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PATNA : बिहार भाजपा ने विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। स्वतंत्रता दिवस बीतने के बाद पार्टी ने अपने सभी मंच और मोर्चा को सक्रिय कर दिया है। युवा मोर्चा, किसान मोर्चा, महिला मोर्चा, व्यापार प्रकोष्ठ सहित दो दर्जन प्रकोष्ठों ने विधानसभा वार वर्चुअल बैठक शुरू कर दी है। पूर्व घोषित कार्यक्रम के हिसाब से पार्टी ने अपने विधानसभा वार बनाए सभी प्रभारियों को विधानसभा में जाने का भी आदेश दिया है। वहीं जिलों के प्रभारियों को भी जिलों में दौरा करने को कहा गया है। पार्टी ने कहा है कि दोनों प्रभारी अपने-अपने इलाके में जाकर छोटी-छोटी बैठक करें। 10-20 लोगों की उपस्थिति में बैठक कर विधानसभा चुनाव की रणनीति तय करें। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता के अनुसार यह तैयारी उस समय और तेज कर दी गई है जब सर्वे में भाजपा की स्थिति बेहतर बताई गई है। सर्वे राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की ओर से कराया गया है।

इसके अलावा खुफिया एजेंसियों ने भी अभी चुनाव कराने को मुफीद बताया है, जबकि बिहार भाजपा ने भी सर्वे करने वाली अन्य एजेंसियों से अपनी स्थिति का आकलन कराया है। सभी आकलन में अभी चुनाव होने को बेहतर बताया है। सर्वे में यह आशंका जाहिर की गई है कि अगर भविष्य में चुनाव हुए तो संभव है उसके कुछ नुकसान भी उठाने पड़े। इसीलिए भाजपा ने मौजूदा समय में कोरोना वायरस में सावधानियां बरतते हुए ही चुनावी रणनीति पर काम शुरू कर दिया है। नेताओं के अनुसार सर्वे में एनडीए को 2010 की तरह ही अपार बहुमत का दावा किया गया है। उल्लेखनीय है कि बूथ स्तर पर बनी सात सदस्यीय सप्तऋषि के हर सदस्य को 25-25 घरों का जिम्मा दिया गया है। इस तरह बूथ स्तरीय भाजपा के कार्यकर्ता ही 175 घरों में संपर्क कर लेंगे। पार्टी ने महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को चुनाव प्रभारी बनाने का निर्णय लिया है। जल्द ही इसकी औपचारिक घोषणा की जाएगी। बिहार भाजपा अध्यक्ष सांसद डॉ. संजय जायसवाल पहले ही कह चुके हैं कि चुनाव कब होगा यह तय करना चुनाव आयोग का काम है, लेकिन भाजपा हमेशा चुनाव के लिए तैयार रहती है। संगठन आधारित पार्टी होने के कारण भाजपा पूरे वर्ष जमीनी स्तर पर काम करते रहती है। यही कारण है कि चुनाव की चिंता भाजपा नहीं करती है।



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