Share this


PATNA : बिहार में कोरोना के चलते लगाए गए लॉकडाउन के विरोध में लखीसराय जिले में मंगलवार की सुबह शहर के दुकानदार सड़क पर उतर गए। दुकानदारों ने सरकार और जिला प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और शहर की मुख्य सड़कों को दो अलग-अलग समय पर दो जगहों पर जाम कर दिया। दुकानदारों के मुताबिक लगातार लॉकडाउन से आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है। लॉकडाउन को लेकर सरकार पर बेहद आक्रोशित दुकानदार मंगलवार की सुबह नया बाजार के पचना रोड तीनबटिया पर पचना रोड और नया बाजार के 200 से अधिक दुकानदार एकजुट हुए और बांस बल्ला लगाकर सड़क को जाम कर दिया। करीब 8:30 बजे शुरू हुआ जाम 9:40 पर समाप्त हुआ। दुकानदारों ने कहा कि 6 महीने से जिले में लगातार कभी केंद्र, कभी राज्य, तो कभी जिला प्रशासन के द्वारा लॉकडाउन लगाया जा रहा है। लॉकडाउन में सिर्फ किराना और दवा दुकानदारों को ही खोलने की इजाजत दी जा रही है। दुकानदारों ने कहा कि यदि अन्य दुकानें खुलेगी ही नहीं तो उनके पास भोजन और दवा खरीदने के पैसे कहां से आएंगे। उन लोगों के परिवारों की आर्थिक स्थिति बदतर हो गई है।

भुखमरी से बचने के लिए अगर थोड़ी देर के लिए दुकान खोली जाती है, तो पुलिस वाले टॉर्चर करते हैं। कभी लाठियां बरसाई जाती है तो कभी दुकानों को सील कर दिया जाता है। सड़क जाम की सूचना पर पहुंची कवैया पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद दुकानदारों को समझा-बुझाकर जाम को समाप्त कराया। दुकानदारों से अपील की गई कि उनकी जो भी समस्याएं हैं वह वरीय पदाधिकारियों से जाकर मिल कर अपनी शिकायतें रखें। इस पर दुकानदार राजी हुए और डीएम से मिलने की बात कहीं। इधर जाम खत्म होने के 15 मिनट बाद पुरानी बाजार में भी दुकानदारों ने नगर परिषद के पास सड़क को जाम कर दिया। यहां भी दुकानदार सभी तरह की दुकानें खोलने की मांग कर रहे थे। दुकानदारों का अनुरोध था कि कम से कम 5 घंटे सभी दुकानें खोलने की इजाजत दी जाए। दुकानदारी नहीं हो पाने की वजह से उन लोगों के समक्ष आर्थिक तंगी की स्थिति बन रही है। यदि यही हाल रहा तो वे लोग और उनके परिवार को भूखा रहना पड़ेगा।

दो अलग-अलग जगहों पर दो समयों में जाम होने की वजह से सैकड़ों वाहन फंसे रहे। वाहनों पर सवार यात्रियों को भी खासा परेशानियों का सामना करना पड़ा। नया बाजार में जाम समाप्त हुआ, तो पुराना बाजार में कुछ बाइकर्स ने जाम से निकलने की कोशिश की तो उन्हें दुकानदारों के कोपभाजन का शिकार होना पड़ा।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *