Share this


कराचीएक घंटा पहले

  • कॉपी लिस्ट

फोटो शुक्रवार को गुजरांवाला में हुई रैली की है। इसमें विपक्ष के तमाम बड़े नेता शामिल थे। यहां बिलावल और नवाज की बेटी मरियम ने भी भाषण दिया था।

  • गुजरांवाला में शुक्रवार को विपक्ष की रैली हुई थी, इसमें नवाज शरीफ ने आर्मी चीफ पर आरोप लगाए थे
  • अब इमरान खान नवाज के वीडियो पर उन पर पलटवार कर रहे हैं, विपक्ष ने आंदोलन तेज किया

पाकिस्तान की सियासत में फौज को पहली बार घसीटा जा रहा है। शुक्रवार को विपक्षी गठबंधन की रैली में कई फौजी जनरलों और अरमी चीफ पर आरोप लगाए गए थे। प्रधान इमरान खान ने इसकी निंदा की। इस पर विपक्षी नेता बिलावल भुट्टो ने सफाई दी। कहा- इमरान को विपक्ष पर आरोप लगाने का कोई हक नहीं है। वे सिलेक्टेड पीएम हैं और उनकी वजह से फौज पर आरोप लग रहे हैं। इमरान ने ही विपक्ष को फौज का नाम लेने के लिए मजबूर किया है।

हम नाम नहीं लेना चाहते थे
इमरान ने शनिवार को कहा- विपक्ष फौज और उसके जनरलों का नाम लेकर घटिया सियासत कर रहा है। उनके इस आरोप का जवाब कुछ घंटों बाद पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के चेयरमैन बिलावल भुट्टो ने दी थी। बिलावल ने कहा- विपक्षी गठबंधन कभी फौज या उसके जनरलों का नाम सियासत में इस्तेमाल नहीं करना चाहता। लेकिन, इमरान कभी इलेक्टेड पीएम नहीं थे। वे सिलेक्टेड पीएम हैं। और इसी कारण से फौज का नाम सियासी मामलों में घसीटा जा रहा है। हालांकि, बिलावल ने माना कि ऐसा नहीं होना चाहिए। कहा- हम भी मजबूर हैं।

पोलिंग स्टेशन्स में आर्मी क्यों
‘द डॉन’ पत्र से बातचीत में बिलावल ने कहा- हमें भी दुख है कि सियासी जलसों में फौज या आर्मी चीफ का नाम घसीटा जा रहा है। लेकिन, यह मजबूरी में उठाया गया कदम है। जिस देश में लोकतंत्र हो, वहां पोलिंग स्टेशन्स के अंदर फौजियों का क्या काम? इमरान हर भाषण में कहते हैं कि फौज उनके साथ है। इसका क्या मतलब है? फौज का काम मुल्क की हिफजत करना है या इमरान का एजेंडा पूरा करना। उसे सरकार की कठपुतली नहीं बनना चाहिए। अगर ऐसा हुआ तो मुल्क में तानाशाही आ जाएगी।

अब कराची में
गुजरावल में मेगा रैली के बाद अब विपक्ष करेची में यही कर रहा है। इसके लिए तमाम तैयारियां दोनों तरफ से की जा रही हैं। सरकार और फौज इसे नाकाम करना चाहते हैं। विपक्ष के हजारों कार्यकर्ता कराची की सड़कों और पार्कों में पहुंच चुके हैं। गुजरांवाला की रैली में पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने आरोप लगाया था कि इमरान को फौज सत्ता में लाई। उन्होंने आर्मी चीफ जनरल कमर जावेद बाजवा पर दो साल पहले अपनी सरकार गिराने का आरोप लगाया था। नवाज ने कहा था- इस मुल्क में दो सरकारें चल रही हैं। एक इमरान की और दूसरी बाजवा की।





Source link

By GAUTAM

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *