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  • जयपुर में 2 दिन में 2 बार विधायक दल की बैठक हुई, सचिन पायलट और उनके विधायक नहीं पहुंचे
  • मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का 109 विधायक होने का दावा, कहा- सरकार को नहीं
  • पायलट खेम ने कहा- हमारे पास 30 से ज्यादा विधायक हैं, सरकार बहुमत साबित करे

विष्णु शर्मा

Jul 14, 2020, 03:19 PM IST

जयपुर। सचिन पायलट के लिए कांग्रेस के दरवाजे अब बंद हो गए हैं। तीन दिन से उन्हें मनाने की तमाम कोशिशें फेल होने के बाद आखिरकार पार्टी ने एक्शन ले लिया। सचिन को उपमुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष पद से हटा दिया गया है। हालाँकि, उन्हें पार्टी से निकाला नहीं गया है। उनके समर्थक मंत्री विश्वेंद्र सिंह और रमेश मीणा से मंत्री पद छीन लिया गया है। पायलट की जगह गोविंद सिंह डोटासरा को राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी का नया अध्यक्ष बनाया गया है। गणेश गोगरा विधायक को प्रांत युवा कांग्रेस का और हेम सिंह शेखावत को प्रदेश सेवा समूह का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।

उधर, विधायक दल की बैठक के बाद मुख्यमंत्री अशोक गेहलोत ने कहा कि पहली बार देश भ्रम में आ रहा है। जो सरकार देश में आई है वह धनबल से राज्य की दूसरी सरकारों को तोड़-मरोड़ रही है। सरकारें बदली हैं, राजीव गांधी चुनाव हरे हैं। इस देश में ये सब कुछ हुआ है। आप सोचिए पाकिस्तान में ऐसा नहीं होता। पायलट, भाजपा के हाथ में खेल रहे हैं। जो मध्यप्रदेश में सभी कर रहे थे, वही यहाँ लगे हुए हैं।

उन्होंने कहा कि आप सोच सकते हैं कि इनका प्रकार क्या है? आप बताइए 122 विधायक हमारे साथ हैं। 102 कांग्रेस के है। ऐसी स्थिति में कांग्रेस का कोई विधायक फ्लोर टेस्ट की मांग कर सकता है। दरअसल, ब्लैकमेल किया गया है।

कांग्रेस ने सचिन को कम उम्र में बहुत कुछ दिया

कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, ‘कांग्रेस नेतृत्व ने बार-बार यह कहा जो राजनीतिक ताकत सचिन पायलट को कम उम्र में दी गई, वह शायद किसी को नहीं मिली। 30-32 वर्ष की आयु में उन्हें केंद्रीय मंत्री बनाया गया। 34 वर्ष की आयु में आरक्षित के कांग्रेस अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी दी। 40 साल की उम्र में उपमुख्यमंत्री बनाए गए। बहुत कम समय में किसी को प्रोत्साहित करने का यही मतलब है कि सोनिया और राहुल का आशीर्वाद उनके साथ है। पिछले 4 दिन से भी कांग्रेस कहती रही कि कोई सुबह का भूला शाम को लौट आए तो बात सुनी जाएगी। लेकिन अफसोस है कि पड़ोसी और उनके कुछ साथी 8 करोड़ रेजिडेंसी द्वारा मिले गए सरकार को गिराने की कोशिश कर रहे हैं। ‘

आज भी पड़ोसी का इंतजार किया, बैठक एक घंटे टाली
कल दिन भर सियासी ड्रामा चलता रहा। आज भी हालात ऐसे ही बने हुए हैं। विधायक दल की बैठक सुबह 10:30 बजे होनी थी, लेकिन यह एक घंटे देरी से 11:30 बजे शुरू हुई। बगावत पर उतरे पश्चिमी और उनके समर्थक विधायकों का इंतजार किया गया। इससे पहले पायलट को इस बैठक के लिए न्योता भेजा गया था। हालांकि, स्थानीय खेमे ने फिर से आने से इनकार कर दिया। बैठक में शामिल नहीं हुए विधायकों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करने का प्रस्ताव किया गया है। सभी विधायकों ने पायलट को पार्टी से निकालने पर सहमति जताई।

अपडेट्स

  • मुख्यमंत्री अशोक गहलोत राज्यपाल कलराज मिश्र से मिलने पहुंचें। उन्हें विधायक दल की बैठक में लिए गए फैसलों के बारे में जानकारी दी।
  • भाजपा नेता ओम माथुर ने कहा- सचिन पायलट के लिए पार्टी के द्वार खुले हैं। उनका स्वागत है।
  • सूत्रों के मुताबिक, सचिन पश्चिमी अब गेहलोत के साथ काम नहीं करना चाहते हैं। उन्होंने अपनी मंशा कांग्रेस के सीनियर नेताओं के साथ बातचीत में जाहिर की है।
  • राजस्थान कांग्रेस प्रभारी अविनाश पांडे ने मंगलवार सुबह विधायक दल की बैठ्क के पहले कहा कि हम सचिन पायलट को दूसरा मौका दे रहे हैं, उन्हें आज की विधायक दल की बैठक में भाग लेने के लिए कहा। मुझे उम्मीद है कि आज सभी विधायक आएंगे और नेतृत्व को एकजुटता करेंगे, जिसके लिए चिंतित के लोगों ने दांव लगाया, हम सभी राज्य के विकास के लिए काम करना चाहते हैं।
  • राज्य के खाद्य और आपूर्ति मंत्री रमेश मीणा ने न्यूज एजेंसी एएनआई से कहा, ‘वे इस संकट में सचिन पायलट के साथ हैं।’
  • राजस्थान भाजपा अध्यक्ष सतीश पुनिया ने कहा, ‘कांग्रेस का दावा कर रही है कि उनके नेता एकजुट हैं, लेकिन यह साफ है कि उनके बीच अनिश्चितता है। इसलिए सचिन पायलट पार्टी छोड़ रहे हैं। अभी हमने फ्लोर टेस्ट की मांग नहीं की है।
यह जयपुर जयपुर के पास कूकस के फेयर माउंट होटल की है। यहां गेहलोत खेमे के विधायक ठहरे हैं।

पायलट ने कहा- सत्य को परजित नहीं कर सकते

आज की बैठक में 22 विधायक नहीं पहुंचे
कांग्रेस विधायक: सचिन पायलट, रमेश मीणा, इंद्रराज गुर्जर, गजराज खटाना, राकेश पारीक, मुरारी मीणा, पीआर मीणा, सुरेश मोदी, भंवर लाल शर्मा, वेदप्रकाश सोलंकी, मुकेश भाकर, रामनिवास गावड़िया, हरीश मीणा, बृजेंद्र ओला, हेमाराम चौधरी, विश्व कुमार सिंह, दीपेंद्र सिंह और गजेंद्र शक्तावत
निर्दलीय विधायक: सुरेश टाक, ओम प्रकाश और खुशवीर सिंह जोजवार।

गेहलोत ने अपने विधायकों की परेड कराई थी
इससे पहले, सोमवार को मुख्यमंत्री अशोक गेहलोत ने अपने विधायकों की परेड कराई थी। इस दौरान उन्होंने कहा कि हमारे पास बहुमत (101 विधायक) से ज्यादा 109 विधायक हैं। वहीं, पश्चिमी ने सोमवार शाम अपने विधायकों का वीडियो जारी किया। कहा कि उनके पास 19 विधायक हैं। हालांकि, वीडियो में 17 विधायक नजर आए। खेम ने कहा कि गेहलोत सरकार अल्पमत में है। फ्लोर टेस्ट कराए। गहलोत खेमे के विधायक जयपुर के पास कूकस के फेयर माउंट होटल में ठहरे हैं। वहीं, खेम के विधायक हरियाणा के मानेसर में रुके हुए हैं।

राहुल, प्रियंका ने संपर्क साधा, लेकिन पायलट समझौते के लिए गांधी नहीं

कांग्रेस पायलट को मनाने में जुटी है। सोमवार को राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के अलावा पी। चिदंबरम और केसी वेणुगोपाल ने उनसे संपर्क साधा था। कांग्रेस सूत्रों ने कहा कि लोक समझौते को राजी नहीं हुआ। उन्होंने राहुल गांधी के साथ मुलाकात से भी इनकार कर दिया। हालांकि, सूत्र यह भी दावा कर रहे हैं कि पायलट ने शीर्ष नेतृत्व के सामना चार चरणों को रखा है। इनमें कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष का पद बरकरार रखने के अलावा गृह और वित्त विभाग दिए जाने की मांग भी शामिल है। उधर, पड़ोसी सीधे कुछ बोलने और ट्वीट करने के बजाय करीबियों के बयान से रहे हैं, ताकि पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए उन पर कोई कार्रवाई न हो सके।

विधानसभा की मौजूदा स्थिति: कुल जमा: 200

पार्टी विधायकों की संख्या
कांग्रेस 107
भाजपा 72
निर्दलीय 13
आरएलपी 3
बीटीपी 2
लेफ्ट 2
आरएलडी 1

राजस्थान की विधानसभा में दलीय स्थिति को देखें तो कांग्रेस के पास 107 विधायक हैं। सरकार को 13 में से 10 निर्दलीय और एक राष्ट्रीय लोकदल के विधायक का भी समर्थन है। लिहाजा गहलोत के पास 118 विधायकों का समर्थन है। उधर, भाजपा के पास 72 विधायक हैं। बहुमत बढ़ाने के लिए कम से कम 29 विधायक चाहिए।

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3। राजस्थान में कांग्रेस पर संकट गहराया / प्रदेश कांग्रेस, युवा कांग्रेस और सेवा दल के अध्यक्ष बगावत की राह पर, राज्य में इस तरह की कांग्रेस पहली बार बनी।





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