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PATNA : बिहार विधानसभा चुनाव में इस बार नेपाल सीमा से लगे विधानसभा क्षेत्रों में दोहरी नागरिकता रखने वाले वोटर मतदान नहीं कर पाएंगे। इसका कारण दोनों देश के बीच बढ़ी तल्खी और सीमा पर बरती जा रही अतिरिक्त सतर्कता है। नेपाल पुलिस से मिल रहे संकेतों के अनुसार इस बार विधानसभा चुनाव के दिन किसी भी व्यक्ति को भारत में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। इस कारण नेपाल में रह रहे भारतीय नागरिकता रखने वाले लोगों को चुनाव में वोट डालना संभव नहीं होगा।

बता दें कि सीमा पार नेपाल में बड़ी संख्या में ऐसे किसान व अन्य भारतीय हैं जिनकी खेती गृहस्थी से लेकर कारोबार तक दोनों देश में है। ऐसे लोगों के पास दोनों देशों की नागरिकता है और ये अब तक के चुनाव में वोट डालते रहे हैं। खासकर अररिया जिले की सीमा से सटे नरपतगंज, फारबिसगंज एवं सिकटी विधानसभा क्षेत्र में दोहरी नागरिकता रखने वाले लोग अपने मताधिकार का प्रयोग करते रहे हैं। मगर इस बार दोनों देशों के बीच तल्खी के कारण ऐसा नहीं हो पाएगा। चुनाव को लेकर नेपाल के सीमावर्ती जिलों सुपौल, किशनगंज और अररिया में एसएसबी जवान सीमा पर लगातार गश्त कर रहे हैं। सुपौल जिले में कोसी नदी के रास्ते लगनेवाली सीमा पर बोट से पेट्रोलिंग की जा रही है। सुपौल में एसएसबी कमांडेंट एचके गुप्ता ने बताया कि 57 किलोमीटर लंबी भारत-नेपाल सीमा पर स्थापित 18 आउट पोस्ट के एसएसबी जवान रात दिन गश्त कर रहे हैं। हालांकि एसएसबी की ओर से बीओपी की बढ़ोतरी तो नहीं की गई है लेकिन आम रास्तों के साथ-साथ पगडंडियों पर भी चौकसी बढ़ाई गई है।

एसएसबी के डीआईजी एसके सारंगी ने कहा कि फिलहाल नेपाल के उस पार कोई खास गतिविधि नजर नहीं आ रही है। फिर भी गुप्तचर की मदद से नजर रखी जा रही है।विधानसभा चुनाव को लेकर नेपाल के अधिकारियों से लगातार संपर्क में हैं और इस मामले को लेकर मॉनिटरिंग की जा रही है । किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि मिलने की सूचना मिलने पर तुरंत इसकी जानकारी देने के लिए कमांडेंट को कहा गया है। बहुत सख्ती के साथ सीमा इलाकों पर इन दिनों पहरेदारी की जा रही है।



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