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PATNA : बिहार में राजद नेता और पूर्व स्वास्थ्य मंत्री रहे तेज प्रताप ने नीतीश सरकार पर एक बार फिर हमला बोला है। इस बार उन्होंने कविता के माध्यम से नीतीश सरकार के सुशासन पर सवाल खड़े किए हैं। तेज प्रताप ने ट्वीट करते हुए लिखा है कि- बिहार तुम ‘दह’ जाओ, तुम ‘बह’ जाओ, तुम ‘मर’ जाओ, हमें बस सोने दो..! क्योंकि मैं नीतीश कुमार हूं, मैंने ‘सुशासन’ शब्द का निर्माण जो किया है। बिहार में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के भाई और राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद के बड़े बेटे तेज प्रताप नीतीश सरकार के सुशासन पर हमेशा से सवाल उठाते रहे हैं। चाहे कोरोना संकट हो या बिहार में बाढ़ उन्होंने नीतीश सरकार पर ट्वीट के माध्यम से सवाल सरकार पर निशाना साधा है। इससे पहले उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा था कि-बिहार का कोना कोना बाढ़ से कराह रहा है। लेकिन सरकार में बैठे बाबू मुस्कुरा रहे हैं। अब जनता की जिंदगी पहाड़ है, हाँ भैया क्योंकि नीतीशे कुमार हैl

उधर राजद ने बिहार विधानसभा चुनाव में सीट शेयरिंग मुद्दे को लेकर अपने सहयोगियों पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है। राजद ने साफ तौर पर कह दिया है कि महागठबंधन में शामिल बाकी सहयोगी पार्टियां तेजस्वी यादव को सीएम उम्मीदवार के रूप में स्वीकार नहीं करती तब तक सीट शेयरिंग के मसले पर कोई बातचीत नहीं होगी। राजद के एक वरिष्ठ नेता ने नाम नहीं छापने की शर्त पर कहा है कि महागठबंधन में शामिल सहयोगी पार्टियां कांग्रेस, हम और रालोसपा तेजस्वी यादव को सार्वजनिक रूप से सीएम उम्मीदवार के रूप में स्वीकारने की घोषणा करें अन्यथा हमारे पास दूसरे विकल्प भी हैं। हमारे कुछ सहयोगी दल ने तेजस्वी यादव को सीएम उम्मीदवार के रूप में स्वीकार कर लिया है लेकिन कुछ ताकतें उन्हें ऐसा करने से रोक रहीं हैं। इसलिय जब तक सीएम उम्मीदवार को लेकर एकमत नहीं होगा सीट शेयरिंग के मुद्दे पर हम कोई बात नहीं करेंगे।

राजद के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह ने कहा कि यह पहले से ही तय हो चुका है कि तेजस्वी यादव ही सीएम उम्मीदवार हैं। हम चाहते हैं कि सहयोगी दल एकजुट होकर चुनाव लड़ें। महागठबंधन में राजद सबसे बड़ी पार्टी है। जगदानंद सिंह ने सीएम उम्मीदवार को लेकर सहयोगी दलों द्वारा राजद पर डाली जा रही नई शर्तों पर कोई टिप्पणी नहीं की। उन्होंने कहा, हम चुनाव की तैयारी कर रहे हैं और चाहते हैं कि गठबंधन बना रहे। निश्चित रूप से सीएम उम्मीदवार को लेकर राजद के कड़े रुख ने कांग्रेस और अन्य सहयोगियों को विशेष रूप से रालोसपा और हम को अलग थलग कर दिया है।



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