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PATNA : अयोध्या राम मंदिर के भूमि पूजन कार्यक्रम का काउंट डाउन शुरू हो गया है. पीएम मोदी आगामी पांच अगस्त को मंदिर निर्माण का शुभारंभ करने जा रहे हैं. तैयारियां जोरों पर है. मंदिर आंदोलन के बाद एक बार फिर से सम्पूर्ण अयोध्या भगवामय होती दिखाई दे रही है. प्रधानमंत्री बनने के बाद पहली बार पांच अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अयोध्या पहुंच रहे हैं. वह राम जन्मभूमि क्षेत्र में राम मंदिर निर्माण की आधारशिला रखेंगे. लेकिन, उनके दौरे से पहले सोशल मीडिया पर एक तस्वीर वायरल हो रही है.

इस तस्वीर में वे पूर्व केंद्रीय मुरली मनोहर जोशी के साथ नजर आ रहे हैं. यह तस्वीर 1991 की बताई जा रही है जब वे रामलला के जन्मोत्सव में अयोध्या पहुंचे थे. अब इस तस्वीर के वायरल होने के बाद अब यह कहा जा रहा है कि पीएम मोदी अपने वादे के अनुसार राम मंदिर के द्वार को खोलने जा रहे हैं. मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक वीएचपी से जुड़े एक फोटोग्राफर ने तब नरेंद्र मोदी से पूछा था कि अब आप अयोध्या कब आएंगे तो इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा था कि जरूर आऊंगा लेकिन मंदिर बनेगा तब. उस घटना के 29 साल बाद पांच अगस्त का वो दिन उस ऐतिहासिक बयान का भी गवाह बनेगा.

टीओआई के मुताबिक, उस फोटोग्राफर का नाम महेंद्र त्रिपाठी था जिसने मुरली मनोहर जोशी से पूछा था कि आपके साख ये शख्स कौन हैं. इस सवाल के जवाब में जोशी ने कहा था कि यह गुजरात से आने वाले बीजेपी के नेता हैं. त्रिपाठी ने कहा कि नरेंद्र मोदी ने उस दिन कहा था कि जिस दिन राम मंदिर का निर्माण शुरू होगा, वह वापस आएंगे. फोटोग्राफर ने टीओआई से बातचीत में दावा किया कि 1991 में मोदी की यह दुर्लभ तस्वीर उन्होंने ही खींची थी और उस दौरान उनकी मोदी से भी बातचीत हुई थी. त्रिपाठी उस दिन को याद करते हुए बताते हैं कि मोदी भाजपा के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी के साथ अप्रैल 1991 में अयोध्या आए थे और उन्होंने विवादित क्षेत्र का दौरा किया था. त्रिपाठी आगे बताते हैं कि वह अयोध्या में एकमात्र फोटोग्राफर थे और वीएचपी (विश्व हिंदू परिषद) से जुड़े हुए थे. इस दौरान उन्होंने यह फोटो खींचा था.

पांच अगस्त को भूमि पूजन से पहले अयोध्या को न केवल दुल्हन की तरह सजाया जा रहा है, बल्कि आतंकी खतरे को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये जा रहे हैं. हाल ही में खुफिया एजेंसियों मे अलर्ट जारी किया था कि लश्कर और जैश के आतंकी भूमि पूजन में खलल डाल सकते हैं. बता दें कि मंदिर भूमि पूजन से पहले देश के अलग अलग धार्मिक स्थलों ने मिट्टी को अयोध्या पहुंचाया जा रहा है. इसके साथ ही श्रीरामजन्मभूमी तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट का कहना है कि लोग अपने टेलीविजन सेट के जरिए उस भव्य आयोजन का हिस्सा बनें. कोरोना काल की वजह से अयोध्या आने से परहेज करें.



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