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  • एसटीएफ ने इस बात की जानकारी जुटाई कि जब पुलिस टीम बिकरु गांव में दबिश देने के लिए पहुंची थी तब गांव में बिजली आ रही थी या नहीं
  • पूछताछ में पता चला कि दबिश के दौरान गांव में बिजली नहीं आ रही थी, बस एक सोलर लाइट विकास दुबे के घर के बाहर जला दिया गया था

दैनिक भास्कर

जुलाई 05, 2020, 09:30 अपराह्न IST

कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर के बिकरु गांव में गुरुवार रात मुठभेड़ में 8 पुलिसवाले मारे गए थे। पुलिस की जांच में इस बात का खुलासा हुआ है कि मुठभेड़ से पहले चौबेपुर स्थित शिवली सब स्टेशन पर फोन करके गांव की बिजली काट दी गई थी। इसकी पुष्टि एक बिजली कर्मचारी ने की है। कर्मचारी का कहना है कि उसके पास फोन आया था- ु बिकरु गांव के पास लाइन खराब हो गई है। उसे ठीक करना है। ‘इसके बाद बिजली काट दी गई थी।

हस्तक्षेप में यह बात सामने आई है कि घटना होने के बाद जब दोबारा पुलिस टीम जा रही थी तब बिजली काटने के लिए एसओ विनय तिवारी ने बिजली विभाग को फोन करके बिजली काटने के लिए कहा, क्योंकि बदमाश बिजली की रोशनी में निशाना लगाकर मार रहे थे। इसलिए काटने के लिए बोला था।

इससे पहले पुलिस सूत्रों ने बताया, चौबेपुर थाने में तैनात एक सिपाही ने शिवली सब स्टेशन पर फोन किया था। ये सिपाही बिकरु गांव का बीट कॉस्टेबल भी है। बीट सिपाही गांव की एक-एक गली और रास्ते से वाकिफ था। गुरुवार को हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे के घर पर दबिश देने गई पुलिसकर्मियों को इस बात का अंदाजा नहीं था कि वे इतनी बड़ी साजिश का शिकार हो जाएंगे।

बिजली विभाग ने फोन करने वाले सिपाही का नंबर दिया
सीओ रसूलाबाद ने शनिवार को शिवली सभाओं के एसएसओ, लाइनमैन और जेई से पूछताछ की। उन्होंने बताया कि चौबेपुर पावर स्टेशन का परिचय देकर एक व्यक्ति का फोन आया था। उन्होंने कहा कि बिकरु गांव की लाइन खराब हो गई है। गांव की सप्लाई बंद कर दीजिए। पुलिस को फोन करने वाले का मोबाइल नंबर भी दिया गया। जांच की गई तो पता चला कि यह नंबर चौबेपुर थाने के सिपाही का है। एसटीएफ अब उस सिपाही से हस्तक्षेप कर रही है।

सिर्फ विकास के घर के बाहर सोलर लाइट जल रहा था
एसटीएफ और पुलिस टीम की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, चौंकाने वाले खुलेसे हो रहे हैं। एसटीएफ ने इस बात की जानकारी जुटाई कि जब पुलिस टीम बिकरु गांव में दबिश देने के लिए पहुंची थी तब गांव में बिजली आ रही थी या नहीं। पूछताछ में पता चला कि दबिश के दौरान गांव में बिजली नहीं आ रही थी। पूरे गांव में अंधेरा छाया था। सिर्फ एक सोलर लाइट विकास दुबे के घर के बाहर जल रहा था। इसकी वजह से पुलिसकर्मियों को छतों पर छिपे बदमाशों का मूवमेंट नहीं दिख रहा था।

शक के घेरे में चौबेपुर पुलिस थी
हिस्ट्रीशीटर विकास को इस बात की जानकारी थी कि पुलिस की टीमें दबिश देने के लिए आ रही हैं। विकास ने अपने साथियों के साथ मिलकर पुलिस पर हमले का प्लान ताया कर लिया था ।वासियों को पुलिस के हर मुहवमेंट की जानकारी रही थी। तब तक यह सूचना किस तक पहुंच रही थी, इसकी जांच चल रही है। चौबेपुर पुलिस शुरू से ही शक के घेरे में थी। सूत्रों के मुताबिक, दबिश के दौरान चौबेपुर एसओ और सिपाही सबसे पीछे थे।





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