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  • मंगलवार को युवा कांग्रेस नेता सचिन पायलट को सम्मानित अध्यक्ष और उप मुख्यमंत्री पद से हटा दिया गया
  • पद से हटाए जाने के 15 मिनट के भीतर पायलट ने लिखा- सत्य को परेशान किया जा सकता है, परजित नहीं

दैनिक भास्कर

Jul 14, 2020, 05:26 PM IST

मंगलवार, 14 जुलाई 2020 को लगभग वही कहानी दोहराई गई जो मंगलवार 10 मार्च 2020 को पहली बार सामने आई थी। कांग्रेस लीडरशिप ने 14 जुलाई को राजस्थान के युवा नेता सचिन पायलट की उड़ान पर रोक लगा दी थी, जबकि 10 मार्च को कद्दावर ज्योतिरादित्य कांग्रेस के कारवां से अलग हो गए थे।

मंगलवार का दिन तो महज एक संयोग है, लेकिन कांग्रेस का मंगल करने वाले युवा नेता कुनबा छोड़ कर जा रहे हैं और जो युवा लीडरशिप पर पार्टी का सबकुछ अटक पर लगा है, वह इधर-उधर की बातों से खुद को उलझा दिया है।

जी, बात राहुल गांधी और प्रियंका वाड्रा गांधी की हो रही है, जिनकी जोड़ी की कसमें खाई जाती हैं और कहा जाता है कि उनके ‘करिश्माई नेतृत्व’ में ही कांग्रेस का वजूद है। हालांकि, 11 से 14 जुलाई तक गरमागरम रहा राजस्थान की राजनीति में एक नया मोड़ आ गया है और ये मोड़ कांग्रेस को फिर से बड़ा झटका देने वाला है।

इस झटके का असर तो आने वाले दिनों में पता चलेगा, उससे पहले ठीक 19 महीने पहले की दो तस्वीरें देखती हैं जिनके केंद्र में स्वयं राहुल गांधी हैं और दो राज्यों में दो बेमेल जोड़ियों को एक साथ लाने का श्रेय भी उन्हीं के खाते में था। ।

पहली तस्वीर की गंभीरता: 13 दिसंबर 2018 को इस तस्वीर के जरिए राहुल गांधी ने मध्य प्रदेश में नए फॉर्मूला देकर नई जोड़ी बनाई थी। दुनिया के लिए महान दार्शनिक लियो टॉलस्टॉय के संदेश को दोहराते हुए कहा गया था – धीरज और समय दो सबसे ताकतवर राजकुमारी होते हैं।

पहली तस्वीर का अंजाम: धीरज और समय दोनों हाथ से छूट गए और ये जोड़ी इसी मार्च में टूट गई। होली में दिल तो नहीं मिले, जोड़ी जरूर टूट गई और साथ में के साथ मध्य प्रदेश भी कांग्रेस के हाथ से छूट गई। राहुल गांधी इस वक्त भी कुछ नहीं बोले थे। वे और प्रियंका दोनों लोगों को होली की जीत देने में जरूर आगे थे, लेकिन बेहद करीबी युवा साथी सिंधिया को रोकने की पहल किसी ने नहीं की।

यहां भास्कर अभिलेखागार से ये भी पढ़ें: सियासी रंग / जब सिंधिया पार्टी को छोड़कर जा रहे थे, तो राहुल-प्रियंका होली मुबारक में मशगुल थे; यंग ब्रिगेड में से भी किसी ने नहीं रोका

दूसरी तस्वीर की गंभीरता: कमलनाथ और सिंधिया के साथ वाली अपनी पुरानी तस्वीर के ठीक दूसरे दिन राहुल ने उसी अंदाज में गहलोत और पायलट के साथ वाली तस्वीर ट्विटर पर शेयर की। अंजद वही। केंद्र में राहुल ही थे, और दाएं-बाएं पंजीकृत की नई जोड़ी। नया फार्मूले के तहत दो विपरीत ध्रुव पास लाए गए, और संदेश दिया गया – राजस्थान की एकता के रंग – राजस्थान के एकजुट रंग!

दूसरी तस्वीर का अंजाम: अंजाम तो काफी दिनों से स्पष्ट दिख रहा था, और उम्मीद की जा रही थी कि राहुल-प्रियंका या फिर सोनिया इस रेतीले बवंदर को तेज कर देगी। लेकिन, ऐसा न हो पाया। इस तस्वीर की एकता के रंग 2020 की मानसून में बह गए। यहां भी युवा लीडरशिप ने कोई अग्रेसिव स्टैंड नहीं लिया और पायलट से मिलने तक का स्पेस न देते हुए उनके लिए ‘आत्मनिर्भर’ होने का विकल्प छोड़ दिया।

अब पढ़ते हैं बीते 4 दिनों की पढ़ाई की गवाही जो बताती है कि कांग्रेस की युवा लीडरशिप के पास कोराना, चीन से विवाद, धारावी मॉडल, लोदी रोड का बंगला और श्रद्धांजलि देने का समय तो था, लेकिन अपने युवा साथियों के जाने को लेकर वे कहीं भी, किसी भी तरह से गंभीर नहीं लगे।

11 से 14 जुलाई के बीच राहुल के 9 ट्वीट: एक भी ट्वीट में राजस्थान या गेहलोत-पायलट के बारे में कुछ नहीं कहा

तारीख राहुल के 9 ट्वीट और उनका विषय
14 जुलाई सिर्फ एक ट्वीट, कोरोना पर WHO की चेतावनी का
13 जुलाई कुल 3 ट्वीट, कोरोना के ग्राफ और मोदी पर चीन के बहाने तंज
12 जुलाई सिर्फ एक ट्वीट, द वायर की खबर को लेकर मोदी पर सवाल
11 जुलाई कुल 3 ट्वीट, धारावी मॉडल, मोदी पर तंज और रेवा सोलर प्लांट

14 जुलाई: राजस्थान में सचिन पायलट को पार्टी से निकालने की तैयारी चल रही थी और राहुल गांधी बीबीसी की कहानी को पढ़ने के लिए देश में कोरोना के दस लाख केसों का अनुमान लगा रहे थे। पूरे दिन में उनका यही एकमात्र ट्वीट है।

13 जुलाई: न जाने कौन सी खबर को लेकर राहुल बिफरे लगे और दो ट्वीट करके मीडिया पर तोहमत लगाई कि वो फासिस्ट ताकतों के हाथों में है और वे उसकी पोल खोलेंगे। राहुल ने कहा कि वे कल से यानि 14 जुलाई से रोज एक वीडियो पोस्ट करके अपनी बात रखेंगे। हालाँकि, शायद वे अपना लिखा भूल गए। 14 जुलाई को उन्होंने ऐसा कुछ नहीं कहा।

13 जुलाई: द हिंदू की रिपोर्ट के हवाले से वह शब्द के बहाने मोदी को घेरा और अश्लील शब्दों में अपनी बात कही। इतने बड़े लीडर की ओर से इस तरह के ट्वीट पर कोई खास रीडर रिस्पांस भी नहीं आया।

13 जुलाई: दुनिया में कोरोना के ग्राफ की तस्वीर पोस्ट कर हमारे देश की स्थिति पर तंज कसते हुए पूछा कि, क्या हम कोरोना से लड़ाई में अच्छी स्थिति में हैं?

12 जुलाई: द वायर न्यूज पोर्टल में करण थापर के शो की खबर को लेकर पीएम मोदी पर निशाना साधा और पूछा कि चीन ने हमारी जमीन कैसे छीन ली?

11 जुलाई: इस दिन राहुल ने 3 ट्क्शन किए और सबसे पहले महाराष्ट्र में कोरोना रोकने के धारावी मॉडल को लेकर अपनी सरकार की पीठ थपथपाई, जनता को भी शाबाशी दी। हालाँकि, वे भूल गए कि महाराष्ट्र में कोरोना बेकाबू है।

11 जुलाई: एनडीटीवी की एक खबर को देखते हुए राहुल ने पीएमकेयर्स फंड के चीनी कनेक्शन पर सवाल उठाया। उन्होंने चीनी मोबाइल कंपनियों के नाम भी लिखे और पूछा कि, इस मामले में क्या छुपाया जा रहा है?

11 जुलाई: पीएमओ की ओर मप्र के रीवा में शुरू किए गए सोलर पावर प्रोजेक्ट के ट्वीट को रीट’ड द्वारा राहुल ने सिर्फ एक शब्द में तंज कसा – असत्यग्रही! न वे अपनी बात स्पष्ट कर पाए और न ही क्या असत्य है ये बता पाया।

11 से 14 जुलाई के बीच प्रियंका वाड्रा गांधी के 6 ट्वीट:

14 जुलाई: सचिन पश्चिमी जिस वक्त अपने दोनों पदों से हटाए गए, प्रियंका नेलसन मंडेला की छोटी बेटी जिंदसी के साथ अपनी दोस्ती को याद करके उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे थे।

14 जुलाई: प्रियंका अपने लोदी इस्टेट वाले घर को खाली करने को लेकर तंज भरे शब्दों में शहरी विकास मंत्री हरदीप सिंह पुरी को शुक्रिया कह रही थीं। साथ में, सफाई दे रही थी कि मैंने बंगले को लेकर कोई निवेदन नहीं किया और न ही मैं करूंगी। जैसा, मैंने कहा है, मैं 1 अगस्त को यह बंगला खाली कर दूंगी।

14 जुलाई: मंगलवार के चौथे ट्वीट में प्रियंका ने यूपी में कोरोना की स्थिति पर चिंता जताई और बढ़ रहे मामलों को लेकर किए गए छोटे से लॉकडाउन को बेबी लॉकडाउन कहा, साथ ही उसके पीछे कोई चार्ज की ओर इशारा किया।

14 जुलाई: जब reg में बुरी तरह से लीडरशिप में लड़ाईयां पासड़ी हुईं थीं, प्रियंका अपने लोदी इस्टेट वाले बंगले को लेकर सोशल मीडिया में चल रही खबरों को फेक न्यूज देने लगी थीं।

13 जुलाई: प्रियंका ने दिनभर में दो ट्वीट किए। पहले ट्वीट में- यूपी में कोरोना के मामले में तीन दिनों के आंकड़े रखते हुए योगी पर एक शेर के साथ तंज कसा – ‘मर्ज़ उठ गया, ज्यों ज्यों दवा की

13 जुलाई: सोमवार के दूसरे ट्वीट में प्रियंका ने राहुल के ट्वीट को साझा करके भारत में कोरोना की स्थिति पर तंज कसा

11 और 12 जुलाई: प्रियंका ने किसी भी मामले पर कोई ट्वीट नहीं किया। दोनों दिन उनका विदेशी रेडियो हैंडल चुपचाप रहा।





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