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  • टैगके के मुजफ्फराबाद में अवैधकानूनी तरीके से हाइड्रोपावर प्लांट बनाया जा रहा है, यहाँ के खिलाफ या इसके खिलाफ
  • प्लांट चीन की थ्री गोर्जेस कॉरपोरेशन की सब्सिडियरी कोहाला हाइड्रोपावर कंपनी लिमिटेड तैयार कर रही है।

दैनिक भास्कर

जुलाई 07, 2020, 10:46 AM IST

इस्लामाबाद। पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (Wordake) के मुजफ्फराबाद में चीन का विरोध तेज हो गया है। यहां के लोगों ने सोमवार को नीलम और झेलम नदी पर गैरकानूनी तरीके से हाइड्रोपावर प्लांट बनाने के खिलाफ निकाली नदी के खिलाफ कार्रवाई की। लोगों ने पाकिस्तान और चीन के खिलाफ नारे लगाए। स्थानीय लोगों का कहना है कि बांध बनाने से पर्यावरण पर बुरा असर पड़ेगा। इस मुद्दे को दुनिया तक पहुंचाने के लिए ट्वीटर पर #SaveRiversSaveAJK कैंपेन शुरू किया गया है।

यह पावर प्लांट चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरीडोर (सीपीईसी) के तहत बनाया जा रहा है। इसे चीन की थ्री गोर्जेस कॉरपॉप कंपनी की सब्सिडियरी कोहाला हाइड्रोपावर कंपनी लिमिटेड तैयार कर रही है।)
लोगों ने कहा- यह संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव के खिलाफ है
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब यह क्षेत्र विवादित है तो फिर यहां चीन-पाकिस्तान किस कानून के तहत बांध बना रहे हैं। हम विरोध में कोहाला प्रोजेक्ट तक रैली निकालेंगे। प्लांट के लिए नदियों पर कब्जा किया जा रहा है। यह संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएएनएसी) के प्रस्ताव का उल्लंघन है।

प्लांट की भविष्यवाणी की लागत लगभग 18 हजार करोड़ है

चीन-पाकिस्तान के बीच इस परियोजना के लिए इसी वर्ष समझौता हुआ है। इस पावर प्लांट से 1124 मेगावाट बिजली तैयार की जाएगी। प्लांट की भविष्यवाणी की लागत लगभग 18 हजार करोड़ रुपये है। प्रोजेक्ट के तहत 20 किमी लंबी नहर बनाई जाएगी, जो मुजफ्फग्राम से होकर गुजरेगी। दिसंबर 2018 में भी मुजफ्फग्राम के लोगों ने नहर के डिजाइन को लेकर विरोध किया था।





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