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PATNA : काफी लंबे समय से चला आ रहा इंतजार आखिरकार खत्म होने ही वाला है। 5 अगस्त को भूमि पूजन (Ayodhya Bhoomi Pujan) के साथ अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। 5 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अयोध्या में भूमि पूजन में हिस्सा लेंगे। इसके चलते (Ayodhya Bhoomi Pujan) अयोध्या को दुलहन की तरह से सजाया जा रहा है। मंदिर के भूमि पूजन से पहले भजन-कीर्तन शुरू हो चुका है। जय श्रीराम के नारों से अयोध्या नगरी गूंजने लगी है। वहीं भूमी पूजन और मंदिर निर्माण (Ayodhya Bhoomi Pujan) की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। भारत की पवित्र जगहों से मिट्टी और जल को इकट्ठा किया जा रहा है। इन मिट्टी और जल गर्भगृह की नींव में रखा जाएगा। अयोध्या में चारों तरह पूजा की की जा रही है, कहीं दीपक जल रहे हैं तो कहीं गलियों को सजाया जा रहा है। भूमि पूजन के बाद राम मंदिर निर्माण का कार्य शूरू हो जाएगा।

पांच अगस्त को भूमि पूजन के बाद पीएम मोदी चांदी की ईंट से मंदिर निर्माण के लिए शिलान्यास करेंगे। मिली जानकारी के अनुसार यह चांदी की ईंट अयोध्या पहुंच गई है। यह शुद्ध चांदी की 22.6 किलोग्राम वजनी ईंट है। चांदी की आज के रेट के हिसाब से देखें तो इस ईंट की कीमत करीब 15 लाख 59 हजार रूपये है। राम मंदिर के भूमिपूजन के मुहूर्त की बात करें तो, यें 5 अगस्त को दिन में 12 बजकर15 मिनट 15 सेकेंड से 12 बजकर 15 मिनट 47 सेकेंड तक है। यानी प्रधानमंत्री 32 सेकंड में भूमि पूजन करेंगे। पीएम मोदी के हाथों 5 नक्षत्रों की परिचायक पांच रजत शिलाएं रखी जाएंगी। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के अनुसार, जिस समय पीएम नरेंद्र मोदी अयोध्या में श्री राम जन्म भूमि मंदिर का निर्माण प्रारंभ करने के लिए पूजन कर रहे होंगे, वह स्वतंत्र भारत का सर्वाधिक महत्व का अवसर होगा।

वहीं, बुधवार को मंदिर की जिम्मेदारी संभाल रहे राम जन्मभूमि तीर्थ ट्रस्ट की ओर से आम जनता से भूमि पूजन वाले दिन अयोध्या न आने की अपील की गई है। कोरोना महामारी के चलते सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए लोगों से अपने घरों में ही पूजन और दीप जलाने का आग्रह किया जा रहा है। हिंदू परिषद सेंटर की ओर से ट्रस्ट के महामंत्री चंपत राय का वीडियो जारी किया गया है, जिसमें उन्होंने कहा कि ‘आप लोगों से हाथ जोड़कर निवेदन है कि अयोध्या मत आओ.’



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