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  • गलवान घाटी में 15 जून की रात भारत-चीन के सैनिकों में पेट्रोलिंग पॉइंट -15 पर झड़प हुई थी
  • भारत में चीन के राजदूत सन विडोंग ने भी भारत-चीन रिश्तों पर बयान जारी किया

दैनिक भास्कर

Jul 11, 2020, 02:00 AM IST

नई दिल्ली। पूर्वी लद्दाख में सीमा पर सैनिकाें काे पूरी तरह से वापस बुलाने और पूर्ण शांति स्थापित करने पर चीन के साथ सहमति हुई।) विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव स्तर की शुक्रवार काे बातचीत में दाेनाें देशाें ने एक-दूसरे की भावनाओं का सम्मान करते हुए विवादाें के निपटारे पर जाेर दिया।

यह बातचीत विदेश मंत्रालय में पूर्वी एशिया के संयुक्त सचिव नव श्रीवास्तव और चीन के विदेश मंत्रालय के महानिदेशक वू ज किंगहो के बीच वीडियाे काँफ्रेंसिंग के जरिए भारत-चीन बाब क्रम अफेयर्स का-ऑयनेशन मैकेनिज्म के तहत हुई।

भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा कि दोनों देश द्विपक्षीय सहमति और प्रोटोकॉल के अनुसार सीमा पर शांति और नियंत्रण रेखा से सैनिकों के बीच टकराव काे पूरी तरह से खत्म करने पर प्रतिस्पर्धी हुए हैं। बातचीत में भारत-चीन सीमा क्षेत्रों में स्थिति की समीक्षा की गई। भारत की लगातार 5 मई से पहले की स्थिति में चीन सेना के पीछे हटने की मांग कर रहा है।

कई बार हुआ

भारतीय और चीनी सेना के बीच पूर्वी लद्दाख में पैंगाँग त्साए और अन्य इलाकाें में 5 और 6 मई काे टकराव हुआ था। इसके बाद 15 जून काे दाेनाें सेनाओं के बीच हिंसक झड़प में भारत के 20 सैनिक शहीद हुए थे, जबकि चीन के 40 सैनिकाें के मारे जाने का दावा किया गया था।

लेफ्टिनेंट जनरल स्तर की चाैथे चरण की बातचीत आज: पूर्वी लद्दाख में सेना वापसी के पहले चरण के हालात काे बारे में शनिवार को लेफ्टिनेंट जनरल स्तर की चाैथे चरण की बातचीत हाएगी। इसमें भारतीय सेना की ओर से 14 वीं कोर केंदर के लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह और चीन की सेना की ओर से दक्षिण शिनज चाइल्ड मिलिट्री रीजन के सैंडर मेजर जनरल लिउ लिन शामिल हाेंगे।

चीनी राजदूत ने कहा- दोनों देशों को एक-दूसरे पर भरोसा रखना चाहिए
भारत-चीन विवाद के बीच भारत में चीन के राजदूत सन विडोंग ने दोनों देशों के संबंधों को सुधारने के सुझाव दिए हैं। उन्होंने कहा कि भारत-चीन को आपसी संबंधों को सुधारने के लिए आपसी सहमति से सभी मतभेदों को दूर करना होगा। उन्होंने कहा कि भारत-चीन को किसी भी तरह के विवादों को बढ़ाने से बचना चाहिए। दोनों देशों को एक-दूसरे पर निर्भर रखना चाहिए।

विडोंग ने कहा कि लंबे समय से चली आ रही सीमा विवाद एक संवेदनशील मुद्दा है। हमें बातचीत के माध्यम से इसके ऐसे समाधान खोजने की कोशिश करनी चाहिए, जो दोनों पक्षों को स्वीकार किया जाए।

आपसी संबंधों के लिए विडोंग में 5 पॉइंट रेलवे थे

  1. भारत और चीन को साझेदार बनना चाहिए, प्रतिस्पर्धी नहीं।
  2. दोनों देशों को आपसी संघर्ष की बजाए शांति बनाकर रखनी चाहिए।
  3. भारत-चीन को ऐसे कदम उठाने चाहिए, जिनसे दोनों का फायदा हो।
  4. दोनों को देशों को एक-दूसरे पर शक करने की बजाय भरोसा रखना होगा।
  5. दोनों देशों को अपने रिश्तों को आगे की ओर ले जाना चाहिए।

अजित डोभाल ने की थी चीनी विदेश मंत्री से बात
भारत-चीन के बीच 15 जून को गलवान में हुई झड़प में 20 भारतीय जवान शहीद हो गए थे। चीन के भी 40 सैनिक मारे गए, लेकिन उसने यह कबूला नहीं। गलवान झड़प के बाद दोनों देशों के बीच सेना के अफसरों के बीच कई दौर की बात हुई, लेकिन सहमति नहीं बन पाई। इसके बाद राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल ने चीन के विदेश मंत्री मंत्री कलाय से वीडियो कॉल पर दो घंटे की चर्चा की थी। बातचीत के कुछ घंटे बाद ही चीन ने सेना वापस बुलाने का फैसला किया था।

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