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राजनाथ सिंह ने अमरनाथ मंदिर का किया दौरा, CDS रावत और सेना प्रमुख भी रहे मौजूद
लुकुंग से चीन को कड़ा संदेश भेजने के एक दिन बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह बाबा बर्फानी का दर्शन करने अमरनाथ मंदिर पहुंचे। इस दौरान उनके साथ चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत और सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवाने भी मौजूद रहे। उन्होंने यहां मंदिर परिसर में लगभग एक घंटा बिताया।

गौरतलब है कि रक्षा मंत्री दो दिन के लद्दाख व जम्मू और कश्मीर के दौरे पर हैं। इससे पहले उन्होंने शुक्रवार को वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर चीनी अतिक्रमण से जुड़े विवाद के बीच भारत की जवाबी रणनीतिक तैयारी का चीन को संदेश देने के लिए लेह-लद्दाख के लुकूंग सैन्य चौकी का दौरा किया। रक्षा मंत्री ने चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत और सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवाने के साथ लेह-लद्दाख पहुंचकर जहां अग्रिम मोर्चो पर तैनात सैनिकों का मनोबल बढ़ाया वहीं चीन को यह संदेश भी दिया कि बातचीत से हल निकालना ही दोनों देशों के हित में है।
दुनिया की कोई ताकत भारत की एक इंच जमीन पर कब्जा नहीं जमा सकती

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लेह पहुंचकर सैनिकों से रूबरू होते हुए चीन को सीमा विवाद को लेकर बेहद कड़ा संदेश देते हुए कहा कि दुनिया की कोई ताकत भारत की एक इंच जमीन पर कब्जा नहीं जमा सकती। उन्होंने बेबाक रूख अपनाते हुए कहा कि अभी तक हुई बातचीत से हल की उम्मीद है। मगर विवाद का किस हद तक समाधान निकलेगा, इसकी गारंटी नहीं दे सकते। उन्होंने यह भी कहा कि सैन्य ताकत के सहारे एलएसी को नए सिरे से परिभाषित करने की चीन की किसी हरकत का माकूल जवाब देने के लिए भारत न केवल तैयार है, बल्कि सक्षम भी है।

भारत ने वसुधैव कुटुंबकम का संदेश दिया है- राजनाथ

लुकूंग सैन्य चौकी पर जवानों को संबोधित करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत दुनिया का एकमात्र देश है जिसने सारे विश्व को शांति का संदेश दिया है। हमने कभी किसी भी देश पर आक्रमण नहीं किया है और न ही किसी देश की जमीन पर हमने कब्जा किया है। भारत ने वसुधैव कुटुंबकम का संदेश दिया है।

दूसरे विकल्पों से हिचकेंगे नहीं

एलएसी पर अतिक्रमण को लेकर चीन से जारी तनाव और विवाद की चर्चा करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा, ‘जो कुछ भी अब तक बातचीत की प्रगति हुई है, उससे मामला हल होना चाहिए। कहां तक हल होगा, इसकी गारंटी नहीं दे सकता। लेकिन इतना यकीन जरूर दिलाना चाहता हूं कि भारत की एक इंच जमीन भी दुनिया की कोई ताकत छू नहीं सकती, उस पर कोई कब्जा नहीं कर सकता।’ रक्षामंत्री ने स्पष्ट रूप से इस बयान के जरिये चीन को कड़ा संदेश दिया है कि सीमा विवाद का हल बातचीत से नहीं निकला तब भारत दूसरे विकल्पों के लिए भी तैयार होने से नहीं हिचकेगा।



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