेटिक राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार पर राष्ट्रपति

वॉशिंगटन5 घंटे पहले

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दूसरी प्रेसिडेंशियल डिबेट रद्द हुई तो अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के दोनों उम्मीदवार टाउन हॉल के जरिए वोटर्स रूबरू हुए। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प हमेशा की तरह आक्रामक तरीके से विरोधाभासी और गलत तर्क देते हैं। उनकी तुलना में डेमोक्रेट कैंडिडेट जो बाइडेन का रवैया शांत था। उनकी बातें और तर्क सच के ज्यादा करीब थे। ट्रम्प ने कई सवालों के जवाब ही नहीं दिए। कुछ से वे बचते हुए आए। इन ने यह भी नहीं बताया कि 29 सितंबर को हुई पहली प्रेसिडेंशियल डिबेट से पहले उनकी कोरोना टेस्ट रिपोर्ट निगेटिव थी या थी। हम यहां दोनों कैंडिडेट्स द्वारा कही गई बातों की सच्चाई जानने की कोशिश कर रहे हैं।

ट्रम्प: कोरोनावायरस पर अधिक पाने के करीब हम हैं
इसका सच: यह सही नहीं है न्यूयॉर्क टाइम्स का डेटा भी इसकी पुष्टि करता है। पिछले सप्ताह हर दिन लगभग 53 हजार 120 नए मामले सामने आए। यह दो सप्ताह पहले की तुलना में 23% अधिक है।

ट्रम्प: अब्राहम लिंकन के बाद अफ्रीकी-अमेरिकियों के लिए सबसे ज्यादा काम करने वाला राष्ट्रपति हूं।
इसका सच: ट्रम्प का दावा सच नहीं है। इतिहासकार मानते हैं कि इस मामले में प्रेसिडेंट लिंडन जॉनसन सबसे आगे हैं। उन्होंने राईट्स एक्ट, सिविल राईट एक्ट और हाउसिंग एक्ट जैसे कानूनों को अफ्रीकी-अमेरिकियों को सुविधाओं के माध्यम से दिया और दिया। ट्रम्प इस मामले में तीसरे स्थान पर हैं।

ट्रम्प: चेहरे पहनने वाले लोग बहुत अधिक हो रहे हैं।
इसका सच: यह सच नहीं है। दरअसल, 10 सितंबर को सेंटर्स फॉर डिसीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) की एक रिपोर्ट वायरल हुई थी। बाद में सीडीसी ने सैटेलाइट पर बयान जारी करके इसका खंडन किया था। इसमें कहा गया था कि बिना सकर्स के सोशल एक्ट मनीज में हिस्सा लेना खतरनाक है। सीडीसी ने कहा था कि उसके बयान को सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने गलत तरीके से पेश किया है।

ट्रम्प: हमने अश्वेतों के कॉलेजों और यूनिवर्सिटीज को ज्यादा फंडिंग की।
इसका सच: ट्रम्प बढ़चढ़ाकर दावा कर रहे हैं, क्योंकि इसका क्रेडिट लेना चाहते हैं। पारंपरिक रूप से अश्वेतों के कॉलेज और यूनियनों का फंड सितंबर में खत्म हो गया था। रिपब्लिकन्स और डेमोक्रेट्स ने फंडिंग फिर से शुरू करने के लिए प्रतिबद्ध किया। अब यह 10 साल जारी रहेगा। ट्रम्प ने इसे कानून के तौर पर मंजूरी दे दी है।

ट्रम्प: हमने अब तक के इतिहास में सबसे ज्यादा जानकारी दीं।
इसका सच: ट्रम्प जो आंकड़ा बता रहे हैं, वह दरअसल महामारी के शुरू होने के पहले का है। फरवरी के ही आंकड़े उठाकर देख लें तो पता लगता है कि उस वक्त 152.5 मिलियन नॉनफॉर्मेंस देश में थे। यह वह दौर था जबकि महामारी ने अमेरिका में पैर नहीं पसारे थे। / यूं कहें कि इसका असर नहीं के बराबर था।

ट्रम्प: मैंने श्वेतों को बेहतर नहीं बताया। पहला डिबेट में भी इसकी पुष्टि की थी।
इसका सच: ट्रम्प पूरी तरह सही नहीं हैं। पहले प्रेसिडेंशियल डिबेट के दौरान उन्होंने सिर्फ यह कहा था कि वे श्वेतों को श्रेष्ठ बताने वाले संगठनों को लेकर गंभीर हैं। उन्होंने वामपंथी विचारधारा को हिंसा के लिए दोषी ठहराया था। बाइडेन और क्रिस क्रिस्ट वैले चाहते थे कि वे इन श्वेत अंग की निंदा करें, ट्रम्प ने ऐसा नहीं किया था।

बाइडेन: टाउन हॉल में आने से पहले टेस्ट कराया गया। मैं रोज कोरोना टेस्ट कर सकता हूं।
इसका सच: बाइडेन के कैम्पेन ने टाउन हॉल के पहले जारी बयान में कहा था कि उन्होंने बुधवार और गुरुवार को टेस्ट कराया था। दोनों की रिपोर्ट निगेटिव थी। लेकिन, यह दावा गलत है कि वे बाइडेन रोज टेस्ट करते हैं। उनकी टीम ने ऐसा कभी नहीं कहा।

बाइडेन: ट्रम्प के दौर में अफगानिस्तान में अमेरिकी सैनिकों की संख्या बढ़ी। कम से कम यह था।
इसका सच: आंकड़े बताते हैं कि बाइडेन का दावा बिल्कुल गलत है। ओबामा के दौर में जब बाइडेन उप राष्ट्रपति थे, तब अफगानिस्तान में अमेरिकी सैनिकों की संख्या लगभग 10 हजार थी। ट्रम्प ने 2017 में इनकी संख्या पांच हजार कर दी। अगले साल की शुरुआत में यह ढाई हजार करने का वादा है।





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By GAUTAM

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