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  • कानपुर देहात के चौबेपुर थाना क्षेत्र का रहने वाला है कुख्यात अपराधी विकास दुबे, लूट, हत्या जैसे मामले अब तक 60 मामले दर्ज
  • गुरुवार रात एक बजे जब पुलिस विकास को पकड़ने गई तो अंधाधुंध फायरिंग की, सीओ सहित आठ पुलिसकर्मियों की मौत हुई

दैनिक भास्कर

Jul 03, 2020, 09:16 AM IST

लखनऊ। उत्तरप्रदेश में कानपुर देहात के बिठूर थाना क्षेत्र में गुरुवार रात एक बजे दबिश देने गई पुलिस टीम पर फायरिंग करने वाले हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे पर 60 आपराधिक मामले दर्ज हैं। 19 साल पहले उन्होंने 2001 में थाने में घुसकर राज्यमंत्री संतोष शुक्ला की हत्या कर दी थी। इसके बाद उन्होंने राजनीति में एंट्री ली। नगर पंचायत का चुनाव भी जीता था। विकास कई बार गिरफ्तार भी हुआ। 2017 में लखनऊ में एसटीएफ ने कृष्णा नगर से उसे दबोचा था।

बना रखा था युवाओं की फौज
हिस्ट्रीशीटर विकास कानपुर देहात के चौबेपुर थाना क्षेत्र के विकरू गांव का रहने वाला है। उन्होंने कई युवाओं की फौज तैयार कर रखी है। इसी के साथ वह कानपुर नगर से लेकर कानपुर देहात तक लूट, डकैती, मर्डर जैसे अपराधों को अंजाम देती रही है।]2000 में विकास ने शिवली इलाके के ताराचंद इंटर कॉलेज के सहायक प्रबंधक सिद्धेश्वर पांडेय की हत्या कर दी थी, जिसमें उसे उम्रकैद की सजा भी हुई थी।

अपराध से निर्मित अधिकार में गहरा पैठ

विकास ने अपने अपराधों के दम पर पंचायत और निकाय चुनावों में कई नेताओं के लिए काम किया और उसके संबंध प्रदेश की सभी प्रमुख पार्टियों से हो गए। 2003 में शिवली थाने के अंदर घुस कर इंस्पेक्टर रूम में बैठे तब श्रम संडे बोर्ड के चैयरमेन रहे राज्य मंत्री का दर्जा प्राप्त भाजपा नेता संतोष शुक्ल को बांड से भून दिया था। उसका इतना खौफ था कि कोई गवाह सामने नहीं आया। इसके कारण वह केस से बरी हो गया है। इसकी शादी शास्त्री नगर सेंट्रल पार्क के पास रहने वाले राजू खुल्लर की बहन से हुई थी। ब्राह्मण शिरोमणि पंडित विकास दुबे के नाम से फेसबुक पेज बना रखा था।

नगर पंचायत चुनाव जीता

2002 में जब प्रदेश में बसपा की सरकार थी, तब इसका सिक्का शहहौर, शिवराजपुर, रैंयस, चौबेपुर के साथ ही कानपुर नगर में चलता था। 2018 में विकास दुबे ने अपने चचेरे भाई अनुराग पर जानलेवा हमला किया था। तब अनुराग की पत्नी ने विकास सहित चार लोगों को नामजद किया था। 2000 में रामबाबू यादव की हत्या की जेल में आरोप रचने का आरोपी था। 2004 में कैब कब्ज दिनेश दुबे की हत्या के मामले में भी विकास आरोपी है। विकास ने राजनेताओं के सरंक्षण से राजनीति में एंट्री की और जेल में रहने के दौरान शिवराजपुर से नगर पंचायत का चुनाव जीत लिया। जानकारी के अनुसार, इस समय विकास दुबे के खिलाफ 60 मामले यूपी के कई जिलों में चल रहे हैं। पुलिस ने इसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार का इनाम रखा था। हत्या और हत्या की कोशिश के मामले पर पुलिस को इसकी तलाश थी।

लखनऊ में एसटीएफ ने पकड़ा था
विकास दुबे पुलिस से बचने के लिए लखनऊ स्थित अपने कृष्णा नगर के घर पर छिपा हुआ था। इस कु प्रसिद्ध हिस्ट्रीशीटर को पकड़ने के लिए लखनऊ एसटीएफ को लगाया गया था। कुछ समय पहले ही एसटीएफ ने उसे कृष्णा नगर से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। अब एक बार फिर जेल से निकलने के बाद बड़ी घटना को अंजाम दिया है।

आठ पुलिसकर्मी हुए शहीद

उत्तरप्रदेश के कानपुर में गुरुवार रात एक बजे दबिश देने गई पुलिस टीम पर बदमाशों ने अंधाधुंध गोलियां चलाई।) इसमें सर्कल ऑफिसर (डीएसपी) और 3 सब इंस्पेक्टर सहित 8 पुलिसकर्मियों की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि पुलिस बिठूर थाना इलाके के एक गांव में हिस्ट्री शीटर विकास दुबे को पकड़ने गई थी, लेकिन उसकी गैंग ने पुलिस पर गंभीर लगाकर छत से हमला किया और विकास दुबे फरार हो गया। बदमाश पुलिस के कई हथियार भी लूट ले गए। घटना के बाद एनकाउंटर में विकास के 3 सहयोगियों को मार गिराया।





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