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PATNA: बिहार में इस समय चुनावी मौसम है। वोटरो को नेताओं के तरह-तरह के रंग देखने को मिल रहे हैं। कोई नामांकन भरने जाते समय ही वोटरों को लुभाने के लिए तरह-तरह की बातें कर रहा है तो कोई घर-घर जाकर पैर पकड़ रहा है। बात हो रही है बिहार विधानसभा के पूर्व उपाध्यक्ष और आरा के 73 वर्षीय भाजपा प्रत्याशी अमरेंद्र प्रताप सिंह की। आरा से चार बार विधायक रह चुके अमरेंद्र प्रताप सिंह को भाजपा ने 2015 के चुनाव में भोजपुर से टिकट दिया। वह 666 वोट से चुनाव हार गए। इस बार फिर भाजपा ने उन्हें ंमैदान में उतारा है। इस बार वह एक-एक वोट सहेजने में खुद लगे हैं। गांव-गांव जाकर लोगों के पैर पकड़ कर आर्शीवाद मांग रहे हैं।

शेखपुरा जिले की बरबीघा विधानसभा के पूरनकामा गांव में दर्जी का काम करने वाले राजेंद्र प्रसाद ने भी इस बार चुनाव में पर्चा भरा है। राजेंद्र प्रसाद साइकिल से नामांकन करने पहुंचे। राजेंद्र ने कहा कि चुनाव के बाद यदि वे विधायक बने तो पहले अपना विकास करेंगे। उन्होंने कहा कि विधायक बनने के बाद लोग दिल्ली, मुंबई में फ्लैट खरीदते हैं और अपनी पूंजी बढ़ाते हैं। राजेंद्र ने कहा कि इतने साल तक वे मेहनत करते रहे, लेकिन अभी तक कुछ भी हासिल नहीं कर सके। उनका उद्देश्य है कि विधायक बनने के बाद वे भी अपना घर मकान बना सकें और अपना और अपने परिवार का विकास कर सकें। इसी उद्देश्य से उन्होंने नामांकन किया है।

चुनाव आयोग ने कोविड को देखते हुए राजनीतिक दलों के स्टार प्रचारकों की संख्या कम कर दी है। आयोग ने मान्यता प्राप्त दलों को 40 की जगह 30 और गैर मान्यता प्राप्त दलों को 20 की जगह 15 स्टार प्रचारकों को ही अनुमति दी है। लेकिन इसके लिए सूची जमा करने की अवधि बढ़ा दी है। पहले अधिसूचना के सात दिन के अंदर सूची देनी थी अब यह दस दिन कर दी गई है। प्रचार शुरू करने के 48 घंटे पहले प्रशासन को सूचना देनी होगी।



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