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  • चीन ने बताया कि भारतीय मीडिया अपने राष्ट्रीय दिवस पर ताइवान को एक अलग देश नहीं बनाता है, यह चीन का अभिन्न अंग है

नई दिल्ली37 मिनट पहले

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यह फोटो जून की है। ताइवान की राजधानी ताइपे में राष्ट्रपति साई इंग-वेन ने दूसरे कार्यकाल के लिए शपथ ग्रहण करने के बाद भाषण दिया था। उन्होंने चीन से दुश्मनी खत्म कर सहयोग बढ़ाने की अपील की थी- फाइल फोटो

  • चीन ने कहा- भारतीय मीडिया चीन की चीन वन चीन की नीति का सम्मान करे, ताइवान को अलग देश बताने से लोगों को गलत संदेश जाएगा
  • 10 अक्टूबर को ताइवान में नेशनल डे मनाया जाता है, इसी दिन यहां वुचांग शासन की शुरुआत हुई थी चीन के किंग साम्राज्य का अंत हुआ था

ताइवान का राष्ट्रीय डे 10 अक्टूबर को है। इससे पहले चीन ने भारतीय मीडिया को इसे देश के तौर पर पेश नहीं करने की सलाह दी है। दिल्ली की स्थिति चीन के मिशन ने इसके लिए मीडिया हाउसेस को चिट्ठी लिखी है। इसमें लिखा है- हमारे मीडिया के दोस्त, आपको याद दिलाना होगा कि दुनिया में सिर्फ एक चीन है। सिर्फ पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना की सरकार ही पूरी दुनिया में चीन का प्रतिनिधित्व करती है।ताइवान को देश के तौर पर पेश नहीं किया गया। इसके अध्यक्ष साई इंग-वेन को भी राष्ट्रपति न बताया जाए। इससे आम लोगों में गलत संदेश जाएगा।

वहीं, इस पर ताइवान के विदेश मंत्रालय ने ट्वीट किया- भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। इसके अध्यक्ष वाइब्रेंट और लोग आजादी पसंद कर रहे हैं। हालाँकि, ऐसा लगता है कि कम्युनिस्ट चीन इस सब कॉन्टीनेंट पर भी सेंशरशिप थोपना चाहता है। ताइवान के भारतीय दोस्तों का एक ही जवाब होगा- भाड़ में जाओ।

ाने भारतीय मीडिया चीन वन चीन ’की नीति माने’

चिट्ठी में आगे लिखा है- ताइवान चीन का अभिन्न हिस्सा है। चीन के साथ डिप्लोमेटिक संबंध रखने वाले देशों को अपनी ’वन चीन की नीति का पूरी तरह से सम्मान करना चाहिए। इस मामले में भारत सरकार का भी लंबे समय से विश्वास किया जा रहा है। भारतीय मीडिया भी भारत सरकार की तरह वन चीन नीति को मान सकता है। मीडिया चीन की इस नीति का उल्लंघन न करे।

चीन ने भारतीय मीडिया को नसीहत क्यों दी?

ताइवान के राष्ट्रीय डे का कुछ भारतीय मीडिया हाउसेस ने कवरेज करने का ऐलान किया है। कुछ भारतीय न्यूज चैनलों पर इससे जुड़े कार्यक्रम प्रसारित किए जाने वाले हैं। इससे जुड़े विज्ञापन बीते कुछ दिनों में दिल्ली के न्यूजपेपर में पब्लिश हुए हैं। यही कारण है कि भारत के चीन मिशन ने भारतीय मीडिया को यह नसीहत दी है।

क्यूं मनाया जाता है चीन का राष्ट्रीय डे?

10 अक्टूबर को ताइवान में वुचांग शासन की शुरुआत माना जाता है। इसी दिन यहाँ पर चीन के किंग साम्राज्य का अंत हुआ था और रिपब्लिक ऑफ चाइना की स्थापना हुई थी। मौजूदा समय में चीन और ताइवान के बीच तनाव है। इसके बावजूद चीन ने नेशनल डे मनाने का ऐलान किया है।

साई के राष्ट्रपति बनने के बाद चीन-ताइवान में विवाद बढ़ा

साई के राष्ट्रपति बनने के बाद से चीन और ताइवान में विवाद बढ़ा है। साई ने पहले पद के समय ही वन बालना नीति को मानने से मना कर दिया था। इसके बाद चीन ने ताइवान से सभी प्रकार के संबंध तोड़ लिए थे। चीन हमेशा से ताइवान को अपना हिस्सा मानता रहा है। चीनी कम्युनिस्ट पार्टी ताइवान को हमला करने की धमकी देती रही है। चीन के विरोध के कारण ही चीन विश्व स्वास्थ्य असेंबली का हिस्सा नहीं बन पाया था। चीन की शर्त थी कि असेंबली में जाने के लिए ताइवान को वन बालना नीति को मानना ​​होगा, लेकिन ताइवान ने शर्त ठुकरा दी थी।





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By GAUTAM

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