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पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के साथ हुई वीडियो कांफ्रेंस के बाद सक्रिय हुई कांग्रेस बिहार में अब अपने दम पर चुनाव की रणनीति बनाने की ओर बढ़ने लगी है। पार्टी के बिहार प्रभारी और प्रभारी सचिवों की जल्द बैठक होने वाली है, जिसमें पार्टी के स्थानीय नेता चुनावी रणनीति पर मंथन करेंगे।

स्थानीय नेताओं के साथ विमर्श करेंगे केंद्रीय नेता
बिहार कांग्रेस के प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल, दोनों सचिव वीरेंद्र सिंह राठौर और अजय कपूर दो दिनों के अंदर बिहार आने वाले हैं। ये नेता सहयोगियों के बगैर आगामी चुनाव में उठाए जाने वाले मुद्दों और सरकार पर हमला बोलने की रणनीति पर स्थानीय नेताओं के साथ विमर्श करेंगे।

आरजेडी के रवैये को देख तैयारी में जुटी कांग्रेस
सूत्र बताते हैं कि पार्टी को उम्मीद थी कि जुलाई के पहले सप्ताह में महागठबंधन (Mahagathbandhan) की संयुक्त बैठक में चुनावी मुद्दों पर चर्चा होगी। किंतु अब तक महागठबंधन (Grand Alliance) के प्रमुख सहयोगी राष्‍ट्रीय जनता दल (RJD) की ओर से न तो कांग्रेस को बैठक के संबंध में कोई इशारा किया गया है न ही निकट भविष्य में बैठक की कोई आधिकारिक जानकारी ही दी गई है। आरजेडी के इस ढुलमुल रवैये को देखते हुए कांग्रेस अपनी तैयार में जुटी है।
पार्टी में पहले से बना लेना चाहते सहमति

पार्टी सूत्र बताते हैं कि अंदरुनी बैठक का एक वजह यह भी है कि महागठबंधन के सहयोगियों की संयुक्त बैठक के पूर्व पार्टी अपने लोगों के बीच मुद्दों, सीट और रणनीति पर सहमति बना लेना चाहती है। ताकि, लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Election) में जिस प्रकार आरजेडी ने कांग्रेस को धोखे में रख 11 सीट और नौ सीट का खेल खेला, वैसी स्थिति का सामना ना करना पड़े।
विपरीत स्थितियाें के लिए भी पहले से तैयार

बिहार कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि हम अकेले चुनाव लड़ने की अपेक्षा संयुक्त रूप से चुनाव लड़ने के पक्ष में हैं, लेकिन इसके पूर्व कांग्रेस के स्थानीय नेताओं और केंद्रीय टीम के सदस्यों से फीडबैक आवश्यक है, ताकि विपरीत स्थितियां पैदा हों तो पार्टी पहले से इसके लिए तैयार रहे।



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