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  • यह विरोध प्रदर्शन अमेरिका में रहने वाले भारतीय, ताईवानी और तिब्बती मूल के नागरिकों ने किया
  • गलवान घाटी में हुई हिंट झड़प के बाद अमेरिका में रहने वाले भारतीयों में चीन के खिलाफ गुस्सा है

दैनिक भास्कर

जुलाई 04, 2020, 10:27 AM IST

न्यूयॉर्क। भारतीय मूल के नागरिकों ने शुक्रवार रात न्यूयॉर्क के टाइम्स स्कवायर में चीन के खिलाफ प्रदर्शन किया। विशेष बात ये है कि इसमें ताइवान और तिब्बती मूल के अमेरिकी नागरिक भी शामिल हैं। इन सभी ने चीन विरोधी बैनर और पोस्टर के बारे में प्रदर्शन किया। साथ ही बेटोरॉट चीन के नारे को लागू किया गया।
15 जून की रात गलवान घाटी में भारत और चीन के सैनिकों के बीच हिंसक झड़प में भारत के 20 युवा शहीद हो गए। चीन के भी 43 सैनिक और अफसर मारे गए थे। हालाँकि, चीन ने अब तक यह कब तक नहीं किया।

संक्रमण का डर भी नहीं
चीन के खिलाफ इन लोगों में उग्र का आलम यह था कि उसने संक्रमण संबंधी चेतावनी के बावजूद चीन विरोधी प्रदर्शन किया। हाल के कुछ दिनों में अमेरिका के कई अन्य शहरों में भी चीन विरोधी प्रदर्शन देखने मिले हैं। इस दौरान लोगों के हाथों में भारत, ताइवान और तिब्बत के झंडे भी थे। यहाँ कुछ लोगों ने चीन के प्रोडक्ट्स का बकरॉट भी शुरू कर दिया है।

चीन के कारोबार को अंक पहुंचाना आवश्यक है
टाइम्स स्कवी पर हुए प्रदर्शन में शामिल कई लोगों ने कहा कि चीन में बनी चीजों का बकरॉट किया जाना जरूरी है। इन लोगों के मुताबिक, अगर चीन से बसना है तो सबसे पहले उसकी आर्थिक नीतियों पर लगाम लगानी होगी। भारतीयों के संगठन अमेरिकन इंडिया पब्लिक अफेयर्स कमेटी के प्रेसिडेंट जगदीश शेवानी ने कहा- चीन ने भारतीय सैनिकों पर हमला करके अपना असली चेहरा दिखाया है। सिर्फ भारत ही नहीं वह कई देशों को परेशान कर रहा है।

चीन मुस्लिम भी परेशान
जगदीश ने कहा- चीन खुद अपने देश के नागरिकों के लिए भी मुसीबत बन रहा है। वहाँ के शिनज प्रांत और उईगर मुस्लिमों के अधिकार छीन के लिए गए हैं। प्रदर्शन में शामिल तिब्बती नागरिकों ने कहा कि चीन की वजह से उनकी संस्कृति खतरे में पड़ गई है। हजारों लोगों को जेल में रखा गया है। तिब्बती नेता दोर्जी तेस्तेन ने कहा- हम भारत और अमेरिका से अपील करते हैं कि वे चीन का मुकाबला करें। चीन पर लंबे समय तक काबू पाना जरूरी है।

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