Share this


  • हिंदी समाचार
  • अंतरराष्ट्रीय
  • सऊदी अरब इज़राइल | अमेरिकी आग्रह सऊदी अरब ने संयुक्त अरब अमीरात {संयुक्त अरब अमीरात} और बहरीन के नक्शेकदम पर इसराइल के साथ संबंधों को सामान्य बनाने के लिए।

वॉशिंगटन4 घंटे पहले

बुधवार को इलेक्ट्रॉनिक्सटन में सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल के साथ अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो। पोम्पियो ने साफ कर दिया कि अमेरिका चाहता है कि इजराइल और सऊदी अरब भी अब कूटनीतिक संबंध बहाल करें।

  • सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान इन दिनों अमेरिका दौरे पर हैं
  • सऊदी अरब और अमेरिका मिलकर ईरान पर कब्ज़ा करने की कोशिश कर रहे हैं

अमेरिका खाड़ी देशों और इजराइल के बीच अमन पुरस्कार की कोशिशों के रास्ते पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। यूएई और बहरीन के बाद अब सऊदी अरब भी इजराइल के साथ शांति समझौते कर सकता है। अमेरिका में कार्पसिटी कर रहा है। सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल इन दिनों अमेरिका के दौरे पर हैं। बुधवार रात उन्होंने अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो से मुलाकात की। इसके बाद दोनों नेता मीडिया से रूबरू हुए।

पोम्पियो की सीधी बात
अमेरिका और सऊदी के बीच इजराइल को लेकर बातचीत चल रही है। इस मसले को पोम्पियो ने साफ तौर पर माना था। कहा- हम चाहते हैं कि यूएई और बहरीन की तरह सऊदी अरब भी इजराइल के साथ कूटनीतिक संबंध कायम करे। हमें पूरी उम्मीद है कि सऊदी सरकार इस बारे में गंभीरता से विचार कर रही है। हम यह उम्मीद भी करते हैं कि सऊदी अरब फिलिस्तीनी नेताओं को इजराइल से बातचीत के लिए तैयार करेगा।

ट्रम्प की कोशिश
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प खाड़ी देशों और इजराइल के बीच कूटनीतिक संबंध कायम रखने की कोशिशों में जुटे हैं। यूएई, बहरीन और कतर ऐसा कर चुके हैं। लेकिन, सऊदी अरब के बिना यह कोशिश अधूरी है। ट्रम्प इसे अब्राहम अकॉर्ड कहते हैं। इसका मकसद मध्य-पूर्व यानी मिडल ईस्ट में अमन इंडिया है। इजराइल ने भी अपना रुख नर्म किया है। यूएई से समझौते के बाद इजराइल की नेतन्याहू सरकार ने वेस्ट बैंक में यहूदी को बसाने का मिशन कुछ देर के लिए टाल दिया।

ईरान के अधीन बनाने की रणनीति
एक ओर चीन है जो ईरान को अपने पाले में करने की कोशिश कर रहा है। ईरान यमन के विद्रोहियों की मदद कर रहा है। ये सऊदी अरब की सीमा से लगे हुए क्षेत्रों में हमले कर रहे हैं। अब अमेरिका इजराइल और सऊदी अरब को साथ लाकर ईरान पर दबाव बनाना चाहता है। उसने परमाणु हथियार कार्यक्रम को लेकर ईरान पर नए प्रतिबंध भी लगाए हैं। दूसरी ओर, सऊदी अरब से नए हथियारों का समझौता भी किया जा रहा है। इजराइल और सऊदी अरब के बीच समझौता होता है तो ईरान के साथ ही चीन पर भी दबाव बढ़ेगा।





Source link

By GAUTAM

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *