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कुआलालंपुर20 मिनट पहले

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मलेशिया की मरील इंफोर्समेंट एजेंसी ने शुक्रवार से अपने समुद्री क्षेत्र में पैट्रोलिंग का ऑपरेशन किया है। फोटो एजेंसी के कब्जे में ली गई चीन की एक नाव की.- फाइल फोटो

  • मलेशिया की मरीन एजेंसी ने जोहोर की खाड़ी में दो अलग-अलग स्थानों पर चीन की नावों को देखने के बाद कार्रवाई की
  • हर एक गिरफ्तार चीनी नागरिक को मर्चेंट शिपिंग ऑर्डिनेंस के तहत 17 लाख रु। तक का दर्द भरना पड़ सकता है

मलेशिया ने दक्षिण बालना सी में चीन को चुनौती दी है। मलेशिया की मैरीरीन इंफोर्समेंट एजेंसी (एमएमईए) ने चीन की 6 मछली पकड़ने वाले नावों को बाहर निकालना ली। ये नावें मलेशिया की समुद्री सीमा में स्थित जोहोर की खाड़ी में अवैध कानूनी तरीके से घुस आई थी। इन पर सवार 60 चीनी नागरिकों को भी हिरासत में ले लिया गया है।

एमएमईए के तनुजुंग सिडिल ज़ोन के डायरेक्टर कैप्टन मोहम्मद जुल्लाहक नयन ने कहा कि एजेंसी शुक्रवार को अपने समुद्री क्षेत्र में ऑपरेशन चला रही थी। इस दौरान दो अलग-अलग स्थानों पर इन नौकाओं को देखा गया। इसके बाद कार्रवाई की गई।

हर क्रूर मेम्बर पर लग सकता है 17 लाख रु। का जी

मलेशिया के अफसर ने कहा- जोहोर पोर्ट अथॉरिटी से हमें कुछ नौकाओं के हमारी सीमा में टाइपिंग की जानकारी मिली थी। हमारे पैट्रोलिंग दस्ते ने 2 से तीन नॉटिकल मील की दूरी पर उन्हें देखा। इनमें से तीन नौकाएँ एक दूसरे के पास ही चक्कर लगा रहीं थीं। इन पर 6 कैप्टन और 54 क्रू मेम्बर सवार थे। सभी चीन के नागरिक हैं और उनकी उम्र 31 से 60 के बीच है। इन पर मर्चेंट शिपिंग ऑर्डिनेस के तहत मामला दर्ज किया गया है। ऐसे मामलों में सभी क्रूर मेम्बर्स पर लगभग 17 लाख रु। का दर्द हो सकता है या जेल हो सकती है।

दक्षिण चाइना सी के कई इलाकों पर मलेशिया का दावा है

मलेशिया भी दक्षिण चीन सागर के कुछ क्षेत्रों पर अपना दावा करता है। उसका तर्क है कि इस सागर का कुछ क्षेत्र उनके इकोनमिक एक्सक्लूजन जोन्स में आता है। इस इकोनॉमिक एक्सक्लूजन जोन्स का निर्धारण 1982 में ेश यूनाइटेड नेशन्स कनवेंशन अन द लॉ ऑफ द सी ’में किया गया है। हालाँकि, चीन मलेशिया के इन दावों को नहीं मानता है। चीन के जहाज कई बार मलेशिया से सटे समुद्री क्षेत्र में प्रवेश कर चुके हैं। इस क्षेत्र में चीन मलेशिया के साथ ही वियतनाम, फिलीपिंस, ताइवान, इंडोनेशिया और वियतनाम जैसे देशों के लिए भी कठिनाईें पैदा होंगी।





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By GAUTAM

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