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  • राष्ट्रपति ट्रम्प का आरोप था- डब्ल्यूएचओ समय पर कोरोनावायरस की जरूरी सूचना देने में नाकाम रहा है
  • ट्रम्प ने डब्ल्यूएचओ पर चीन के प्रति नरमी बरतने का भी आरोप लगाया था, डब्ल्यूएचओ ने आरोप खारिज कर दिया था

दैनिक भास्कर

जुलाई 04, 2020, 12:44 PM IST

जेनेवा। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कोरोनावायरस बीमारी के शुरू होने के बारे में एक नया दावा किया है। उसका कहना है कि वुहान में निमोनिया के मामलों को लेकर पहली जानकारी चीन ने नहीं दी, बल्कि वहां स्थित डब्ल्यूएचओ के कार्यालय ने दी। स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि कोरोनावायरस पर चीन की पहली रिपोर्ट 20 अप्रैल को आई थी, जबकि डब्ल्यूएचओ वुहान में वायरल निमोनिया फैलने की जानकारी 31 दिसंबर को ही दे चुकी थी।

डब्ल्यूएचओ ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के आरोपों को भी खारिज कर दिया। ट्रम्प ने डब्ल्यूएचओ पर महामारी रोकने के लिए आवश्यक जानकारी देने में नाकाम रहने और चीन के प्रति नरम रुख अपनाने का आरोप लगाया।

डब्ल्यूएचओ ने 9 अप्रैल को जानकारी दी थी
महामारी को लेकर डब्ल्यूएचओ ने टाइमलाइन 9 अप्रैल को जारी की थी। वहाँ उन्होंने सिर्फ इतना कहा था कि हुबेई प्रांत के वुहान शहर के स्वास्थ्य आयोग ने 31 दिसंबर को निमोनिया के मामलों की जानकारी दी थी। हालाँकि, इसमें यह स्पष्ट नहीं किया गया था कि जानकारी किसी चीनी अधिकारी ने दी या कहीं और से पता चली।

31 दिसंबर को वायरल निमोनिया की जानकारी दी गई थी
डब्ल्यूएचओ के निदेशक टेड्रॉस ऐडहॉनम गेब्रिएसस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि चीन से पहली रिपोर्ट 20 अप्रैल को आई थी। उन्होंने कहा कि इसमें इस बात का जिक्र भी नहीं था कि यह रिपोर्ट चीन के अधिकारियों ने भेजी है या किसी अन्य स्रोतों की ओर से, लेकिन डब्ल्यूएचओ ने इस सप्ताह एक नई क्रोनोलॉजी जारी की है, जिसमें इन घटनाओं के बारे में विस्तार से बताया गया है। है। इसमें यह संकेत दिया गया है कि चीन में स्थित डब्ल्यूएचओ के कार्यालय ने 31 दिसंबर को नि वायरल निमोनिया ‘के बारे में सूचना जारी की थी।





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By GAUTAM

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