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PATNA : बिहार विधानसभा चुनाव की रणभेरी बेजने के बाद अब महागठबंधन में सीट शेयरिंग को लेकर चल रही खींचतान अब खत्म होने की बात कही जा रही है. राजद ने वामदलों को मैनेज कर लिया है. वामदल अब तेजस्वी को सीएम बनाने के लिए चुनावी मैदान में उतरेगी. मसलन कन्हैया कुमार अब तेजस्वी के लिए एनडीए से टकराएंगे. महागठबंधन में सीटों की संख्या पर सहमति बनने के बाद अब सीट टू सीट चर्चा शुरू हो गई है.वामदल ने सीट का मामला सुलझा लिया है लेकिन अभी कांग्रेस फाइनल बातचीत के बाद ही इसपर अंतिम मुहर लगेगी. वाम दलों में माले के लिए जिन 19 सीटों पर लगभग सहमति बनी है, वे सीटें लगभग दस जिलों में की हैं. माले को सबसे ज्यादा पटना और भोजपुर में तीन-तीन सीटें मिली हैं.

बताया जा तेजस्वी ने जो सीटें दी हैं उसमें भोजपुर जिले के आरा शहर, तरारी और अगिआंव और पटना जिले की पालीगंज, फुलवारीशरीफ और दीघा विस क्षेत्र शामिल हैं। इसके अलावा बक्सर जिले की डुमरांव, रोहतास की काराकाट, मुजफ्फरपुर की औराई या गायघाट में कोई एक, गोपालगंज की भोरे, अरवल जिले की अरवल, समस्तीपुर जिले की वारिसनगर, कल्याणपुर, जहानाबाद जिले की घोसी, सीवान जिले की दरौली, दरौंदा और जीरादेई और कटिहार जिले की बलरामपुर सीट है.

वहीं सीपीआई के खाते में जाने वाली सीटों में हरलाखी, झंझारपुर, तेघरा, बखरी, रुपौली पर मामला तय है. लेकिन पार्टी सिमरी बख्तियारपुर और गोह पर भी अड़ी है. सीपीएम के लिए पिपरा, विभूतिपुर और मटिहानी तय है. लौकहा या पूर्णिया में से कोई एक देने की मांग अभी बरकरार है. वामदलों के साथ राजद की बात बनने के बाद अब कन्हैया कुमार तेजस्वी यादव का हाथ मजबूत करेंगे. अब देखना है कि कांग्रेस और राजद के बीच सीटों को लेकर चल रही खींचतान कब खत्म होती है और कब सीटों का फाइनल ऐलान होता है.



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