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  • 44 विपक्षी नेताओं के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज, जिनमें मरियम नवाज भी शामिल हैं; नवाज के भाषणों पर स्टे लगाने से हाईकोर्ट ने किया इनकार

इस्लामाबादएक घंटा पहले

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पाकिस्तान के पूर्व पीएम नवाज शरीफ की बेटी मरियम नवाज पिछले कुछ समय से मिलिट्री और सरकार की आलोचना कर रही हैं। उन्होंने सरकार पर विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप लगाया ।- फाइल फोटो

  • मरियम और उनकी पार्टी कार्यकर्ताओं पर भड़काऊ भाषण देने का आरोप है, पुलिस का कहना है मरियम लोगों को पाकिस्तान के खिलाफ भड़काए गए हैं
  • इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने सोमवार को कहा- नवाज के भाषणों पर रोक नहीं लगाई जा सकती, राजनीतिक भाषणों से पाकिस्तान को नहीं

पाकिस्तान की पुलिस ने देश के पूर्व प्रधान नवाज शरीफ की बेटी और विपक्षी नेता मरियम नवाज पर देशद्रोह का मामला दर्ज किया। मरियम की पार्टी पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) के 44 कार्यकर्ताओं को भी आरोपी बनाया गया है। मरियम और उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं पर भड़काऊ भाषण देने का आरोप है। पुलिस का कहना है कि उन्होंने अपने भाषण में लोगों से पाकिस्तान को आंतरिक स्तर पर अलग-थलग करने की बात कही। कहा कि पाकिस्तान में कानून व्यवस्था पूरी तरह से विफल हो गई है।

इस बीच इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने सोमवार को पाकिस्तान में नवाज के भाषणों पर रोक लगाने की मांग करने वाली याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि राजनीतिक मामलों में कोर्ट के संवैधानिक अधिकारों का इस्तेमाल सही नहीं होगा। देश के लोगों को अपने चुने हुए मंत्रियों के माध्यम से पाकिस्तान के हितों की रक्षा कर सकते हैं। सिर्फ किसी के राजनीति भाषण देने से पाकिस्तान को नहीं हो सकता।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए भाषण दे रहे हैं नवाज

70 साल के नवाज का लंदन में पिछले साल नवंबर से इलाज चल रहा है। कोर्ट की ओर से बार-बार समन भेजे जाने के बाद भी नवाज पेश नहीं हुए। यह देखता है कि उन्हें भगोड़ा घोषित कर दिया जा चुका है। ऐसे में नवाज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पार्टी कार्यकर्ताओं से बात करते हैं। उनकी पार्टी ने आठ इमरान सरकार के खिलाफ मुहीम शुरू करने के लिए सात दूसरी पार्टियों के साथ पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट (पीडीएफएम) बनाया है। इसकी कई बैठक में भी वे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शामिल हुए हैं। अपने भाषणों में सरकार में सेना के दखल का मुद्दा उठाने की वजह से उनके भाषणों पर रोक लगाने की कोशिश की जा रही है।

11 अक्टूबर को पीडीएम की पहली रैली होगी

इस बीच पीडीएफएम ने कहा है कि सरकार के खिलाफ इसकी पहली रैली 11 अक्टूबर को क्वेटा में होगी। पीडीएफएमवीक्षी भागों के सांसदों को सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए भी मनाने में जुटा है। इसके साथ ही सरकार पर दबाव बनाने के लिए विपक्षी सांसद एक साथ रिजफा भी दे सकते हैं। देश की राजनीति में सेना के दखल को लेकर विपक्षी पार्टियां नाराज हैं। इस रैली से पहले गठबंधन में शामिल लोगों को या फिर गिरफ्तार किया जा रहा है या उनपर गंभीर मामले दर्ज कराए जा रहे हैं।





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By GAUTAM

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