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PATNA : चिराग पासवान ने एक बार फिर नीतीश कुमार पर निशाना साधा है। चिराग के एक नए ट्वीट ने बिहार की सियासत की गर्माहट बढ़ा दी है। चिराग ने ट्वीट में कहा है कि नीतीश कुमार के दबाव में आने की जरूरत नहीं है, मैं प्रधानमंत्री से प्रार्थना करता हूं कि वे मेरी वजह से किसी धर्मसंकट में न पड़ें। वे अपना गठबंधन धर्म निभाएं। नीतीश कुमार को संतुष्ट करने के लिए मेरे खिलाफ कुछ भी बोलना पड़े तो नि:संकोच बोलें। चिराग ने अपने ट्वीट में लिखा है कि नीतीश कुमार ने प्रचार का पूरा जोर मेरे और प्रधानमंत्री के बीच दूरी दिखाने में लगा रखा है। बांटो और राज करो की नीति में माहिर मुख्यमंत्री रोज मेरे और भाजपा के बीच दूरी बनाने का प्रयास कर रहे हैं। मेरे और प्रधानमंत्रीजी के रिश्ते कैसे हैं, मुझे यह प्रदर्शित करने की जरूरत नहीं है। पापा जब अस्पताल में थे तब से लेकर उनकी अंतिम यात्रा तक उन्होंने मेरे लिए जो कुछ किया उसे मैं कभी नहीं भूल सकता। मैं नहीं चाहता की मेरी वजह से प्रधानमंत्रीजी किसी धर्मसंकट में पड़ें। वे अपना गठबंधन धर्म निभाएं।

चिराग ने कहा है कि नीतीश कुमार को भाजपा के साथियों का धन्यवाद करना चाहिए कि वे मुख्यमंत्री के खिलाफ इतना आक्रोश होने के बावजूद गठबंधन धर्म निभा रहे हैं और हर दिन नीतीश कुमार को प्रमाणपत्र देते हैं कि वे चिराग के साथ नहीं है। ‘बिहार फर्स्ट’ की सोच जदयू के नेताओं की गले की फांस बन चुका है। वहीं, चिराग पासवान पर हो रही राजनीति पर जदयू के वरिष्ठ नेता केसी त्यागी ने कहा कि अमित शाह ने साफ कहा है कि चिराग पासवान सीटों का तालमेल कर रहे थे। चिराग के बयान से बीजेपी और जेडीयू आहत है। गठबंधन तोड़ने का प्रयास सिर्फ एलजेपी की तरफ से हुआ है। जहां तक मुख्यमंत्री पद का सवाल है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी , अमित शाह, जेपी नड्डा सभी ने दर्जनों मौकों पर कहा है कि सिर्फ नीतीश कुमार ही नए बिहार का सृजन कर सकते हैं। उनके नेतृत्व में 15 वर्षों में नए बिहार को बनाने का काम किया गया है।

केसी त्यागी ने इससे पहले चिराग पासवान द्वारा अपने को मोदी का हनुमान कहने पर कहा कि हनुमान जी सबसे सर्वश्रेष्ठ पात्र थे। इशारों में राम की बात समझते थे। जब उन्होंने समझा तो लंका दहन के लिए पूंछ में आग लगा ली। वर्तमान के हनुमान राम का इशारा नहीं समझते हैं। यह हनुमान लंका की बजाय अयोध्या को जलाने में लगे हैं। अमित शाह के बयान के बाद अब चिराग पासवान को लेकर बहस बंद हो जानी चाहिए।



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