Share this


बिहार में कोरोना की बढ़ती रफ्तार ने राज्य सरकार को चिन्ता में डाल दिया है, प्रतिदिन एक हजार से ज्यादा नए मरीज मिल रहे हैं, जिसके कारण राज्य सरकार एक बार फिर से पूर्ण लॉकडाउन की तैयारी कर रही है। मंगलवार को सरकार ने आलाधिकारियों की बैठक बुलाई है। इसमें राज्य में बढ़ते कोरोना के मामलों की समीक्षा होगी और अंतिम तौर पर लॉकडाउन पर सहमति बनाई जाएगी।

जुलाई में तेजी से बढ़ रही है कोरोना की रफ्तार
राज्य में पिछले कुछ दिनों में कोरोना के मामले राज्य स्तर पर तेजी से बढ़े हैं। जून महीने में जहां एक दिन में पॉजिटिव केस मिलने की रफ्तार दो से ढ़ाई सौ थी उसने जुलाई महीने में रफ्तार पकड़ ली। यह रफ्तार अब रोज 11 सौ से 12 सौ केस तक पहुंच चुकी है। लगातार बढ़ते मामलों को देखते हुए सात जुलाई को मुख्य सचिव दीपक कुमार ने जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंस कर निर्देश दिए कि डीएम अपने-अपने क्षेत्र में कोरोना के बढ़ते मामलों का आकलन करें और आवश्यकता के आधार पर आंशिक लॉकडाउन का निर्णय लें। मुख्यसचिव के निर्देश के बाद पहले भागलपुर इसके बाद 10 जुलाई से पटना में आंशिक लॉकडाउन लागू किया गया। अगले ही दिन करीब 15 जिलों में आंशिक लॉकडाउन लगा दिया गया।
बिहार ने अब लॉकडाउन में कठोर कदम उठाने का लिया है फैसला

अब सरकार ने लॉकडाउन को लेकर कठोर कदम उठाने का फैसला किया है। सरकार राज्य में पूर्ण लॉकडाउन पर मंथन कर रही है। मंगलवार को अधिकारियों के साथ इस बिंदु पर समीक्षा होगी। इसके बाद पूरे प्रदेश में एक साथ लॉकडाउन लगाया जा सकता है। राज्य के मुख्य सचिव दीपक कुमार ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि सरकार पूर्ण लॉकडाउन पर विचार कर रही है। मंगलवार तक इस संबंध में कोई अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
पहली बार बिहार सरकार ने 23 मार्च को ही कर दिया था लॉकडाउन

बता दें कि प्रदेश में पहली बार राज्य सरकार ने 23 मार्च की रात से लॉकडाउन प्रभावी किया था। इसके बाद केंद्र सरकार ने राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन किया। जिसकी मियाद दो बार बढ़ाई गई। देश के साथ-साथ बिहार में भी 31 मई तक लॉकडाउन रहा। इसके बाद एक जून से अनलॉक 1.0 और जुलाई से अनलॉक 2.0 प्रभावी किया गया। अनलॉक शुरू होने के साथ ही कोरोना के मामले तेजी से बढऩे लगे। जिसके बाद प्रदेश के कुछ जिलों में आंशिक लॉकडाउन किया गया। जिसे अब पूर्ण लॉकडाउन में बदलने की तैयारी है।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *