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PATNA : बिहार विधानसभा में आधी आबादी की 11.7 फीसद की हिस्सेदारी है. 240 में से महिला विधायकों की संख्या 28 है. इसमें सबसे अधिक चर्चा में रहती हैं खगड़िया से जेडीयू विधायक पूनम यादव. पूनम यादव सबसे अमीर विधायकों की सूची में टॉप पर हैं, तो वहीं अपने व्यक्तिगत जीवन को लेकर भी फेमस हैं. पूनम की सगी बहन कृष्णा उनकी सौतन हैं. कृष्णा भी राजनीति में सक्रिय हैं. खास बात ये है कि पूनम के पति दोनों के लिए सियासी रणनीति तैयार करते हैं. खगड़िया विधानसभा से दो बार की विधायक पूनम यादव जेडीयू में सक्रिय हैं. वह बिहार की सबसे अमीर विधायक हैं. 2015 के विधानसभा चुनाव में दाखिल पूनम यादव के चुनावी हलफनामे में उनके पास कुल 41 करोड़ 34 लाख 45 हजार 969 रुपये की संपत्ति है. 2010 के बाद पांच वर्षों में उनकी संपत्ति में भारी इजाफा हुआ. 2010 की बात करें, तो उनके पास महज 1 करोड़ 87 लाख 71 हजार 624 रुपये की संपत्ति थी. हलफनामे के मुताबिक उनके पास कुल 35 करोड़ रुपये की खेती की जमीन है. यह संपत्ति 2015 की है. माना जा रहा है कि इस बार फिर पूनम यादव को टिकट ​मिलता है, तो 2020 में दाखिल होने वाले हलफनामे में उनकी संपत्ति में और इजाफा देखने को मिल सकता है.

खगड़िया विधायक पूनम यादव के पति का नाम रणवीर यादव है. रणवीर यादव पर नरसंहार का आरोप है, जिसमें दोषी करार दिए जाने के बाद वह चुनाव नहीं लड़ सकते हैं. उनकी पहचान बाहुबली नेता के रूप में है. 1990 में रणवीर यादव निर्दलीय चुनाव लड़कर विधायक बने थे. उसके बाद रणवीर ने अपनी पत्नी को चुनावी मैदान में उतारा. खास बात ये भी है कि रणवीर की दूसरी पत्नी कृष्णा यादव कोई और नहीं, बल्कि पूनम यादव की सगी बहन हैं. दोनों बहनें घर में साथ-साथ रहती हैं, लेकिन सियासी मैदान में अलग-अलग दल से उतरती हैं. कृष्णा यादव अभी राष्ट्रीय जनता दल में हैं. लोकसभा चुनाव में पार्टी विरोधी गतिविधियों की वजह से उन्हें निलंबित कर दिया था, लेकिन अगस्त 2020 में कृष्णा यादव की फिर से आरजेडी में एंट्री हो गई.

बाहुबली रणवीर यादव की पत्नी पूनम यादव और कृष्णा यादव एक ही घर में रहती हैं. माना जा रहा है कि 2020 में जेडीयू एक बार फिर से पूनम यादव पर खगड़िया से दांव लगा सकती है, तो वहीं आरजेडी में कृष्णा की एंट्री के बाद जिले की किसी विधानसभा सीट से उनके चुनाव मैदान में आने की चर्चा है. यदि ऐसा होता है, तो एक ही घर से दो प्रत्याशी होंगे, लेकिन दोनों की पार्टियां अलग अलग होंगी. रणवीर यादव वर्ष 2012 में चर्चा में आए. हुआ कुछ ये कि 2010 में सत्ता में वापसी के बाद नीतीश कुमार ने 2012 में अधिकार यात्रा शुरू की थी. उनकी यात्रा खगड़िया पहुंची, जहां नीतीश की सभा के दौरान स्थानीय लोगों ने विरोध शुरू कर दिया है, इस दौरान वहां पहुंचे रणवीर यादव ने पुलिसकर्मी की कार्बाइन छीन कर फायरिंग कर दी थी. वीडियो सोशल मीडिया पर आने के बाद नीतीश कुमार की काफी फजीहत हुई. बाद में तत्कालीन जेडीयू अध्यक्ष शरद यादव ने रणवीर यादव को क्लीनचिट दे दी.



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