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  • कोरोना से सामना में नाकामी ट्रम्प पर भारी पड़ रही है, अर्थव्यवस्था में सुधार हुआ है तो तुलना में बहुत मुश्किल हो जाएगा
  • द इकोनॉमिस्ट ने अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव में जो बिडेन की स्थिति मजबूत बताई है

दैनिक भास्कर

जुलाई 04, 2020, 06:19 AM IST

वॉशिंगटन। नवंबर में होने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार जो बिडेन का पलड़ा वर्तमान में भारी नजर आता है। कोविड -19 का प्रकोप होने से पहले अर्थव्यवस्था की तेज गति से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के पुन: नए जाने की बहुत संभावना थी।

ऐसी स्थिति में लगभग सभी सत्तारूढ़ राष्ट्रपति जीतते रहे हैं। लेकिन, इकोनॉमिस्ट के चुनाव मॉडल ने इस बार ट्रम्प के जीतने की संभावना केवल दस प्रतिशत बताई है। ट्रम्प राष्ट्रीय जनमत सर्वे में अपने प्रतिद्वंद्वी से केवल कुछ अंक पीछे थे। अब राष्ट्रपति बहुत मुश्किल में हैं। जो बिडेन ने नौ अंकों की वृद्धि हासिल कर ली है। कुछ डेवलपर में तो उठाना और बहुत कुछ है।

काकी, मिशीगन और विस्कांसिन में कड़े की तुलना में
समाचार, मिशीगन और विस्कांसिन जैसे कड़े की तुलना में राज्यों में जो बिडेन की स्थिति बेहतर है। बुजुर्ग वेटरों के बीच भी उन्हेें काफी समर्थन मिल रहा है। आश्चर्य की बात है कि कॉलेज न जाने वाले श्वेत वेटर भी उनके साथ जुड़े हैं। वायरस ने बड़ी संख्या में वेटरों को अहसास कराया है कि 74 साल के ट्रम्प राष्ट्रपति पद के काबिल नहीं हैं।

नवंबर के लिए अभी लंबा समय है। यदि कोरोनावायरस ठंडा पड़ता है। अर्थव्यवस्था सुभारती है तो आने वाले दिनों में ट्रम्प के आसार सुधर सकते हैं। अगर वायरस का भीषण प्रकोप जारी रहा। डाक से वोटिंग के पर्याप्त इंतजाम नहीं हुए तो कम वोटिंग के कारण अप्रत्याशित हो जाएगा। कैसे भी स्थिति हो ट्रम्प पहले की तरह अलग-अलग तरीकों से फायदा उठाने की कोशिश करेंगे।

अनुभव और नरम रुख जो बिडेन के काम करेंगे

  • जो बिडेन 77 वर्ष के हैं लेकिन ट्रम्प की अधिक आयु के कारण यह मुद्दा उनके खिलाफ नहीं होगा। वे उपराष्ट्रपति बने हुए हैं। 1972 में 30 साल से कम उम्र में पहली बार सीनेटर बने थे।
  • डेवलपर में डेमोक्रेटिक प्रभाव के राज्यों मिशीगन, पेनसिल्वानिया, विस्कांसिन में बाइडेन बहुत आगे हैं। एरिजोना, जार्जिया और टैक्सास जैसे रिपब्लिकन प्रभाव वाले राज्यों में भी वे कड़े से में हैं।
  • अनुभव, विनम्रता और मध्यम मार्गी प्रवृत्तियों जो बिडेन की स्थिति को मजबूत बनाता है। लोगों को यह भी लगता है कि वे अमेरिका की पुरानी स्थिति को कर सकते हैं।

जो बिडेन पहुंचे बिना कुछ किए अच्छी स्थिति में
बिडेन बहुत कुछ किए बिना अच्छी स्थिति में पहुंच गए हैं। ट्रम्प की कमजोरी से डेमोक्रेटिक पार्टी को सीनेट में बहुमत मिला है। कोविद -19 और अनवरेत जार्ज फ्लोल्ड की मौत से भोर सामाजिक अशांति से पहले जो बिडेन अमेरिका और दुनिया को 2016 के पहले की स्थिति में ले जाने की बात कर रहे थे। ट्रम्प इसे बता रहे हैं। वे वोटर को डरा रहे हैं कि उनकी उम्र के कारण डगमगाता हुआ मूर्ख है।

उन्हें पुलिस को खत्म करने और हर किसी की गन रखने करने का इरादा रखने वाले खतरनाक उग्र सुधारवादी बंधक बना लेंगे। कुछ डेमोक्रेट्स जो बिडेन के बारे में इससे उलटा सोचते हैं। उन्हें एक बुजुर्ग के अपने मध्यमार्गी तरीकों में उलझे रहने की आशंका है। इसी तरह, जो बिडेन ने रंगभेद, धर्म और अन्य महत्वपूर्ण मसलों पर अपने विचारों में बदलाव किया है। गर्भपात के अधिकारों, स्कूलों में श्वेतों, अश्वेतों को अलग करने जैसे मुद्दों पर ढुलमुल रुख के कारण वामपंथी उन्हें संदेह की निगाह से देखते हैं।

2016 में ट्रम्प की जीत में उनकी बड़ी भूमिका नहीं थी। वह झंडास्त हो रहे सिस्टम के खिलाफ वंचित लोगों की नाराजगी का इजहार था। लगातार पाँच साल से बढ़ रही बेरोजगारी से लोग असंतुष्ट थे। यह अलग समय है, कोरोनावायरस से एक लाख 30 हजार से अधिक अमेरिकियों की मौत हो चुकी है। बेरोजगारी आसमान छू रही है। शालीनता और मर्यादा से जुड़े मध्यमार्गी मूल्य, अनुभव और योग्य लोगों की सलाह पर काम करने की इच्छा जैसे गुण लोगों को आकर्षित कर रहे हैं। जो बिडेन इन मूल्यों की झलक दिखाते हैं।





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