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वॉशिंगटनएक घंटा पहलेलेखक: थॉमस एल। फ्रेडमैन

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बुधवार को पहले प्रेसिडेंशियल डिबेट के दौरान डोनाल्ड ट्रम्प। अमेरिकी राष्ट्रपति ने डेमोक्रेट उम्मीदवार जो बाइडेन के राष्ट्रवाद और टैक्स संबंधी आरोपों को समाप्त से खारिज कर दिया

  • ट्रम्प कई बार संकेत दे चुके हैं कि चुनाव वही जीतेंगे, हारेंगे तो मेल इन बुलट्स को गैरकानूनी घोषित किया जाएगा।
  • पहले प्रेसिडेंशियल डिबेट के बाद उनका यह नजरिया बिल्कुल साफ हो गया है, यह हल्के में नहीं ले सकता

बीते कुछ हफ्तों में ट्रम्प एक बात साफ करते आए हैं। पहले प्रेसिडेंशियल डिबेट में तो उन्होंने यह बिल्कुल साफ कर दिया। ट्रम्प के मुताबिक, 3 नवंबर के राष्ट्रपति चुनावों में मतदाताओं के सामने सिर्फ दो विकल्प हैं। ये डेमो सचिव कैंडिडेट जो बाइडेन की जीत शामिल नहीं है। इसका मतलब ये है कि चुनाव ट्रम्प ही जीतेंगे। अगर हारे तो मेल इन बैलट्स को गैरकानूनी या अमान्य घोषित कर देंगे। यह चेतावनी या कहें वैशिंग को गंभीरता से लेना चाहिए।

ट्रम्प क्या चाहते हैं
राष्ट्रपति की बात को समझिए। इसमें परिवर्तन यानी ट्रांसपेरेंसी जैसी कोई चीज नहीं है। अगर वे चुनाव नहीं जीत पाते हैं तो तय करें कि सुप्रीम कोर्ट या हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में होगा। अब आप दोनों की स्थिति को समझिए। दोनों ही जगह ट्रम्प फायदे में हैं। और यह बात है कि वह कई हफ्तों से और कई मंचों से दोहरा चुके हैं।

ज्यादा और क्या साफ हो सकता है
मैं इस बारे में और ज्यादा साफ क्या कह रहा हूं कि- हमारा लोकतंत्र इस वक्त भयानक खतरे का सामना कर रहा है। ये खतरा सिविल वार, पर्ल हार्बर और क्यूबा के मिस क्राइसिस से भी बड़ा है। इतना बड़ा खतरा तो वाटरगेट कांड के बाद भी सामने नहीं आया था। मैंने अपना कैडर विदेश संवाददाता के तौर पर शुरू किया। उस वक्त लेबनान में दूसरी सिविल वार चल रही थी। इस युद्ध का मेरा जीवन पर बहुत गंभीर असर हुआ।

राजनीति का गहरा असर होता है
लेबनान सिविल वार के बाद मैंने समझा कि जब एक देश में हर चीज सियासत से जुड़ जाती है तो क्या होता है। जब कुछ चुनिंदा नेता देश से ज्यादा पार्टी को अहमियत देने लगते हैं। जब कुछ कथित जिम्मेदार लोग ये साबित करने लगते हैं कि वे किसी भी कानून को तोड़ सकते हैं, अपने फायदे के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं। ऐसा लगता है कि उन्हें कोई रोकने वाला नहीं है।

अब फिक्र होने लगी है
कट्टरपंथी जब हावी होने लगते हैं तो सिस्टम खराब होने लगता है, टूटने लगता है। मैंने ऐसा देखा है। मैं सोचता था कि अमेरिका में ऐसा कभी नहीं हो सकता। लेकिन, अब मुझे बेहद फ्रैक्चर होने लगा है। इसकी वजह ये है कि फेसबुक और ट्विटर हमारे लोकतंत्र के दो मजबूत आधारों पर सत्य और विश्वास, को खत्म कर रहे हैं। कोई दो राय नहीं है कि ये उन लोगों को अपनी बात रखने का प्लेटफॉर्म देते हैं जो अपनी आवाज नहीं उठा सकते। बढ़ती प्रगति है। लेकिन, ये भी ध्यान रखते हैं कि ये पर ही बड़ी तादाद ऐसे लोगों की है जो साजिशें रचते हैं, झूठ गढ़ते हैं और फिर इसे फैलाते हैं।

सच और झूठ जरूरी है
इन सोशल नेटवर्क्स ने इंसान की खुद की सोच को खत्म कर दिया है। झूठ और सच में कोई फर्क नहीं पड़ता है। जब तक दोनों पक्षों में भरोसा नहीं होगा, तब तक आम लोगों की बेहतरी भी नहीं हो सकती। हे अमेरिकन यूनिवर्सिटी के रिलीजियस फिलॉस्फर मोशे हालबर्टेल कहते हैं- राजनीति में मूल्य होने चाहिए। निर्णय ऐसा होना चाहिए, जिससे दोनों पक्षों को फायदा हो। लोगों का भरोसा नहीं टूटना चाहिए। लेकिन, आज अमेरिका में ये नहीं हो रहा है। बाकी सब तो छोड़ दीजिए। यहाँ तो मुख पहनने पर भी राय बंट गया है। और अगर कोई हालात हैं तो फिर लोकतंत्र जिंदा नहीं रह पाएगा।

डेमोक्रेट्स पर भी सवालिया निशान
ऊपर दिए गए तथ्यों के आधार पर मुझे लगता है कि इस चुनाव में जो बाइडेन ही एकमात्र पसंद हैं। लेकिन, ऐसा भी नहीं है कि डेमोक्रेट्स सियासत नहीं कर रहे हैं। लेकिन, रिपब्लिकन्स से उनकी तुलना नहीं की जा सकती है। रिपब्लिकन्स ने पहले रोनाल्ड रीगन और जॉर्ज लुई सीनियर को चुना। लेकिन, वे ये भी जानते हैं कि अभी ओवल ऑफिस में बैठा व्यक्ति कैसा है। अगर ट्रम्प को चार साल और मिलते हैं तो हमारे संस्थान खत्म हो जाएंगे, देश बंट जाएगा। इसलिए, मुझे लगता है कि अमेरिका की आशा यही है कि बाइडेन चुना जाए। रिपब्लिकन्स के कुछ कम कट्टरपंथी लोग उनका साथ दें।

आज फीके रहे बाइडेन
बुधवार की डिबेट में बाइडेन नहीं चमक पाया गया। डिबेट की ही बात करें तो मैंने उन्हें बहुत प्रभावी कभी नहीं देखा। लेकिन, मुझे कोई संभावना नहीं है कि वे सरकार को एकजुट करेंगे और वह क्वॉलिटी जरूर दे देंगे जो एक देश के तौर पर जरूरी हैं और जिनका यह देश लायक है। इसलिए मैं कहता हूं- बाइडेन को वोट कृपया। मेल से लेट या फिर वर्क लगाकर बो तक जाएं और फिर से वोटिंग करें। इसलिए, ट्रम्प और फॉक्स न्यूज को नतीजों में धांधली का मौका न मिल सकेगा। लोगों को प्रेरित करें और बाइडेन के लिए वोट करें। यह आप अपने देश के लिए करें। क्योंकि, हमारा दानव इसी पर निर्भर है।





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By GAUTAM

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