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ऑकलैंड11 मिनट पहले

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चीन में आज आम चुनाव के लिए मतदान हो रहा है। मुख्य मुकाबला दो महिलाओं के बीच है। प्रधान जेसिंडा आर्डर्न (40) को चुनौती दे रहे हैं 61 साल की ज्यूडिथ कोलिन्स। लेबर पार्टी की जेसिंडा 2017 में पीएम बनीं थीं। इस आम चुनाव को मीडिया कोरोना इलेक्शन भी कह रहा है। जेसिंडा की अगुआई में न्यूजीलैंड ने कोविड -19 को ओवर करने में महत्वपूर्ण कामयाबी पाया। गुरुवार को यहां एक भी एक्टिव केस नहीं था। यहां हम न्यूजीलैंड चुनाव से जुड़ी महत्वपूर्ण बदलाव दे रहे हैं।

कितनी पार्टियां हिस्सा ले रही हैं?
पाँच मुख्य पक्ष हैं। ये हैं- लेबर पार्टी (जेसिंडा आर्डर्न), नेशनल पार्टी (ज्यूडिथ कोलिन्स), न्यू फर्स्ट (विन्सटन ड्रेसिंग), ग्रीन पार्टी (जेम्स शॉ) और एसीटी टीवी (डेविड सेमोर)।

वोट कौन दे सकता है और क्या दांव अनिवार्य है?
न्यूजीलैंड का कोई भी नागरिक जो 18 साल की उम्र पूरी कर चुका हो, मतदान कर सकता है। यहां वोटिंग अनिवार्य है। जिसको वोटिंग का अधिकार है, वह चुनाव भी लड़ सकता है।

चीन में राजशाही है, फिर चुनाव क्यों होते हैं?
लिखा नहीं है ब्रिटेन की महारानी क्वीन एलिजाबेथ (द्वितीय) ही देश की सर्वोच्च शासक यानी हेड ऑफ द स्टेट हैं। उनकी उपस्थिति के रूप में यहां गवर्नर जनरल होते हैं। क्वीन या गवर्नर जनरल का राजनीति से कोई ताल्लुक नहीं होता। ये सिर्फ राजकीय स्पर्धाओं के परिप्रेक्ष्य में आते हैं।

मतदाता दो वोट क्यों इस्तेमाल करता है?
टीवी में एमएमपी (मिक्स्ड इनबर प्रपोर्शनल) सिस्टम है। मतदाता एक वोट पसंदीदा पार्टी और दूसरा कैंडिडेट को देता है। कैंडिडेटिव जलनिकासी भी हो सकती है।

बहुमत के लिए कितनी सीट जरूरी हैं?
कुल 120 संसदीय कार्यक्रम हैं। बहुमत के लिए 61 आवश्यक हैं।

यहां गठबंधन सरकारें ही क्यों बनती हैं?
इसका 1996 में लागू हुआ एमएमपी सिस्टम है। तब से कोई भी पार्टी 50% वोट या 61 प्रतिशत हासिल नहीं कर पाई। लिहाजा, गठबंधन सरकारें बनती रहीं। गठबंधन को लिखित में समर्थन के बिंदू बताने होते हैं। इससे वे मुकर नहीं सकते। इसलिए गठबंधन नहीं टूट रहा है।

जेसिंडा को आसान जीत और पूर्ण बहुमत मिलेगा?
ज्यादातर डेवलपर में जेसिंडा को आसान जीत मिलती दिख रही है। कहा जा रहा है कि उन्हें 44% वोट और 59 वोट मिलेंगी। लेकिन, बहुमत के लिए 50% वोट और 61 सीटें चाहिए। ऐसे में उन्हें गठबंधन सरकार ही बनानी होगी। नेशनल पार्टी को 33% वोट मिल सकते हैं।

दुनिया में तारीफ फिर बहुमत से दूरी की आशंका क्यों?
कोविड -19 को ओवर में करने के बाद जेसिंडा आर्डर्न की दुनिया में तारीफ हुई। हालांकि, देश में उन पर चुनावी वादे पूरे न करने के आरोप लगे। उन्होंने सस्ते घर उपलब्ध कराने का वादा किया था। इसे उन्होंने पूरा नहीं किया। बच्चों की दशा सुधारने में भी आर्डर्न विफल रही।

जेसिंडा आर्डर्न / ज्यूडिथ कोलिन्स
जेसिंडा 17 साल की उम्र में ही राजनीति में आ गए। 2008 में पहली बार सांसद बनीं। 37 साल में पीएम बनीं। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर और न्यू की पीएम हेलन क्लार्क की स्टाफर बने रहे। ऑकलैंड में पार्टनर क्लार्क गेफोर्ड, बेटी और बिल्ली के साथ रहते हैं।

61 साल की ज्यूडिथ कोलिन्स पेशे से वकील हैं। इसके अलावा एक बड़ी कंपनी की डायरेक्टर हैं। 2002 में पहली बार संसद पहुंची। कानूनी सुधार यानी ज्यूडिशियल रिफॉर्म्स के मामले में उनकी बात को जेसिंडा भी तवज्जो देती हैं। नेशनल पार्टी ने उन्हें सिर्फ तीन महीने पहले अपना पीएम कैंडिडेट घोषित किया था।





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By GAUTAM

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