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  • बलूच एक्टिविस्ट ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र पाकिस्तान के स्कूलों में हिंदुओं और यहूदियों के खिलाफ नफरत की शिक्षा दी जाती है, दुनिया को इसका ध्यान देना चाहिए

जेनेवा18 घंटे पहले

संयुक्त का 75 वां सेशन इस वर्ष 15 सितंबर को शुरू हुआ था। इस बार ज्यादा कतर देशों के प्रमुखों ने इसमें ऑफ़लाइन हिस्सा लिया। -फाइल फोटो

  • बलूच एक्टविस्ट मुनेर मेंगल ने यूएन में कहा- पाकिस्तान के आर्मी स्कूलों में पढ़ाया जाता है कि हिंदुओं और बच्चों को जीने का हक नहीं, वे हमारे दुश्मन हैं
  • मुनेर ने कहा कि पाकिस्तान में ईशान कानून का दुरुपयोग हो रहा है, इसके जरिए धार्मिक अल्पसंख्यकों और पिछड़ी जातियों को सजा दी जाएगी।

संयुक्त राष्ट्र (यूएन) में एक बलूच एक्टिवास्ट ने पाकिस्तान के एजूकेशन सिस्टम पर गंभीर आरोप लगाए। बलूच वॉयस एसोसिएशन के प्रेसिडेंट मुनेर मेंगल ने यूएन में कहा- पाकिस्तान के स्कूलों में हिंदुओं और बच्चों के खिलाफ नफरत का पाठ पढ़ाया जाता है। मैं एक सरकारी आर्मी स्कूल में पढ़ने जाता था। यह एक उच्च मानक स्कूल था। इसे कैडेटरी कॉलेज कहते थे। हमें पहली बात सिखाई गई कि हिंदू काफिर होते हैं। यहूदी इस्लाम के दुश्मन है। इन वजहों से ये दुनिया में रहने के लायक नहीं हैं। इन्हें मार दिया जाना चाहिए। इन बातों पर दुनिया को ध्यान देना चाहिए।

नफरत का पाठ पढ़ाते हैं पाक के आर्मी टीचर्स

आगे कहा- आर्मी टीचर्स का पहला और महत्वपूर्ण पाठ यही होता है कि हमें बांड और बमों का सम्मान करना चाहिए। हमें उन मांओं के खिलाफ इस्तेमाल करने के खिलाफ है। उनका कत्ल करना नहीं है तो वे एक बच्चे को जन्म देंगी। आज भी पाकिस्तानी स्कूलों और मदरसों में हर लेवल पर यही बात सिखाई जाती है। यह उनके सेलेबस का सबसे अधिक हिस्सा है। उन्होंने जेनेवा में डर्बन डिक्लेरेशन और प्लान ऑफ एक्शन पर यूएन के वर्किंग ग्रुप्स पर चर्चा के दौरान कुछ बातें कहीं।

ईशानके कानून का दुरुपयोग कर रहा है पाकिस्तान

मुनेर ने कहा कि पाकिस्तान में ईशान कानून का दुरुपयोग हो रहा है। इसके माध्यम से धार्मिक अल्पसंख्यकों को सजा दी जाती है। पिछड़ी जातियों के लोगों को ऐसे मामलों में फंसाया जा रहा है। यह भेदभाव का बड़ा हथियार बन गया है। किसी पर ईशानोद का आरोप लगाने की पूरी हिंसा को सजा देने जैसी है। यह आरोपी व्यक्ति के एक्स्ट्रा ज्यूडिशियल किलिंग की तरह है। ईशान्ड के खिलाफ बोलने वालों की हत्या करने वालों को पाकिस्तान में हर की तरह देखा जाता है।

‘आतंकी संगठन पाकिस्तान की रणनीतिक संपत्ति’

मुनेर ने कहा- बलूचिस्तान में पाक सरकार और अरमी मिलकर लोगों पर जुल्म कर रही है। अपने हक की मांग करने वाले लोगों को चुप कराया जा रहा है। पाकिस्तान में धार्मिक कट्टरपंथी समूहों और आतंकवादी संगठनों को देश की रणनीतिक संपत्ति घोषित किया गया है। इन बातों पर दुनिया को ध्यान देना चाहिए। जब तक इस तरह के संगठनों और समूहों को सरकारों की शह मिलनी बंद नहीं होगी। हम इंसानों से होने वाली किसी भी तरह के भेदभाव को खत्म नहीं कर सकते।



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By GAUTAM

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