Share this


  • प्रधानमंत्री ने 11 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित लद्दाख के नीमू में फॉरवर्ड लोकेशन पर जवानों से मुलाकात की
  • नरेंद्र मोदी ने 26 मिनट तक जवानों के बीच भाषण दिया, हौसला बढ़ाने के लिए दिनकर की कविता की पंक्तियां लिखी हैं

दैनिक भास्कर

Jul 03, 2020, 05:19 PM IST

लद्दाख। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गलवान झड़प के 18 दिन के बाद गुरुवार सुबह अचानक लद्दाख पहुंचे। यहां 11 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित नीमू में फॉरवर्ड लोकेशन पर जवानों से मुलाकात की गई। उनका हौसला बढ़ाने के लिए 26 मिनट तक स्पीच दी। भारत माता की जय के नारे लगाए और रामधारी सिंह दिनकर की कविता की दो पंक्तियाँ पढ़ीं- से से उनके सिंहनाद से सहमी धरती अभी तक डोल, कल आज के उनके जय बोल। ”

चीन की नीतियों को मोदी ने चुनौती देने के लिए लद्दाख की इस फॉरवर्ड लोकेशन को चुना और कहा- विस्तारवाद ने ही मानव जाति का विनाश किया, इतिहास बताता है कि ऐसी ताकतें मिट गईं।

26 मिनट की स्पीच में मोदी के 6 संदेश

1. देश के जवानों का शौर्य अतुलनीय

आपका ये हौसला, आपका शौर्य और आपका अवतार अतुलनीय है। आपकी जीवटता भी दुनिया में किसी से भी कम नहीं है। इन कठिन परिस्थितियों में जिस ऊंचाई पर आप भारत की मां की सेवा करते हैं, उसका मुकाबला पूरी दुनिया में कोई नहीं कर सकता। आपका साहस उस ऊंचाई से भी ऊंचा है, जहां आप तैनात हैं। आपका निश्चित है कि आप रोजाना अपने कदमों से नापते हैं।

2. गलवान में जवानों की वीरता से दुनिया को भारत की ताकत पता चली

आपकी भुजाएं उन टुकड़ों जैसी मजबूत हैं, जो आपकी इर्द-गिर्द खड़ी हैं। आपकी इच्छा शक्ति पर्वतों जैसी अटल है। आपके बीच आकर मैं इसे महसूस कर रहा हूं। मुझे ही नहीं पूरे देश को अटूट विश्वास है कि आप जब सरहद पर डटे हैं तो यही बात प्रत्येक देशवासी को देश के लिए दिन रात काम करने के लिए प्रेरित करती है। आत्मनिर्भर भारत का संकल्प आप लोगों को कारण बनता है। अभी आपने और आपके सहयोगियों ने जो वीरता दिखाई उन्हें पूरी दुनिया में ये संदेश दिया है कि भारत की ताकत क्या है।

3. शांति वीरता की शर्त पर होगी और भारत पराक्रम विश्व ने देखा है

हरकत के बाद भारत और मजबूत होने की समीक्षा है। राष्ट्र की, दुनिया की, मानवता की प्रगति के लिए शांति और मित्रता हर कोई नहीं मानता है। हम ये भी जानते हैं कि कमजोर शांति की पहल नहीं कर सकती। वीरता ही शांति की शर्त होगी। भारत आज जल-थल-नभ तक अपनी ताकत बढ़ा रहा है तो उसके पीछे का लक्ष्य मानव कल ही है। विश्व युद्ध हो या विश्व शांति की बात, जब भी जरूरत पड़ी है विश्व ने हमारे वीरों का पराक्रम देखा भी है और महसूस भी किया है।) हमने हमेशा मानवता और मानवता की रक्षा के लिए काम किया है।

4. दुनिया चीन की विस्तारवादी नहीं, विकासवादी नीति चाहती है

आज विश्व विस्तारवाद नहीं, विकासवाद के प्रति समर्पित है। विस्तारवाद ने ही मानव जाति का विनाश किया है। इतिहास बताता है कि ऐसा करने वाली ताकतें खत्म हो गई हैं। राष्ट्र रक्षा से जुड़े किसी लीडर के बारे में सोचता हूं तो मैं सबसे पहले दो माताओं का स्मरण करता हूं। प्रथम- हम सभी की भारत माता, द्वितीय- वे वीर माता-पिता हैं जिन्हें आप जैसे राजकुमारियों को जन्म दिया है।

5. सरकार का फोकस सेना और सैनिकों को मजबूत बनाना

सेना के लिए आधुनिक हथियार हो या आपने के लिए साजो सामान, हम इस पर बहुत ध्यान देते हैं। बॉर्डर इन्फ्रास्ट्रक्चर पर खर्च लगभग 3 गुना कर दिया गया है। इससे बॉर्डर एरिया डेवलपमेंट और सीमा पर सड़कें-पुल बनाने का काम भी बहुत तेजी से हुआ है। अब आप तक सामान भी बहुत कम समय में पहुंचता है। सेनाओं में समन्वय के लिए चीफ ऑफ डिफेंस के गठन की बात हो या वॉर मेमोरियल का या फिर वन-पेंशन वन रैंक की बात हो। हम सेना और सैनिकों को मजबूत कर रहे हैं।

6. भारत के अन्य लोग निर्भर नहीं रहेंगे, 130 करोड़ लोग सपने पूरा करेंगे

हम वो लोग हैं बांसुरीधारी की पूजा करते हैं, हम वो लोग हैं जो सुदर्शनधारी को आदर्श मानकर चलते हैं। जिस भारत के सपने को लेकर आप सरहद पर देश की रक्षा कर रहे हैं, हम आपके सपनों का भारत बनाएंगे। इसमें 130 करोड़ देशवासी पीछे नहीं रहेंगे। मैं तुम्हें यह विश्वास दिलाने आया हूं। हम आत्मनिर्भर भारत बनाकर ही रहेंगे।

भारत-चीन सीमा विवाद पर आप ये भी पढ़ सकते हैं …

1। एमई पर प्रधानमंत्री का पहुंचना हौसले का हाईडोज, इससे उन्हें मूल रूप से पता चल जाएगा, इसलिए तुरंत एक्शन ले लेना चाहिए
2। मोदी ने चीन और दुनिया को बताया- लद्दाख का ये पूरा इलाका भारत का है, जहां न सिर्फ सेना खड़ी है, बल्कि देश के प्रधानमंत्री भी मौजूद हैं
3। मोदी ने फिर से चौंके, चीन से जारी तनाव के बीच लद्दाख पहुंचे; नक्शे के माध्यम से सीमा की रणनीति भी समझी
4। 5 लाइव रिपोर्ट्स से जानिए इन दिनों क्या हैं लेह में हालात, पढ़ें उनकी कहानी भी जिनके अपने भवन में तैनात हैं





Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *